आज CM पद की शपथ लेंगे येदियुरप्पा, कार्यक्रम में मोदी-शाह नहीं रहेंगे मौजूद

17 मई को शपथ ग्रहण के बाद येदियुरप्पा को सदन के भीतर बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया है. ऐसे में आगे बीजपी की रणनीति क्या होगी.

News18Hindi
Updated: May 17, 2018, 7:23 AM IST
आज CM पद की शपथ लेंगे येदियुरप्पा, कार्यक्रम में मोदी-शाह नहीं रहेंगे मौजूद
येदियुरप्पा
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Updated: May 17, 2018, 7:23 AM IST
कर्नाटक में किसकी सरकार बनेगी, आखिरकार ये तय हो गया है.  राज्यपाल वजुभाई वाला ने राज्य में सरकार बनाने के लिए सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को न्योता दिया है. येदियुरप्पा गुरुवार सुबह 9:30 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. हालांकि, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मौजूद नहीं रहेंगे.

इस बीच कांग्रेस ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) का रुख किया है और इस मामले की तत्काल सुनवाई करने को कहा है. कुछ कांग्रेसी नेता CJI दीपक मिश्रा के घर पहुंचे हैं. CJI दीपक मिश्रा के घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

वहीं, जेडीएस नेता एचडी कुमारस्‍वामी से राज्यपाल के फैसले पर आपत्ति जाहिर की है. कुमारस्वामी ने कहा- 'राज्‍यपाल सिस्‍टम सही करें, गुजराती बिजनेस न करें.'

राज्यपाल का खत

सीजेआई से तुरंत सुनवाई की मांग

इस मामले पर कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला को अपने पद पर बने रहने का कोई हक़ नहीं है. उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए. बीजेपी पर हमला बोलते हुए सुरजेवाला ने कहा- 'हम अमित शाह से पूछना चाहते हैं कि अगर दो पार्टी गठबंधन की सरकार नहीं बना सकती, तो आपने गोवा और मणिपुर में सरकार कैसे बना ली. राज्यपाल ने बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता देकर राजभवन को शर्मिंदा किया है.'

कांग्रेस और जेडीएस ने लगाया खरीद-फरोख्त का आरोप

बहुमत साबित करने के लिए बीजेपी को 15 दिन मिले हैं. इस पर सवाल उठाते हुए जेडीएस के एचडी कुमारस्वामी ने कहा, 'बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन देकर गवर्नर खरीद-फरोख्त को बढ़ावा दे रहे हैं. यह पूर्ण रूप से असंवैधानिक है.' कुमारस्वामी ने पहले भी बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा था कि पार्टी ने उनके विधायकों को तोड़ने और सरकार गठन करने के लिए कई विधायकों को 100 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की थी.

दोनों ही पार्टियों ने दो बार की राज्यपाल से मुलाकात

मंगलवार को कर्नाटक चुनाव के नतीजे आने के बाद सबसे पहले येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात की. उसके बाद सिद्धारमैया और कुमारस्वामी भी राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे. दोनों पार्टियों ने सरकार बनाने का दावा किया था. राज्यपाल से मुलाकात के बाद येदियुरप्पा ने कहा था कि राज्यपाल ने उन्हें जल्द ही उचित कदम उठाने का भरोसा दिया है. उसके बाद कुमारस्वामी, जी परमेश्वर और रेवन्ना ने राज्यपाल से मुलाकात कर 113 विधायकों का समर्थन पत्र देकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था.

येदियुरप्पा कैसे साबित करेंगे बहुमत?

17 मई को शपथ ग्रहण के बाद येदियुरप्पा को सदन के भीतर बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया है. ऐसे में आगे बीजपी की रणनीति क्या होगी.

इस वक्त बीजेपी के पास उसके अपने 104 विधायक हैं. इसके अलावा उसने एक निर्दलीय विधायक और केपीजेपी के एक विधायक के समर्थन लेने की कोशिश की है. अगर इन दोनों का समर्थन बीजेपी को मिल जाता है तो उसका आंकड़ा 106 हो जाएगा. इसके अलावा बीएसपी के एक विधायक पर भी बीजेपी की नजर है. बीजेपी के रणनीतिकार उसे भी अपने साथ लेने की कोशिश कर रहे हैं. अगर बीजेपी की रणनीति सफल भी हो जाती है तो आंकड़ा 107 ही पहुंच पाएगा, जो कि बहुमत से पांच कम रहने वाला है.

ऐसे में बीजेपी के नेता भी यह मान कर चल रहे हैं कि जेडीएस और कांग्रेस के विधायकों के पाला बदले बगैर किसी भी तरह से विधानसभा के भीतर बहुमत साबित करना संभव नहीं है.

बता दें कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी 104 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटें मिली. हालांकि कोई भी पार्टी 112 का जादुई आंकड़ा नहीं पार कर सकी.
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