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कर्नाटक उपचुनाव: सरकार बचाने की लड़ाई में अकेले दिख रहे येडियुरप्पा, कांग्रेस-JDS खेल रही माइंड गेम

D P Satish | News18Hindi
Updated: December 2, 2019, 1:49 PM IST
कर्नाटक उपचुनाव: सरकार बचाने की लड़ाई में अकेले दिख रहे येडियुरप्पा, कांग्रेस-JDS खेल रही माइंड गेम
मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के लिए यह निश्चित रूप से 'करो या मरो' वाली स्थिति है.

आगामी उपचुनावों में बीजेपी अगर कम से कम सात सीटें नहीं जीतती है, येदियुरप्पा की सरकार सुरक्षित नहीं रहेगी. 224 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 105 विधायक हैं और बीजेपी को एक निर्दलीय का भी समर्थन प्राप्त है.

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  • Last Updated: December 2, 2019, 1:49 PM IST
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बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) में 5 दिसंबर को 15 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों (By-Elections) ने सत्ताधारी बीजेपी और विपक्ष में बैठे कांग्रेस व जेडीएस (Congress and JDS) के लिए भारी असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है. राज्य में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के लिए यह निश्चित रूप से 'करो या मरो' वाली स्थिति है. आगामी उपचुनावों में बीजेपी अगर कम से कम सात सीटें नहीं जीतती है तो येदियुरप्पा की सरकार सुरक्षित नहीं रहेगी. 224 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 105 विधायक हैं और बीजेपी को एक निर्दलीय का भी समर्थन प्राप्त है.

17 में से 15 सीटों पर हो रहे हैं चुनाव
विपक्ष में बैठी कांग्रेस और जेडीएस के लिए भी यह चुनाव कम महत्वपूर्ण नहीं हैं. पिछली जुलाई में बड़े पैमाने पर हुई दलबदल के चलते कांग्रेस और जेडीएस के 17 विधायक बीजेपी के खेमे में चले गए थे और गठबंधन सरकार गिर गई थी. यह चुनाव इन दोनों पार्टियों के लिए बदला लेने और बीजेपी को सबक सिखाने का अंतिम मौका है. राज्य में 17 विधानसभा सीटें खाली पड़ी हैं, मगर केवल 15 सीटों पर ही चुनाव हो रहे हैं, क्योंकि बाकी की दो सीटों पर अदालत में चुनाव याचिका लंबित है.

14 महीने चली गठबंधन की सरकार

बीजेपी ने एक जोखिम भरे कदम के तहत सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं. मगर दो दलबदलू रोशन बेग और आर शंकर इन उपचुनावों में विपक्ष के इन दावों की पुष्टि कर रहे हैं कि भगवा पार्टी ने सत्ता हासिल करने की जुगाड़ में हॉर्स ट्रेडिंग का खेल खेला था. अयोग्य घोषित हो चुके इन विधायकों को योग्य साबित करने के लिए येदियुरप्पा हर संभव कोशिश कर रहे हैं.

वहीं प्रदेश में 14 महीने गठबंधन की सरकार चला चुकीं कांग्रेस और जेडीएस 17 विधायकों की बगावत के बाद जुलाई में अलग हो गई थी और अब एक-दूसरे की फजीहत करते हुए इन उपचुनावों में अपने दम पर ताल ठोंक रही हैं.

9 दिसंबर को होगी मतगणना
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आगामी चुनावों के मद्देनज़र पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके और वर्तमान में नेता विपक्ष सिद्धरमैया और कर्नाटक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव ने चुनाव प्रचार की कमान संभाली हुई है. आश्चर्य की बात नहीं है कि कांग्रेस के दूसरे नेताओं ने सिद्धारमैया की कार्यशैली से नाराजगी जाहिर करते हुए चुनाव प्रचार से दूरी बना कर रखी है. जेडीएस का ध्यान केवल पांच सीटों पर है. पिछले एक हफ्ते में कांग्रेस और जेडीएस के बदले हुए सुर ने जनता को आश्चर्य में डाल दिया है. दोनों ही पार्टियों का अनुमान है कि 9 दिसंबर को होने वाली मतगणना के दिन येदियुरप्पा सरकार का गिरना तय है. सिद्धारमैया ने कहा है कि उपचुनावों के परिणाम आने के बाद कर्नाटक में कांग्रेस फिर से सत्ता में वापसी करेगी.

'मतगणना के बाद सुनाएंगे अच्छी खबर'
अलग हो चुकी कांग्रेस और जेडीएस के दोबारा हाथ मिलाने को लेकर AICC के जनरल सेक्रेटरी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एम मल्लिकार्जुन खड़गे दूसरे कांग्रेस नेताओं की तुलना में ज्यादा मुखर हैं. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि उपचुनावों के परिणाम आने के बाद कांग्रेस और जेडीएस मिलकर सरकार बनाएंगे. 9 दिसंबर को हम आपको अच्छी खबर सुनाएंगे.

वहीं दूसरी ओर जेडीएस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी कांग्रेस के साथ दोबारा तालमेल को लेकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं. यह दावा करके कि जेडीएस फिर से किंगमेकर बनेगी, वह एक प्रकार से मिले-जुले संकेत दे रहे हैं. कुमारस्वामी के पिता और जेडीएस प्रमुख एचडी देवगौड़ा कांग्रेस से हाथ मिलाने के दावों को खारिज करते हुए बीजेपी को कुछ उम्मीद दे रहे हैं.

अपनी सरकार को बचाने के लिए येदियुरप्पा सभी 15 सीटों पर लगातार प्रचार कर रहे हैं. कर्नाटक में ताकतवर अपनी जाति लिंगायत के लोगों की सहानुभूति पाने के लिए येदियुरप्पा यह कहकर कि उनकी सरकार जाने के बाद लिंगायत समाज के लोगों को तकलीफ होगी, भावनात्मक कार्ड भी खेल रहे हैं. राज्य में आयी बाढ़ के दौरान सहायता कार्यों में सरकार की असफलता ने येदियुरप्पा की छवि को काफी नुक्सान पहुंचाया है और इसका इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस मतदाताओं को बता रही है कि प्रधानमंत्री मोदी, येदियुरप्पा के खिलाफ हैं इसीलिए बाढ़ के संकट में कर्नाटक को केंद्र से मदद नहीं मिली थी.

अतिआत्मविश्वास में प्रतिक्रिया देते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि बीजेपी उपचुनावों में सभी सीटें जीतेगी और वे इस विधानसभा की अवधि पूरी होने तक कुर्सी पर आसीन रहेंगे. हाल ही में महाराष्ट्र में हुए प्रकरण के चलते कांग्रेस और जेडीएस का मनोबल काफी ऊंचा है और ऐसा प्रतीत होता है कि वह कोई माइंड गेम खेलने की जुगत में हैं.

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First published: December 2, 2019, 1:46 PM IST
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