कर्नाटक संकट: अब कुमारस्वामी सरकार के पास हैं ये 4 रास्ते

कांग्रेस ने कर्नाटक की राजनीतिक ड्रामे की 'कहानी' तैयार करने का आरोप बीजेपी पर लगाया है. हालांकि, बीजेपी इन आरोपों को नकार रही है. फिलहाल कर्नाटक के इस राजनीतिक संकट के ये चार संभावित अंत नज़र आ रहे हैं:-

News18Hindi
Updated: July 11, 2019, 11:21 AM IST
कर्नाटक संकट: अब कुमारस्वामी सरकार के पास हैं ये 4 रास्ते
कुमारस्वामी, सिद्धारमैया और एचडी देवगौड़ा
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Updated: July 11, 2019, 11:21 AM IST
कर्नाटक में सियासी संकट दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है. ये सियासी ड्रामा बेंगलुरु से मुंबई होते हुए अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को बागी विधायकों के इस्तीफे के मुद्दे पर सुनवाई करने वाला है. अभी तक कुल 16 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं, जिसकी वजह से कांग्रेस-जेडीएस सरकार पर संकट बना हुआ है. इस राजनीतिक संकट के बीच मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है. विधानसभा स्पीकर केआर रमेश ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह पोस्टल सर्विस से भेजे गए किसी भी विधायक का इस्तीफा मंजूर नहीं करेंगे. ऐसे में सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर है.

वहीं, बुधवार को मुंबई में डीके शिवकुमार को हिरासत में लिया गया और जबरन बेंगलुरु भेज दिया गया. दरअसल, कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायक इस्तीफा देने के बाद मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में ठहरे हुए हैं. बागी विधायकों ने जान का खतरा बताते हुए मुंबई पुलिस को चिट्ठी लिखी है और सुरक्षा की अपील की है. बागी विधायकों की मांग पर एक्शन लेते हुए मुंबई पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है.

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होटल में धारा 144 लागू

नाराज़ विधायकों से मिलने के लिए कांग्रेस ने अपने संकटमोचक डीके शिवकुमार को मुंबई भेजा, लेकिन पुलिस ने उन्हें होटल जाने नहीं दिया. इसके बाद पुलिस ने होटल के बाहर धारा 144 भी लगा दी है. इसके बाद भी जब शिवकुमार नहीं माने, तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया. वहीं बेंगलुरु विधान सौधा में 11 से 14 जुलाई तक धारा 144 लागू कर दी गई है.

कर्नाटक संकट का ये हो सकता है अंत
कांग्रेस ने कर्नाटक की राजनीतिक ड्रामे की 'कहानी' तैयार करने का आरोप बीजेपी पर लगाया है. हालांकि, बीजेपी इन आरोपों को नकार रही है. फिलहाल कर्नाटक के इस राजनीतिक संकट के ये चार संभावित अंत नज़र आ रहे हैं:-
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1##बागी विधायकों में से 4 या 5 विधायक गठबंधन में वापसी के लिए तैयार हो जाएं. विधायक कैबिनेट पॉर्टफोलियो लेने की शर्त पर अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं. इसके लिए कांग्रेस को बीजेपी के विधायकों में सेंधमारी करनी होगी और उनके 4-5 विधायकों के इस्तीफे कराने होंगे.

2## दूसरा अंत ये है कि सत्ता में बीजेपी की वापसी हो जाए. अगर विधानसभा स्पीकर बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लेते हैं, बीजेपी के पक्ष में 108 विधायक होंगे. ऐसे में बीजेपी फिर से सरकार बनाने की स्थिति में होगी. वहीं, कांग्रेस-जेडीएस की संख्या घटकर 102 हो जाएगी. 13 विधायकों के इस्तीफे की हालत में 106 के संख्याबल पर सरकार बनाई जा सकती है. ऐसे में राज्यपाल बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दे सकते हैं.

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3## कर्नाटक में सियासी ड्रामे का एक अंत सुप्रीम कोर्ट कर सकता है. बागी विधायकों ने स्पीकर पर जान-बूझकर इस्तीफा स्वीकार करने में देर करने का आरोप लगाकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. ऐसे में कोर्ट स्पीकर से जल्द फैसला लेने को कह सकती है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट फ्लोर टेस्ट का आदेश भी दे सकता है.

4## चौथा और आखिरी रास्ता फिर से चुनाव कराने का है. अगर बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर हो जाते हैं और बीएसपी समेत दो निर्दलीय विधायक भी बीजेपी का समर्थन करने से इनकार कर देते हैं, तो बीजेपी बहुमत से दूर रह सकती है. इस स्थिति में राज्यपाल राष्ट्रपति शासन लागू कर सकते हैं. फिर अगले चुनाव होने तक राज्य का पूरा कामकाज राज्यपाल की देखरेख में हो सकता है.

कर्नाटक संकट: बेंगलुरु विधान सौधा में 11 से 14 जुलाई तक धारा 144 लागू
First published: July 11, 2019, 9:24 AM IST
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