कर्नाटक फ्लोर टेस्ट: मायावती ने अपने विधायक से कहा- कुमार स्वामी के पक्ष में डालना वोट

मायावती के कहने पर कांग्रेस-जेडीएस के पक्ष में वोट करेंगे बीएसपी विधायक

News18Hindi
Updated: July 21, 2019, 8:08 PM IST
कर्नाटक फ्लोर टेस्ट: मायावती ने अपने विधायक से कहा- कुमार स्वामी के पक्ष में डालना वोट
कर्नाटक सियासी संकट: मायावती ने अपने विधायक से कहा- फ्लोर टेस्ट से रहो दूर
News18Hindi
Updated: July 21, 2019, 8:08 PM IST
कर्नाटक की राजनीति में अभी तक कुछ भी साफ नहीं हो सका है. गुरुवार को कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा पेश किए गए विश्वास मत के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था. फिर शुक्रवार को हुए राजनीतिक उठापटक के बाद अब विधायकों की अपील पर सदन को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.

कल राज्य के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी विश्वासमत पेश करने जा रहे हैं. लेकिन गठबंधन में कांग्रेस-जेडीएस की सहयोगी पार्टी बहुजन समाज पार्टी के विधायक से कुमार स्वामी के पक्ष  में वोट डालने को कहा है.



जबकि इससे पहले बसपा विधायक एन. महेश ने कहा कि मैं इस विधानसभा सत्र में शामिल नहीं हो पाऊंगा. मुझे पार्टी आलाकमान की ओर से विश्वासमत साबित करने की प्रक्रिया से दूर रहने को कहा गया है. इसलिए मैं सोमवार और मंगलवार को सत्र में मौजूद नहीं रहूंगा. इस दौरान मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में रहूंगा.

 कल होगा विश्वासमत
कर्नाटक में चल रहे राजनीतिक घमासान कल सोमवार को विश्वासमत के बाद खत्म हो सकता है. कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार को सदन में बहुमत साबित करना है. शुक्रवार को कर्नाटक में राजनीतिक उठापटक देखने को मिली. दरअसल शुक्रवार को भी सदन में विश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी थी. जो राजनीतिक अस्थिरता की वजह से नहीं हो पाई. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने सदन की कार्यवाही 22 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी थी.

22 जुलाई को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस खुद को मजबूत स्थिति में लाने की कोशिश में लग गई है. इसी क्रम में रविवार को बेंगलुरु के ताज होटल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी.
Loading...

कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई पर अब होगी सबकी नजर
अबकी बार जिस तरह सत्ताधारी गठजोड़ के 15 बागी विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा स्पीकर के पास भेजा है. उसने इस सवाल को जन्म दिया कि चुना हुआ जनप्रतिनिधि किन हालात में अपनी मर्जी से उस पद को छोड़ सकता है, जिसमें जनता की भी भागीदारी है. क्या उसके इस फैसले में जनता की मर्जी नहीं होनी चाहिए कि वो जो फैसला कर रहा है वो कितना सही या गलत है.

एक या दो विधायक अगर किसी वाजिब कारण से अपनी विधायकी या सांसदी छोड़ते हैं तो समझ में आता है कि कोई व्यक्तिगत या आवश्यक वजह होगी कि उन्होंने ऐसा किया, लेकिन अगर एक साथ ऐसा काम बड़ी संख्या में एक साथ हो रहा है तो क्या ये संविधान की भावना का सम्मान करता है.

ये भी पढ़ें-
कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस विधायकों की बैठक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 21, 2019, 5:05 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...