कर्नाटक: तकिया-बिस्तर लेकर विधानसभा पहुंचे बीजेपी नेता, रातभर चलेगा विरोध प्रदर्शन

कर्नाटक: तकिया-बिस्तर लेकर विधानसभा पहुंचे बीजेपी नेता, रातभर चलेगा विरोध प्रदर्शन
बीजेपी विधायक प्रभु चव्हाण विधान सऊदा में तकिया और बेडशीट लेकर पहुंच गए हैं (फाइल फोटो)

आज के लिए विधानसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई है. लेकिन बीजेपी विधायकों ने कहा है कि वे रातभर के धरने पर राज्य विधानसभा के बाहर बैठेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 18, 2019, 10:27 PM IST
  • Share this:
कर्नाटक विधानसभा को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. विधानसभा में कुमारस्वामी सरकार विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो रही थी. हालांकि बीजेपी ने इसके बाद विरोध करने का मन बना लिया है और उसके नेता अभी भी सदन में रुके हुए हैं और कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल और डीके शिवकुमार उन्हें समझाने पहुंचे हैं. इससे पहले दिन में विधानसभा में बोलते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि आज मैं इसलिए नहीं आया हूं कि ये सवाल उठ रहा है कि मैं गठबंधन सरकार चला सकता हूं या नहीं. बल्कि मैं इसलिए यहां पर हूं क्योंकि विधानसभा स्पीकर पर भी जबरन दबाव बनाया जा रहा है. कुमारस्वामी ने कहा कि विपक्ष को सरकार गिराने की काफी जल्दी है.

वहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि हम 101 प्रतिशत आश्वस्त हैं. वे 100 से कम हैं, हम 105 हैं. इसमें कोई संदेह नहीं है कि उनकी हार होगी. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया था कि 15 बागी विधायकों को विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है. दोबारा कार्यवाही की शुरुआत के बाद येदियुरप्पा ने यह भी कहा है कि चाहे आज रात के 12 बज जाएं लेकिन विश्वासमत पर आज ही फैसला हो.

 





फ्लोर टेस्ट में शामिल नहीं हुए बसपा के विधायक
अविश्वास प्रस्ताव पेश होने से पहले ही बहुजन समाज पार्टी (BSP)के विधायक महेश विधानसभा में होने वाले फ्लोर टेस्ट में शामिल नहीं होंगे. उनका कहना है कि कांग्रेस-जेडीएस सरकार ने इस संबंध में अभी तक मायावती से संपर्क नहीं किया है.

गुरुवार को बीस विधायक सदन में नहीं आए. इनमें से 17 विधायक सत्ताधारी दल के हैं. जिनमें से 12 विधायक मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं.

बहस के दौरान तीन बार स्थगित हुआ सदन
पूरी बहस के दौरान सदन तीन बार स्थगित हुआ. पूरे दिन में मुश्किल सी अविश्वास प्रस्ताव पर कुछ भी बहस हो सकी. पूरे दिन कांग्रेसी विधायकों की नारेबाजी से सदन की कार्यवाही में व्यवधान पड़ता रहा. इस दौरान कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने यह भी पूछा कि आखिर इस सरकार को अस्थिर करने के लिए कौन जिम्मेदार है?

सदन के स्थगन से पहले बीजेपी ने यह दावा किया की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के सांसदों की संख्या 100 से नीचे पहुंच चुकी है.

अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सदन से गायब रहे ये 19 विधायक
एसटी सोमशेखर (कांग्रेस), रमेश जरकिहोली (कांग्रेस), बी बासवाराज (कांग्रेस), श्रीमंत पाटिल (कांग्रेस), मुनिरत्ना (कांग्रेस), रोशन बेग (कांग्रेस से निलंबित), आनंद सिंह (कांग्रेस), एमटीबी नागराज (कांग्रेस), महेश कुमताहल्ली (कांग्रेस), शिवराम हेब्बार (कांग्रेस), के गोपालैया (जेडीएस), नाराणय गौड़ा (जेडीएस), एच विश्वनाथ (जेडीएस), प्रताप गौड़ा पाटिल (बीजेपी), एन महेश (बीएसपी) और आर शंकर (निर्दलीय) वे 19 विधायक थे, जो अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सदन से गायब रहे. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया था कि 15 बागी विधायकों को विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है.

बहुमत परीक्षण उचित नहीं
कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में विधान सौदा में कहा कि जब तक हमें सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश पर स्पष्टीकरण नहीं मिल जाता, तब तक उस सत्र में फ्लोर टेस्ट लेना उचित नहीं है जो संविधान के खिलाफ है.

सिद्धारमैया ने आगे कहा, 'अगर हम विश्वास प्रस्ताव के साथ आगे बढ़ते हैं और अगर विप लागू होता है तो वे (बागी कांग्रेस और जेडीएस विधायक) सुप्रीम कोर्ट के आदेश की वजह से सदन में नहीं आएंगे। यह गठबंधन सरकार के लिए बड़ा नुकसान होगा।'

रामालिंगा रेड्डी ने दी गठबंधन को थोड़ी राहत
कर्नाटक में गठबंधन सरकार के लिए एक राहत की खबर सामने आई है. कांग्रेस विधायक रामालिंग रेड्डी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लेने का फैसला किया है और वे विश्वास मत के दौरान एचडी कुमारस्वामी के पक्ष में वोट डालेंगे. उन्होंने कहा, "मैं कल विधानसभा सत्र में भाग लूंगा और पार्टी के पक्ष में वोट डालूंगा. मैं पार्टी में बना रहूंगा और विधायक के रूप में काम करूंगा."

कांग्रेस विधायक श्रीमंत पाटिल को लेकर खूब कटा बवाल
कर्नाटक के एक विधायक श्रीमंत पाटिल जब अविश्वास प्रस्ताव पर चलने वाली विधानसभा की कार्यवाही में नहीं पहुंचे तो उन्हें ढूंढा गया. पता चला कि वे मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती हैं.

इसके बाद उनकी हालत को लेकर बहुत बवाल मचा. सदन में उनकी तस्वीर लेकर कांग्रेस सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इसके अलावा कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने बीजेपी पर उनपर दबाव बनाने और विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया था.

यह भी पढ़ें: NRC की अंतिम सूची के बाद अवैध अप्रवासियों का क्या होगा?
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज