कर्नाटक: पूरे मामले में फ्रंटफुट पर आने से क्यों परहेज कर रही है BJP

कांग्रेस और जेडीएस विधायकों के इस्तीफे के बाद सरकार बनाएगी या फिर चुनाव में जाना चाहेगी, कर्नाटक में बीजेपी इस पर बोलने से बच रही है पार्टी

Anil Rai | News18Hindi
Updated: July 8, 2019, 5:53 PM IST
कर्नाटक: पूरे मामले में फ्रंटफुट पर आने से क्यों परहेज कर रही है BJP
कर्नाटक में चुनाव होंगे या सरकार बनेगी. इस पर बीजेपी खुल कर नहीं बोलना चाहती
Anil Rai
Anil Rai | News18Hindi
Updated: July 8, 2019, 5:53 PM IST
कर्नाटक में राजनीतिक संकट चरम पर है, इस्तीफों का दौरा जारी है. हर घंटे कोई न कोई नेता इस्तीफा दे रहा है. अब तक इस्तीफों के जो आकड़े सामने आ रहे हैं, उसे सही मान ले तो कर्नाटक की कुमारस्वामी सरकार अल्पमत में है. फिर भी बीजेपी अभी तक कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं.

यहां तक कि विधायकों के इस्तीफों पर विधानसभा अध्यक्ष के अब तक फैसला न लेने पर भी राज्यपाल ने हस्तक्षेप नहीं किया है. ऐसे में बीजेपी नेताओं की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है, क्या बीजेपी की चुप्पी सिर्फ इसलिए है कि विधानसभा चुनावों के ठीक बाद सरकार बनाने के बाद भी वो बहुमत सिद्ध नहीं कर पाई या कुछ और कारण है.

चुप क्यों हैं बीजेपी के नेता ?
इतने बड़े राजनीतिक संकट के बाद भी बीजेपी अपने पत्ते नहीं खोल रही है. टीबी डिबेट में भी लगातार कर्नाटक में सरकार बनाने या चुनाव में जाने के सवाल पर बीजेपी के प्रवक्ता बचते नजर आ रहे हैं आखिर क्यों? हालांकि केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कर्नाटक में इस्तीफों की राजनीति के लिए राहुल गांधी को ही जिम्मेदार ठहरा दिया लेकिन बीजेपी का मास्टर प्लान क्या है? इस पर चारों तरफ चुप्पी है.

फिलहाल कर्नाटक के जो राजनीतिक हालात है, उसमें सबकुछ बीजेपी के पाले में जाता दिख रहा है , लेकिन सवाल सिर्फ इतना है कि कुमार स्वामी की सरकार जाने के बाद बीजेपी वर्तमान आकड़ों के साथ सरकार बनाती है या विधानसभा चुनाव में जाती है. क्योंकि बहुमत के गणित में फेल होने के बाद कुमार स्वामी विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर सकते हैं और गेंद राज्यपाल के पाले में चली जाएगी.



वर्तमान आंकड़ें के साथ सरकार बनाने में सरकार का भविष्य विधानसभा उपचुनाव में परिणामों पर टिका होगा जबकि विधानसभा चुनाव कराने में बीजेपी ज्यादा फायदे में दिख रही है. लोकसभा चुनावों में कर्नाटक में बीजेपी को 28 में से 25 लोकसभा सीटें मिली थी जबकि 51.4 फीसदी वोट मिले थे. ऐसे में राजनीतिक समीक्षक बीजेपी के क्लीन स्वीप का अंदाजा लगा रहे हैं.
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ये है चुप्पी की असली वजह
सूत्रों की माने तो बीजेपी इन्हीं आकड़ों से सरकार बनाएगी या चुनाव में जाएगी, इस सवाल से बीजेपी नेता इसलिए बच रहे हैं. क्योकि अगर बीजेपी इन आंकड़ों के साथ सरकार बनाने का दावा करती है तो शायद वो विधायक अपने इस्तीफों के बारे में पुनर्विचार करने लगे जिन्होंने इस्तीफा दे दिया है.

जबकि अगर बीजेपी विधानसभ भंग कर चुनाव में जाने की बात करती है तो वो विधायक पाला बदल सकते है जिन्हें अपने हारने के खतरे का आभास है और यही वो कारण है कि बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व अपने पत्ते खोलने के लिए सही समय का इंतजार कर रहा है.

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First published: July 8, 2019, 5:25 PM IST
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