OPINION: क्या कर्नाटक के नतीजों से बदलेगी देश की राजनीति?

OPINION: क्या कर्नाटक के नतीजों से बदलेगी देश की राजनीति?
बीजेपी ने उम्मीद से दोगुना सीटें जीतकर कर्नाटक विधानसभा का गणित अपने पक्ष में कर लिया है.

कर्नाटक (Karnataka) में सरकार के तख्ता पलट के लिए बीजेपी ने जो अस्त्र चलाया, वो पहले चला ही नहीं था. पहले जहां सरकारें दल-बदल से बनती बिगड़ती थीं, वहीं इस बार बीजेपी ने विरोधी विधायकों के इस्तीफे से विधानसभा का गणित बदल दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 9, 2019, 3:25 PM IST
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महाराष्ट्र के राजनीतिक उठापटक के बाद सबकी नजर भले ही झारखंड के विधानसभा चुनावों पर हों, लेकिन कर्नाटक के उपचुनाव (Karnataka By Polls) की चर्चा किए बिना देश की बदलती राजनीति पर चर्चा नहीं की जा सकती. कर्नाटक सत्ता के गणित का हाल फिलहाल का सबसे मजबूत उदाहरण है. राज्य में विधानसभा चुनावों के बाद जिस तरह के हालात बदले थे, वही हालात कुछ महाराष्ट्र के भी हैं. ऐसे में कर्नाटक में बीजेपी ने जिस तरह सत्ता से बाहर होने के बाद भी सत्ता का समीकरण बदल दिया है, उससे साफ है कि बीजेपी महाराष्ट्र में भी शांत नहीं बैठेगी. इसका इशारा पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही कर चुके हैं.

(कर्नाटक उपचुनाव के नतीजे देखने के लिए यहां क्लिक करें)

कर्नाटक में बीजेपी ने किया था इस्तीफा अस्त्र का प्रयोग
कर्नाटक में विधानसभा उपचुनाव का कितना महत्व था, इसे समझने के लिए कर्नाटक में बीजेपी सरकार बनने के समीकरण को समझना पड़ेगा. दरअसल, कर्नाटक में सरकार का तख्ता पलट करने के लिए बीजेपी ने जो अस्त्र चलाया, वो पहले चला ही नहीं था. पहले जहां सरकारें दल-बदल से बनती बिगड़ती थी, वहीं इस बार बीजेपी ने विरोधी विधायकों के इस्तीफे से विधानसभा का गणित बदल दिया.



BJP
जीत के बाद बेटे विजयेंद्र को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार करते सीएम येडियुरप्पा.




इस गणित के तहत सरकार चला रही जेडीएस-कांग्रेस के 17 विधायकों ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया. उसके बाद 224 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 104 हो गया. 104 सीटों वाला बीजेपी गठबंधन सरकार में आ गया, लेकिन इन 17 में से 15 सीटों पर उपचुनाव के बाद बहुमत का आंकड़ा एक बार फिर 112 पर पहुंच गया. यानी बीजेपी को सरकार में रहने के लिए कम से कम 6 सीटें हर हाल में जीतनी थीं और वो भी उन सीटों पर जहां विधानसभा चुनाव में विरोधी दल जीते थे. ऐसे में पूरा विपक्ष सरकार को रोकने की कोशिश में लगा था, लेकिन बीजेपी ने उम्मीद से दोगुनी सीटें जीतकर कर्नाटक विधानसभा का गणित अपने पक्ष में कर लिया.

क्या महाराष्ट्र में दोहराया जाएगा कर्नाटक
कर्नाटक के इस वोट गणित ने बीजेपी के तख्ता पलट के उत्साह को दोगुना कर दिया है. ऐसे में अब चर्चा का विषय ये है कि क्या बीजेपी कर्नाटक फॉर्मूले का इस्तेमाल महाराष्ट्र में भी करेगी, क्योंकि सरकार बनने और बिगड़ने का खेल महाराष्ट्र और कर्नाटक में करीब एक जैसा है.

KARNATAKA
बीएस येडियुरप्पा


हालांकि, यहां मुश्किल विधानसभा में विधायकों के आंकड़े कर रहे हैं. कर्नाटक में जहां बीजेपी से सत्ता सिर्फ 6 विधायक दूर थी, वहीं महाराष्ट्र में इसके लिए 40 विधायकों की जरूरत है. यही वो कारण है जिससे कर्नाटक की इस मजबूत जीत के बाद भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे चिंता से दूर रह सकते हैं.

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