घंटों तक बस अड्डे पर पड़ा रहा कोरोना संदिग्ध का शव, लोगों में आक्रोश

घंटों तक बस अड्डे पर पड़ा रहा कोरोना संदिग्ध का शव, लोगों में आक्रोश
Photo of the incident. (Credits: Twitter)

Covid-19: 45 वर्षीय इस शख्स को एक सप्ताह से बुखार था. 28 जून को उनका कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया था और वो शनिवार को अपनी रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल आए थे, जहां थोड़ी देर बाद उनका निधन हो गया.

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नई दिल्ली. कर्नाटक (Karnataka) में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण से मरने वाले लोगों के शवों की बेअदबी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे. कोरोना संक्रमितों के शव एक गड्ढे में फेंक-फेंककर दफनाने का वीडियो वायरल (Video Viral) होने के बाद एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था के कामकाज पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है. कर्नाटक के हावेरी जिले में एक शख्स की मौत के बाद उसे पीपीई किट (PPE Kit) में लपेटकर तीन घंटे तक बस अड्डे (Bus Shelter) में छोड़ दिया गया.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जिस शख्स की मौत हुई है उसे शायद कोरोना था. शख्स की मौत होने के बाद अस्पताल के कर्मचारी उसका अंतिम संस्कार करने के लिए लेकर जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने बॉडी को सबके सामने पीपीई किट में लपेटा और बस शेल्टर में ही छोड़ दिया. इस घटना के बाद इलाके के लोगों में काफी आक्रोश है. रिपोर्ट्स के मुताबिक जब तक अस्पताल कर्मचारी मृतक के शरीर को लेने के लिए आते, तब तक इसका वीडियो वायरल हो चुका था.

एक सप्ताह से बुखार पीड़ित था शख्स
सूत्रों ने बताया कि 45 वर्षीय मारुति नगर को एक सप्ताह से बुखार था. बुखार के इलाज के लिए उन्हें रानीबेन्नूर तालुक अस्पताल लाया गया. इसके बाद 28 जून को उनका कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया था और वो 11 बजे अपनी रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल आए थे. चूंकि उनकी रिपोर्ट में आने थोड़ा सा समय था, इसलिए उन्होंने बस शेल्टर में आराम करने का फैसला किया. हालांकि थोड़ी देर बाद ही उनकी मौत हो गई. इस बारे में जब अस्पताल को सूचित किया गया तो वहां से कर्मचारी आए और मारुति के शव को वहीं पीपीई किट में लपेट दिया और इसके बाद, इसे शवगृह में ले जाने के बजाय वहीं छोड़ दिया.
वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल ने ली सुध


रिपोर्ट के मुताबिक जब सोशल मीडिया पर पूरी घटना का वीडियो वायरल हुआ तब अस्पताल के कर्मचारियों ने शव की सुध ली और एम्बुलेंस से शव को लेकर गए. वहीं, पूरे मामले पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि शव को पीपीई किट क्यों पहनाया गया और उसे शवगृह ले जाने के बजाय आश्रय स्थल पर रखा गया. जैसे ही पुलिस को इस बात की जानकारी मिली उन्होंने एक्शन लिया.
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