कर्नाटक LIVE: कुमारस्वामी ने कहा - गिराने की तमाम कोशिशों के बाद भी चलती रहेगी JDS-कांग्रेस की सरकार

कर्नाटक के बागी विधायकों से मिलने के बाद स्पीकर रमेश कुमार ने प्रेस वार्ता की.गुरुवार रात सीएम कुमारस्वामी ने जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन पर ट्वीट किया. यहां पढ़ें Karnataka संकट पर Live Updates:-

News18Hindi
Updated: July 11, 2019, 11:36 PM IST
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Updated: July 11, 2019, 11:36 PM IST
सुप्रीम कोर्ट,  कर्नाटक के विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी. रमेश कुमार ने बागी कांग्रेस-जद (एस) के विधायकों द्वारा दिए गए इस्तीफे पर फैसला करने के लिए  अधिक समय मांगा है.इससे पहले विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार को सभी विधायकों ने इस्तीफे 'उचित प्रारूप'  में दिए हैं और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार मुलाकात की.

शीर्ष अदालत ने इससे पहले बागी विधायकों को निर्देश दिया था कि वह शाम 6 बजे तक स्पीकर रमेश कुमार के समक्ष पेश हों. सभी विधायकों ने रमेश कुमार से मुलाकात की.  बता दें अपनी दलील में बागी विधायकों ने आरोप लगाया था कि कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष जानबूझकर उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं कर रहे थे.



कर्नाटक में चल रहे सियासी ड्रामे पर गुरुवार को देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई हुई. कोर्ट ने विधायकों को स्पीकर से मिलकर इस्तीफे का कारण बताने के लिए कहा था. वहीं स्पीकर को भी आदेश दिया था कि वह आज ही विधायकों के इस्तीफे पर फैसला लें.

यहां पढ़ें Karnataka संकट पर Live Updates:- 

कुमारस्वामी ने किया ट्वीट



11:27 बजे:- कुमारस्वामी ने लिखा कि - केएसटीडीसी द्वारा प्रबंधित केके गेस्ट हाउस के नए भवन में बीजेपी नेताओं के साथ पर्यटन मंत्री सा रा महेश की आकस्मिक बैठक को महत्व देना अनावश्यक है.
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11.25 बजे:- कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने ट्वीट में कहा कि 'कांग्रेस-जेडीएस का गठबंधन अस्थिर करने की कोशिशों के बावजूद मजबूत हो रहा है. हम विधायी सत्र के सुचारू और फलदायी आचरण के लिए आश्वस्त और तैयार हैं.'

7.30 बजे:-  उन्होंने (बागी विधायकों ने) मुझे बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी थी और वे डर से मुंबई गए थे। लेकिन मैंने उनसे कहा कि उन्हें मुझसे संपर्क करना चाहिए और मैंने उन्हें सुरक्षा दी है। केवल 3 कार्यदिवस बीत चुके हैं लेकिन उन्होंने ऐसा व्यवहार किया जैसे भूकंप आया हो।

7.27 बजे:-  बागी विधायकों ने मुझे बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी थी और वे डर से मुंबई गए थे. लेकिन मैंने उनसे कहा कि उन्हें मुझसे संपर्क करना चाहिए और मैंने उन्हें सुरक्षा दी है. केवल 3 कार्यदिवस बीत चुके हैं लेकिन उन्होंने ऐसा व्यवहार किया जैसे भूकंप आया हो.

7.27 बजे:-  सुप्रीम कोर्ट ने मुझे फैसला लेने को कहा है.  मैंने हर चीज की वीडियोग्राफी की है और मैं इसे सुप्रीम कोर्ट भेजूंगा.

7.20 बजे:- विधायकों ने मुझसे संवाद नहीं किया और राज्यपाल मिल आए. वो क्या कर सकते हैं? क्या इसका दुरुपयोग नहीं है? वह सुप्रीम कोर्ट चले घए मेरा दायित्व देश के इस राज्य और संविधान के लोगों के लिए है. मैं देरी कर रहा हूं क्योंकि मुझे यह धरती पसंद है. मैं जल्दबाजी में काम नहीं कर रहा हूं.

