CBI ने कर्नाटक में कांग्रेस-JDS सरकार के दौरान नेताओं की फोन टैपिंग की संभाली जांच

सीबीआई (CBI) ने कर्नाटक (Karnataka) में पूर्ववर्ती कांग्रेस-जद(एस) (Congress-JDS) सरकार के दौरान नेताओं, उनके रिश्तेदारों और नौकरशाहों की कथित फोन टैपिंग की जांच की जिम्मेदारी संभाल ली है.

भाषा
Updated: August 31, 2019, 11:57 PM IST
CBI ने कर्नाटक में कांग्रेस-JDS सरकार के दौरान नेताओं की फोन टैपिंग की संभाली जांच
कर्नाटक सरकार ने सीबीआई से बेंगलुरू पुलिस की साइबर अपराध शाखा से मामले की जांच अपने हाथ में लेने का अनुरोध किया था.
भाषा
Updated: August 31, 2019, 11:57 PM IST
सीबीआई (CBI) ने कर्नाटक (Karnataka) में पूर्ववर्ती कांग्रेस-जद(एस) (Congress-JDS) सरकार के दौरान नेताओं, उनके रिश्तेदारों और नौकरशाहों की कथित फोन टैपिंग की जांच की जिम्मेदारी संभाल ली है. अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि कर्नाटक सरकार ने सीबीआई से बेंगलुरू पुलिस की साइबर अपराध शाखा से मामले की जांच अपने हाथ में लेने का अनुरोध किया था.

उन्होंने बताया कि राज्य में भाजपा सरकार ने 19 अगस्त को सीबीआई जांच के आदेश दिए थे. सीबीआई को जांच सौंपे जाने वाले पत्र में कहा गया है, 'सरकार के संज्ञान में यह आया कि ऐसी आशंकाएं है कि कई सत्तारूढ़ और विपक्षी नेताओं, उनके रिश्तेदारों और अन्य सरकारी अधिकारियों के फोन गैरकानूनी तरीके से टैप किए गए.'

सरकार ने आरोप लगाया कि राज्य में इस अवैध गतिविधि के कारण उसे आशंका है कि कई वरिष्ठ नेताओं और सरकारी सेवकों की महत्वपूर्ण और निजी जानकारी लीक की गई जो उनकी निजता का उल्लंघन है. सरकार ने एजेंसी से एक अगस्त 2018 से 19 अगस्त 2019 तक सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ-साथ उनके सहायकों, रिश्तेदारों और नौकरशाहों के टेलीफोन की ऐसी सभी टैपिंग की जांच करने को कहा था.

केंद्र ने 30 अगस्त को सीबीआई को पत्र भेजा था जिसे उसी दिन अज्ञात सरकारी सेवकों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी में परिवर्तित कर दिया गया. एजेंसी ने सूचना प्रौद्योगिकी कानून, 2000 और भारतीय टेलीग्राफ कानून, 1885 के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की.

राज्य में भाजपा सरकार का मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद येडियुरप्‍पा ने सीबीआई जांच की घोषणा की थी. जद(एस) के अयोग्य करार दिए विधायक ए एच विश्वनाथ के खुलासे के बाद से यह कांड उछला. जद(एस) के प्रदेश अध्यक्ष रहे और बगावत करने वाले विश्वनाथ ने एचडी कुमारस्वामी सरकार पर फोन टैप करने और उनके समेत 300 से अधिक लोगों की जासूसी करने का आरोप लगाया था.

सिद्धारमैया, एम. मल्लिकार्जुन खड़गे और गठबंधन सरकार में गृह मंत्री एमबी पाटिल समेत कई कांग्रेस नेताओं ने जांच की मांग की. जबकि पार्टी के अन्य अहम नेता और पूर्व मंत्री डीके शिवकुमार ने जासूसी के आरोपों को खारिज कर दिया तथा कुमारस्वामी का समर्थन किया.

खबरों के अनुसार, सिद्धारमैया के करीबियों के फोन भी टैप कराए गए थे. सिद्दरमैया उस समय गठबंधन समन्वय समिति के प्रमुख थे. पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार समेत कई भाजपा नेताओं ने कुमारस्वामी पर अपनी सरकार बचाने के लिए फोन टैपिंग कराने का आरोप लगाया.

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First published: August 31, 2019, 11:50 PM IST
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