लाइव टीवी

कर्नाटक संकट: बेंगलुरु विधान सौधा में 11 से 14 जुलाई तक धारा 144 लागू

News18Hindi
Updated: July 10, 2019, 10:56 PM IST

राजनीतिक उठापटक के बीच खबर आ रही है कि विधानसभा अध्‍यक्ष केआर रमेश 17 जुलाई को एचडी कुमारस्‍वामी को बहुमत साबित करने का न्योता दे सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 10, 2019, 10:56 PM IST
  • Share this:
कर्नाटक में सियासी संकट दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है. इस सियासी ड्रामे का केंद्र अब बेंगलुरु से मुंबई बन गया है. कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायक इस्तीफा देने के बाद मुंबई के एक फाइव स्टार होटल में ठहरे हुए हैं. बागी विधायकों ने जान का खतरा बताते हुए मुंबई पुलिस को चिट्ठी लिखी है और सुरक्षा की अपील की है. बागी विधायकों की मांग पर एक्शन लेते हुए मुंबई पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है. होटल के बाहर महाराष्ट्र स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स के जवान तैनात कर दिए गए हैं, जो होटल के एंट्री गेट पर आने जाने वालों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं. नाराज़ विधायकों से मिलने के लिए कांग्रेस ने अपने संकटमोचक डीके शिवकुमार को मुंबई भेजा, लेकिन पुलिस ने उन्हें होटल जाने नहीं दिया. इसके बाद पुलिस ने होटल के बाहर धारा 144 भी लगा दी है. इसके बाद भी जब शिवकुमार नहीं माने, तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया. उधर, बेंगलुरु में कर्नाटक के मामले को लेकर बीजेपी डेलीगेशन ने राज्यपाल से मुलाकात की है. वहीं बेंगलुरु विधान सौधा में 11 से 14 जुलाई तक धारा 144 लागू कर दी गई है.

सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने वाले विधायक से की मुलाकात
बेंगलुरु में  सिद्धारमैया ने आज विधायक पद से इस्तीफा देने वाले कांग्रेस विधायक डॉ. के सुधाकर से मुलाकात की. वे विधान सौधा में मंत्री केजी जॉर्ज के कार्यालय में मिले.

सभी कांग्रेस नेताओं को छोड़ा गया

वहीं मिलिंद देवड़ा के ऑफिस की तरफ से ट्वीट किया गया कि मिलिंद देवड़ा और अन्य कांग्रेसी नेताओं को छोड़ दिया गया है. पुलिस डीके शिवकुमार को एयरपोर्ट लेकर जा रही है. उन्हें जबर्दस्ती बेंगलुरु भेजा जा रहा है.

मिलिंद देवड़ा ने किया ट्वीट
मुझे 3 घंटे हिरासत में रखने के बाद मुंबई पुलिस ने मुझे रिलीज़ कर दिया है. आज का दिन मुंबई और भारतीय लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है. मुंबई संवैधानिक औचित्य को बनाए रखने की कर्नाटक कांग्रेस की लड़ाई मजबूती के साथ खड़ा है. मेरे साथ खड़े होने के लिए मैं मुंबई कांग्रेस और मुंबई यूथ कांग्रेस का शुक्रगुज़ार हूं.
Loading...

डीके शिवकुमार  मुंबई से बेंगुलुरु भेजे गए
डीके शिवकुमार को पुलिस मुंबई से बेंगुलुरु भेज रही है. जिसके बाद उन्होंने कहा कि वे मुझे यहां से निकाल रहे हैं इसलिए मेरे पास कोई और ऑप्शन नहीं है. उन्होंने कहा मुझे अब भी भरोसा है कि वे सभी वापस आ जाएंगे. उन्होंने कहा कि वहां कांग्रेस-जेडीएस की सरकार सुरक्षित रहेगी. उनमें से कोई भी पार्टी नहीं छोड़ रहा है.

कुमारस्वामी ने मुंबई पुलिस का किया विरोध
कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी ने मुंबई पुलिस के रवैये को लेकर ट्वीट किया है. मंत्रियों और विधायकों मुंबई पुलिस का इस तरह से परेशान करना अशोभनीय और परेशान करने वाला है. महाराष्ट्र सरकार के इस तरह के जल्दबाजी में काम करने से बीजेपी की हॉर्स ट्रेडिंग पर संदेह मजबूत होता है. यह हमारे देश के लोकतंत्र पर एक काला निशान है.

विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार नहीं किया इस्तीफा
कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने कहा है कि मैंने कोई इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है, मैं इस तरह से इसे स्वीकार भी नहीं कर सकता. मैंने उन्हें 17 तारीख का समय दिया है. मैं पूरी प्रक्रिया के हिसाब से ही निर्णय लूंगा. उन्होंने कहा कि आज दो और विधायक डॉ. के. सुधाकर और श्री एमटीबी नागराज ने इस्तीफा दे दिया है. अन्य विधायकों के मामले में, कानून अपना काम करेगा. कानून किसी व्यक्ति भी व्यक्ति को लेकर भेदभाव  नहीं कर सकता है, यह एक है और सभी के लिए एक समान है.

सुप्रीम कोर्ट पहुंचे बागी विधायक
मामले की सुनवाई के दौरान बागी विधायकों की तरफ से वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि स्पीकर अपने दायित्य का पालन नहीं कर रहे हैं. कर्नाटक में अजीब परिस्थिति है. विधायकों को जनता के बीच दोबारा जाना भी है. बागी विधायक मामले की सुनवाई आज या कल चाहते है. चीफ जस्टिस (सीजेआई) रंजन गोगोई ने कहा कि हम देखेंगे कि कब सुना जाए.

शिवकुमार की होटल बुकिंग कैंसिल
यही नहीं, जिस होटल में 10 बागी विधायक रह रहे हैं, उसी होटल में कर्नाटक सरकार के मंत्री डीके शिवकुमार ने कमरा बुक कराया था. लेकिन होटल ने उनकी बुकिंग ही रद्द कर दी.

शिवकुमार बोले-अपने दोस्तों से मिलना चाहता हूं
इस दौरान मीडिया से बातचीत में शिवकुमार ने कहा, 'हम यहां अपने दोस्तों से मिलने आए हैं. उन्हें हमसे जान का कोई खतरा नहीं है. वो हमारी पार्टी के लोग हैं. हमें राजनीति में एक ही साथ पैदा हुए और एक साथ मरेंगे. हम यहां अपने दोस्तों-भाइयों का हाल-चाल लेने आए हैं.'

मुंबई होटल के बाहर डीके शिवकुमार


शिवकुमार ने कहा, 'बहुत छोटी सी समस्या है. हमें बातचीत करनी है. हम सीधे तलाक नहीं कर सकते. उन्हें डराने का कोई सवाल ही नहीं है. हम एक दूसरे की इज्जत करते हैं. वो हमारे भाई हैं. पुलिस हमें अंदर जाने दे.'



शिवकुमार-कुमारस्वामी से नहीं मिलना चाहते विधायक

मुंबई के रेनिसंस होटल में ठहरे कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के 10 बागी विधायकों ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को लिखी चिट्ठी में बताया कि उनकी जान को खतरा है. लिहाजा होटल के बाहर सुरक्षा मुहैया कराई जाए. इन विधायकों का कहना है कि वो कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार नहीं मिलना चाहते हैं.

कर-नाटक: कुमारस्‍वामी को 17 जुलाई को साबित करना पड़ेगा बहुमत!



 

होटल के बाहर तैनात पुलिस


विधानसभा स्पीकर ने क्या कहा?
कर्नाटक में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार ने कहा कि 13 में से 8 विधायकों के इस्तीफे कानूनन तौर पर सही नहीं है. रमेश ने बताया कि उन्होंने इस बारे में राज्यपाल वजुभाई पटेल को भी जानकारी दे दी है. उन्होंने कहा, 'किसी भी बागी विधायक ने मुझसे मुलाकात नहीं की. मैंने राज्यपाल को भरोसा दिलाया है कि मैं संविधान के तहत काम करूंगा. जिन पांच विधायकों के इस्तीफे ठीक है, उनमें से मैंने 3 विधायकों को 12 जुलाई और 3 विधायकों को 15 जुलाई को मिलने का वक्त दिया है.'

ये भी पढ़ें:  पीछा करते रह गए 'संकटमोचक', MLA ने पकड़ ली प्लेन

कितने विधायकों ने दिया इस्तीफा?
कर्नाटक में अब तक कांग्रेस के 11, जेडीएस के 3 विधायकों ने इस्तीफा दिया है. इसके साथ ही 2 निर्दलीय विधायकों ने भी इस्तीफा देकर सरकार से समर्थन वापस ले लिया है. इनमें उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह शामिल हैं. वहीं, कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी मंगलवार को इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल होने की बात कही.

कुमारस्वामी को साबित करना पड़ सकता है बहुमत
राजनीतिक उठापटक के बीच खबर आ रही है कि विधानसभा अध्‍यक्ष केआर रमेश 17 जुलाई को एचडी कुमारस्‍वाती को बहुमत साबित करने का न्योता दे सकते हैं.

कर्नाटक में किसको कितनी सीटें?
कर्नाटक में कुल 224 विधानसभा सीटें हैं, बहुमत का आंकड़ा 113 है. इसमें बीजेपी के 105 विधायक हैं. जबकि कांग्रेस के पास 80 और जेडीएस के पास 37 विधायक हैं. इस तरह से दोनों के पास कुल 117 विधायक हैं. बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) और निर्दलीय विधायक भी गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं. लेकिन, 13 विधायकों को इस्तीफे से गठबंधन सरकार के पास 104 विधायक रह जाते हैं. हालांकि, अभी तक विधानसभा अध्यक्ष ने 13 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है.

इसी होटल में रुके हैं बागी विधायक


14 विधायकों के इस्तीफे के बाद क्या होगी स्थिति?
शनिवार को कांग्रेस-जेडीएस के 14 विधायकों ने स्पीकर को इस्तीफा दे दिया था. अगर 14 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार होते हैं तो विधानसभा में कुल 210 सदस्य रह जाएंगे. विधानसभा अध्यक्ष को छोड़कर ये संख्या 209 रह जाएगी. ऐसे में बहुमत के लिए 105 विधायकों की जरूरत होगी. कुमारस्वामी सरकार के पास केवल 102 विधायकों का समर्थन रह जाएगा. ऐसे में सरकार अल्पमत में आ जाएगी.

सरकार बनाने के लिए बीजेपी की योजना
कर्नाटक में बीजेपी की योजना है कि विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा गिराकर ही 207 कर दिया जाए. इसके लिए सत्ताधारी पार्टी के 16 विधायकों को इस्तीफे देने होंगे. 207 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी 104 सीटों के साथ बहुमत हासिल कर लेगी. इसके अलावा निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी हासिल हो सकता है.

ये भी पढ़ें: क्या बचेगी कुमारस्वामी सरकार? स्पीकर के पास हैं ये 4 ऑप्शन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 10, 2019, 10:48 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...