7.15 बजे:- रमेश कुमार ने कहा कि  सोमवार को नियम -202, विधानसभा नियम और प्रक्रिया के आधार पर इस्तीफे की जांच की गई. 8 पत्र निर्धारित प्रारूप में नहीं थे. बाकी के मामले में, मैं यह देखने के लिए बाध्य हूं कि क्या इस्तीफे स्वैच्छिक और वास्तविक हैं.  इस्तीफे की स्वैच्छिक और वास्तविक प्रकृति के बारे में बात नहीं करेंगे.

7.11 बजे:- रमेश कुमार ने कहा कि  6 जुलाई को, मैं दोपहर 1.30 बजे तक अपने कमरे में था. विधायक दोपहर 2 बजे वहां आए, उन्होंने पहले अपॉंइटमेंट नहीं ली. इसलिए, यह झूठ है कि मैं भाग गया क्योंकि वे आ रहे थे.

7.10 बजे :- बागी विधायकों से मिलने के बाद स्पीकर  रमेश कुमार ने कहा, “मुझे घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी. मेरे जाने के बाद विधायक मेरे कार्यालय में आए, उस दिन (जब विधायक इस्तीफा देने आए थे)। प्रस्तुत आठ इस्तीफे निर्धारित प्रारूप में नहीं थे.'

5:40 pm (IST) विधानसभा पहुंचे बागी विधायक

बागी विधायकों को पुलिस की सुरक्षा में विधानसभा पहुंचाया गया.

5:40 pm (IST) विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की मांग

जनता दल (सेकुलर) ने अपने तीन बागी विधायकों - नारायण गौड़ा, गोपालैया, और एच विश्वनाथ के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की है, जिन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

5:19 pm (IST) सरकार संकट की स्थिति में है, इसमें कोई संदेह नहीं- कुमारस्वामी कैबिनेट

ग्रामीण विकास मंत्री कृष्णा बायर गौड़ा ने कहा, 'राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की गई. सरकार संकट की स्थिति में है, इसमें कोई संदेह नहीं है. और इसके समाधान के लिए विभिन्न कारणों पर चर्चा की गई.'

हम अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने के लिए तैयार- कुमारस्वामी कैबिनेट

मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व में कैबिनेट ने कहा कि यह  वह अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने के लिए तैयार है. कैबिनेट ने कहा कि यह सरकार चलेगी.

विधानसभा के पास सुरक्षा 

बेंगलुरु में विधान सौधा के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.



5.10 बजे पहुंचेंगे विधायक

कर्नाटक के बागी विधायक शाम 5.10 बजे बेंगलुरु पहुचेंगे.मुंबई के एक लक्जरी होटल में ठहरे सोलह विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार से मिलने के लिए आज दोपहर बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी थी.

विधानसभा पहुंचे कुमारस्वामी

कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी विधानसभा पहुंच गए हैं.

(PTI Photo/Shailendra Bhojak)


मुझसे मिलने के लिए सुप्रीम कोर्ट क्यों गए?

असंतुष्ट कांग्रेस और जद (एस) के विधायकों, कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष केआर रमेश कुमार के साथ उनकी बैठक के आगे विधायकों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पास जाने वाले विधायक चीजों को 'गलत' दिखाते हैं. विधान सौध के बाहर कुमार ने संवाददाताओं से कहा, 'मैंने उन्हें (असंतुष्ट विधायकों) को (मेरे कार्यालय में) आने से नहीं रोका था. मुझे नहीं पता कि वे मुझसे मिलने के लिए सुप्रीम कोर्ट क्यों गए.'

