कर्नाटक संकट: ये 4 बागी विधायक ही बचा सकते हैं कुमारस्वामी की सरकार!

बागी विधायकों में बेंगलुरु क्षेत्र से आने वाले चार विधायक- एसटी सोमशेखर, बी बासवराजू, एन मुनिरत्ना और रामलिंगा रेड्डी सबसे अहम माने जा रहे हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि परमेश्वरा उनके निजी विरोध को सुलझाया जा सकता है.

News18Hindi
Updated: July 22, 2019, 2:11 PM IST
कर्नाटक संकट: ये 4 बागी विधायक ही बचा सकते हैं कुमारस्वामी की सरकार!
एचडी कुमारस्वामी, सिद्धारमैया और एचडी देवगौड़ा
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Updated: July 22, 2019, 2:11 PM IST
कर्नाटक में पिछले 20 दिन से सियासी नाटक का आज क्लाइमेक्स हो सकता है. आज कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार के मुखिया यानी मुख्यमंत्री कुमारस्वामी विधानसभा में बहुमत साबित करने वाले हैं. स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कुमारस्वामी-सिद्धारमैया को फ्लोर टेस्ट के लिए शाम 6 बजे तक का वक्त दिया है.

दरअसल, कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों के इस्तीफे के बाद कुमारस्वामी सरकार मुसीबत में हैं. कांग्रेस के इन विधायकों के इस्तीफे के पीछे उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर को कथित रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि ये सभी विधायक डिप्टी सीएम से खुश नहीं हैं. बागी विधायकों में बेंगलुरु क्षेत्र से आने वाले चार विधायक- एसटी सोमशेखर, बी बासवराजू, एन मुनिरत्ना और रामलिंगा रेड्डी सबसे अहम माने जा रहे हैं. ऐसा कहा जा रहा है कि परमेश्वर से उनके निजी विरोध को सुलझाया जा सकता है. अगर ऐसा हुआ तो ये चार बागी विधायक बीजेपी की मदद करने से पीछे हट सकते हैं.

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इन चार विधायकों को कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार से कोई दिक्कत नहीं है. परमेश्वरा से निजी खुन्नस के चलते इन्होंने इस्तीफा देने का कदम उठाया. ऐसे में इस बात के आसार हैं कि अगर डिप्टी सीएम परमेश्वरा इन चार विधायकों से बैठकर आपस में मामला सुलझा लेते हैं, तो उनका इस्तीफा शायद विधानसभा स्पीकर केआर रमेश कुमार द्वारा मंजूर करने की नौबत ही न आए. बता दें कि ये सभी विधायक कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया के करीबी हैं.

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'टाइम्स ऑफ इंडिया' की खबर के मुताबिक, विधायकों के पालाबदल की कोशिश से जुड़े एक बीजेपी नेता का कहना है कि बेंगलुरु के बागी कांग्रेस विधायकों और बीजेपी के बीच भरोसे की कमी हो सकती है, लेकिन हम उम्मीद कर रहे हैं कि परमेश्वर से उनकी निजी खुन्नस उससे ज्यादा है जितनी बताई जा रही है. ऐसे में हमें इसका फायदा मिल सकता है.



सरकार बचाने के लिए क्या कर रही कुमारस्वामी सरकार?
कुमारस्वामी सरकार को बचाने के लिए कांग्रेस-जेडीएस हर फॉर्म्युले पर विचार कर रही है. माना जा रहा है कि 4-5 बागी विधायकों को संतुष्ट करने के लिए उन्हें मंत्री पद दिया जा सकता है. हालांकि, विधायकों ने ये ऑफर पहले ही ठुकरा दिया है. लेकिन, कुमारस्वामी लगातार मान-मनौव्वल में जुटे हैं. वहीं, कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए कुछ मंत्रियों को इस्तीफे के लिए तैयार रहने को कहा है. मंत्रियों की इस लिस्ट में कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियांक खड़गे, यूटी खादर, बीजेड जमीर अहमद खान, और एमसी मानागुली का नाम शामिल है.

क्या है बहुमत का आंकड़ा?
स्पीकर और मनोनीत सदस्यों को मिलाकर सदन की कुल संख्या 225 है. इसमें से 17 सदस्यों के सदन में शामिल नहीं होने की संभावना है. 17 में से 12 कांग्रेस के, 3 जेडी(एस) के विधायक हैं और 2 कांग्रेसी विधायक अस्पताल में भर्ती हैं. इस तरह अब सदन की संख्या 208 रह जाती है. बहुमत साबित करने के लिए 105 वोटों की जरूरत होगी.

क्या कर्नाटक में बीजेपी चला रहा ऑपरेशन लोटस?
कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि बीजेपी कर्नाटक में एक बार फिर से ऑपरेशन लोटस चला रही है. इसकी सुगबुगाहत 2019 के शुरुआती दिनों में शुरू हुई, जब कांग्रेस पार्टी के तीन विधायक लापता हो गए थे. उस वक्त कर्नाटक के जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा था कि राज्य की गठबंधन सरकार को गिराने के लिए बीजेपी का ‘ऑपरेशन लोटस’ वास्तव में चल रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के तीन विधायक मुंबई के एक होटल में बीजेपी के कुछ नेताओं के साथ डेरा डाले हुए है. डीके शिवकुमार ने कहा था कि राज्य में विधायकों की खरीद-फरोख्त जारी है.

बीएस येदियुरप्पा और अमित शाह


गौरतलब है कि 2008 में कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा नीत सरकार की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बीजेपी द्वारा कई विपक्षी विधायकों को कथित प्रलोभन दिए जाने को ‘ऑपरेशन लोटस’ के नाम से जाना जाता है.

सरकार बनाने के लिए बीजेपी की योजना
कर्नाटक में बीजेपी की योजना है कि विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा गिराकर ही 207 कर दिया जाए. इसके लिए सत्ताधारी पार्टी के 16 विधायकों को इस्तीफे देने होंगे. 207 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी 104 सीटों के साथ बहुमत हासिल कर लेगी. इसके अलावा निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी हासिल हो सकता है.

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First published: July 22, 2019, 11:29 AM IST
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