VIDEO: कर्नाटक को आज मिलेगी नई सरकार, फ्लोर टेस्ट का सामना करेंगे येडियुरप्पा

बीजेपी ने यह संकेत भी दिए हैं कि अगर विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश खुद इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनके खिलााफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है.

News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 3:34 PM IST
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Updated: July 29, 2019, 3:34 PM IST
कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार ने रविवार को 14 और बागी विधायकों को दलबदल रोधी कानून के तहत अयोग्य करार दिया. इस कार्रवाई से विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी संख्या घट कर 104 रह गई है और इससे हाल में बनी भारतीय जनता पार्टी की सरकार के लिए सोमवार को विश्वासमत हासिल करना आसान हो गया है.

बीजेपी को सोमवार को सदन में बहुमत हासिल करना है. बहुमत हासिल करने के सवाल पर राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने कहा कि ‘सोमवार को सौ फीसदी मैं बहुमत साबित कर दूंगा.’ येडियुरप्पा ने कहा कि ‘वित्त विधेयक (विनियोग विधेयक) को तत्काल पारित कराने की जरूरत है अन्यथा हम तनख्वाह भी देने के लिए धन नहीं ले पायेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘इसलिए कल बहुमत साबित करने के बाद हम सबसे पहले इस वित्त विधेयक को हाथ में लेंगे.’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैंने उसमें कॉमा या फुल स्टॉप तक नहीं बदला है. मैं पिछली कांग्रेस जदएस सरकार द्वारा तैयार इस विधेयक को पेश करूंगा.’

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BJP ने दिये यह भी संकेत

इसके साथ ही बीजेपी ने यह संकेत भी दिए हैं कि अगर विधानसभा अध्यक्ष के.आर. रमेश, स्वतः इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनके खिलााफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है.

बीजेपी के सूत्रों ने कहा कि कुमार को पद छोड़ने के लिए संदेश दे दिया गया है जो परंपरागत रूप से सत्तारूढ़ दल के किसी सदस्य के पास होता है. मुख्यमंत्री बी एस येडियुरप्पा द्वारा सोमवार को विधानसभा में बहुमत साबित करने से पहले उन्हें यह संदेश दिया गया है. राज्य बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया, ‘हम विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे अगर वह खुद पद नहीं छोड़ते हैं.'
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उन्होंने कहा, ‘हमारा पहला एजेंडा विश्वास प्रस्ताव जीतना है और सोमवार को वित्त विधेयक पारित करवाना है. हम इंतजार करेंगे और देखेंगे कि क्या विधानसभा अध्यक्ष खुद पद छोड़ते हैं अथवा नहीं.' बीजेपी नेता ने कहा कि विपक्षी दल का विधानसभा अध्यक्ष कैसे हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘सदन में विश्वास मत जीतते ही हम अविश्वास प्रस्ताव पेश कर देंगे.'

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यह है विधानसभा का गणित

बता दें फिलहाल अध्यक्ष को छोड़कर 224 सदस्यीय विधानसभा में अब संख्या बल 207 रह गया है . मत-विभाजन की स्थिति में सत्ता पक्ष और विपक्ष को बराबर वोट मिलने पर अध्यक्ष वोट करते हैं. बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 104 है. बीजेपी के पास एक निर्दलीय के समर्थन के साथ ही 106 सदस्य हैं. कांग्रेस के 66 (नामित समेत) जद(एस) के पास 34, बसपा के एक विधायक हैं. 14 माह पुरानी कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार विश्वास मत खोने के बाद मंगलवार को गिर गयी थी.

भाषा इनपुट के साथ
First published: July 29, 2019, 5:38 AM IST
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