चौथी बार कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बने बीएस येडियुरप्‍पा

कर्नाटक में मंगलवार को भारी सियासी उठापटक के बाद कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिर गई थी

News18Hindi
Updated: July 26, 2019, 7:06 PM IST
चौथी बार कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बने बीएस येडियुरप्‍पा
कर्नाटक में मंगलवार को भारी सियासी उठापटक के बाद कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिर गई थी
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Updated: July 26, 2019, 7:06 PM IST
बीएस येडियुरप्‍पा ने चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल वजुभाई वाला ने येडियुरप्‍पा को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इसके साथ ही राज्‍यपाल ने उन्‍हें एक सप्‍ताह के अंदर बहुमत साबित करने के लिए कहा है. उनके शपथ ग्रहण में बीजेपी के वरिष्‍ठ नेताओं के साथ ही कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग भी शामिल हुए.

हालांकि मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेते ही येडियुरप्‍पा के एक आदेश ने सरकारी महकमे में खलबली मचा दी है. दरअसल, मुख्‍य सचिव ने सभी उपसचिवों को पत्र लिखकर कुमारस्‍वामी द्वारा जुलाई में दिए गए सभी आदेशों को रोकने की हिदायत दी है.

अभी फंसा है पेंच

येडियुरप्‍पा ने आज शपथ ले ली है, लेकिन उन्‍हें अभी विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा. फिलहाल देखा जाए तो बीजेपी के पक्ष में ज्यादा विधायक हैं. लेकिन स्पीकर केआर रमेश ने अभी भी पेंच फंसा रखा है. उन्होंने गुरुवार को कांग्रेस के तीन विधायकों को दलबदल कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया है. ये तीनों अब अगले विधानसभा चुनाव तक यानी साल 2023 से पहले चुनाव नहीं लड़ सकते. अगर स्पीकर बाक़ी बचे विधायकों को डिसक्वालीफाई नहीं करते हैं तो फिर बहुमत साबित करने के लिए 110 या 111 सदस्यों की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में बीजेपी के लिए बहुमत साबित करना आसान नहीं होगा.

मंत्रिमंडल को लेकर माथापच्ची

बीजेपी के लिए मंत्रिमंडल तैयार करना मुश्किल चुनौती होगी. 34 विधायकों को कैबिनेट में जगह मिल सकती है. इन पदों के लिए बीजेपी में करीब 60 दावेदार हैं. इसके अलावा 10 बागी विधायकों को भी मंत्रिमंडल में शामिल करना होगा. ऐसे में पार्टी के कई सीनियर नेता नाराज हो सकते हैं.

येदियुरप्पा चौथी बार बन सकते हैं मुख्यमंत्री

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14 महीने चली गठबंधन सरकार
कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन ने 14 महीने 116 विधायकों के साथ सरकार चलाई. 1 जुलाई को कांग्रेस के दो विधायकों के इस्तीफे के बाद पिछले 23 दिन से राज्य में सियासी उठापटक का माहौल था. राज्य में कुल 15 विधायकों के इस्तीफे के बाद 18 जुलाई को फ्लोर टेस्ट की तारीख तय हुई थी. लेकिन बार-बार हंगामे के कारण फ्लोर टेस्ट नहीं हो सका. फ्लोर टेस्ट में हारने के बाद एचडी कुमारस्वामी ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया.

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First published: July 26, 2019, 10:04 AM IST
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