कभी किसी से मिलने से इनकार नहीं किया

विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने कहा कि उन्होंने कभी किसी विधायक से मिलने से इनकार नहीं किया. पीटीआई के मुताबिक यह पूछा जाने पर कि क्या वह आज ही इस्तीफा देने का फैसला करेंगे, पर अध्यक्ष ने कहा कि शीर्ष अदालत ने उनसे इस मामले पर फैसला लेने को कहा है, लेकिन क्या फैसला लेना है यह नहीं कहा.

बागी विधायक बोले भाजपा की कोई भूमिका नहीं


बासवराज ने उन आरोपों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि वह बीजेपी के इशारे पर इस्तीफा दे रहे हैं. 


बागी विधायक बोले- 

बेंगलुरु में केआर पुरम से विधायक बीए बासवराज ने ने संवाददाताओं को बताया, 'सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार, हम बेंगलुरु पहुंचेंगे और माननीय स्पीकर से मुलाकात करेंगे. चूंकि शीर्ष अदालत ने हमें इस्तीफा देने के लिए निर्देश दिया है, इसलिए हम वहां जा रहे हैं. कोई बदलाव नहीं हुआ है.'

 भाजपा की भूमिका को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार असंतुष्ट कांग्रेसी विधायक अपने इस्तीफे को विधानसभा अध्यक्ष को सौंप देंगे.  विधायकों ने पूरे प्रकरण में भाजपा की भूमिका को खारिज कर दिया.

कर्नाटक कांग्रेस ने ट्वीट किया-

कर्नाटक कांग्रेस ने ट्वीट किया, 'बीजेपी लोकतंत्र को दबाने की कोशिश कर रही है. उनके विधायकों का रूढ़िवाद और गुंडागर्दी समाज के लिए एक धब्बा है.उन्होंने राज्य को शर्मसार किया है. लोकतंत्र विरोधी. '



 सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते सीएम एचडी कुमारस्वामी

बेंगलुरु के विधान सौधा में सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते सीएम एचडी कुमारस्वामी, कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार और अन्य.बागी विधायकों को सुप्रीम कोर्ट ने आज शाम 6 बजे कर्नाटक विधानसभा स्पीकर से मिलने और उनके इस्तीफे को फिर से जारी करने का निर्देश दिया है.



2.50 पर बेंगलुरु के लिए चले विधायक

मुंबई के एक लग्जरी होटल में ठहरे कर्नाटक के बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से मिलने के लिए आज दोपहर बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी. सूत्रों ने कहा कि विधायक दोपहर 2.50 बजे कर्नाटक की राजधानी के लिए उड़ान भरी.



बता दें कि बागी विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. इन विधायकों ने विधानसभा स्पीकर पर इस्तीफा स्वीकार करने में जानबूझकर देरी का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी.

कितने विधायकों ने दिया इस्तीफा?

कर्नाटक में अब तक कांग्रेस के 11, जेडीएस के 3 विधायकों ने इस्तीफा दिया है. इसके साथ ही 2 निर्दलीय विधायकों ने भी इस्तीफा देकर सरकार से समर्थन वापस ले लिया है. इनमें उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह शामिल हैं. वहीं, कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी मंगलवार को इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल होने की बात कही.

कुमारस्वामी को साबित करना पड़ सकता है बहुमत

राजनीतिक उठापटक के बीच खबर आ रही है कि विधानसभा अध्‍यक्ष केआर रमेश 17 जुलाई को एचडी कुमारस्‍वामी को बहुमत साबित करने का न्योता दे सकते हैं.

कर्नाटक में किसको कितनी सीटें?

कर्नाटक में कुल 224 विधानसभा सीटें हैं, बहुमत का आंकड़ा 113 है. इसमें बीजेपी के 105 विधायक हैं. जबकि कांग्रेस के पास 80 और जेडीएस के पास 37 विधायक हैं. इस तरह से दोनों के पास कुल 117 विधायक हैं. बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और निर्दलीय विधायक भी गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं. लेकिन, 13 विधायकों के इस्तीफे से गठबंधन सरकार के पास 104 विधायक रह जाते हैं. हालांकि, अभी तक विधानसभा अध्यक्ष ने 13 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है.

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