कर्नाटक सीएम येदियुरप्पा का ऐलान- राज्य में खत्म करेंगे 'लव जिहाद', कानून लाने पर विचार कर रही है सरकार

लव जिहाद को लेकर कानून लाने के बारे में विचार कर रही है कर्नाटक सरकार. (फाइल फोटो)
लव जिहाद को लेकर कानून लाने के बारे में विचार कर रही है कर्नाटक सरकार. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने यह घोषणा की है कि उनकी सरकार इसे खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाएगी. राज्य के गृह मंत्री बासवराज बोमानी (Basavraj Bomani) पहले ही लव जिहाद (Love Jihad) को सामाजिक दानव बता चुके हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 5, 2020, 5:53 PM IST
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बेंगलुरु. बीते कुछ दिनों से लव जिहाद को लेकर देशभर में बहस जारी है. ऐसे में कर्नाटक सरकार इस मुद्दे को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है. उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश के बाद अब कर्नाटक सरकार भी लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने के बारे में विचार कर रही है. राज्य के गृह मंत्री बासवराज बोमानी पहले ही लव जिहाद को सामाजिक दानव बता चुके हैं. उन्होंने कहा था इससे निपटने के लिए कानून का इस्तेमाल करना होगा.

कर्नाटक में हम इसे खत्म कर के रहेंगे: येदियुरप्पा
राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने यह घोषणा की है कि उनकी सरकार इसे खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाएगी. उन्होंने कहा, 'हमने अखबार और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में लव जिहाद के चलते धर्म परिवर्तन की खबरें देखी हैं. मैंने यहां आने से पहले इसके बारे में अधिकारियों से चर्चा की है.' उन्होंने कहा, 'मैं दूसरे राज्यों के बारे में नहीं जानता, लेकिन कर्नाटक में हम इसे खत्म कर देंगे. युवा लड़कियों को प्यार या रुपये के जरिए लुभाने के मामले को हम गंभीरता से ले रहे हैं. हम इसे खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाएंगे.'

इसके अलावा राज्य के गृहमंत्री बोमानी ने भी कहा था, 'कुछ समय से यहां लव जिहाद बना हुआ है और यह एक सामाजिक दानव है.' उन्होंने कहा था, 'एक कानून जरुरी है, जो सभी राज्यों के अलग-अलग वर्गों की बड़ी सोच है.' बोमानी ने कहा, 'हम इस बारे में सोच रहे हैं कि इसे लेकर हम क्या कदम उठा सकते हैं. इसके लिए हम कानून के जानकारों से भी बात कर रहे हैं.' सीएम से पहले राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता सीटी रवि ने भी ट्वीट के जरिए कानून लाने के संकेत दिए थे.



इलाहबाद कोर्ट ने दिया था फैसला
बीती 31 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया था कि शादी के मकसद से धर्म का बदला जाना गैरकानूनी है. अदालत ने यह फैसला एक जोड़े की याचिका पर सुनाया था. अलग-अलग धर्मों से ताल्लुक रखने वाले युवक और युवती की मांग थी कि कोर्ट युवती से पिता को उन्हें तंग न करने का आदेश दे. दोनों ने जुलाई में शादी की थी.
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