कर्नाटक विधानसभा उपचुनाव: हारने का विकल्प किसी के पास नहीं है

कर्नाटक के सीरा और आरआर नगर विधानसभा सीटों के लिए 3 नवंबर के लिए चुनाव होने जा रहे हैं.
कर्नाटक के सीरा और आरआर नगर विधानसभा सीटों के लिए 3 नवंबर के लिए चुनाव होने जा रहे हैं.

राजनीतिक पंडितों के अनुसार, इन चुनावों में वास्तविक उम्मीदवार हैं बीएस येदियुरप्पा, राज्य कांग्रेस के अध्यक डीके शिवकुमार, और जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 2:50 PM IST
  • Share this:
बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) के सीरा और आरआर नगर विधानसभा सीटों (karnataka elections) के लिए 3 नवंबर के लिए चुनाव होने जा रहे हैं. जेडीएस विधायक सत्यनारायण की मौत के कारण सीरा में चुनाव कराने पड़ रहे हैं जबकि कांग्रेस विधायक एम मुनिरत्ना के बीजेपी में शामिल हो जाने के कारण आरआर नगर में चुनाव हो रहे हैं. आरआर नगर बेंगलुरु शहर का बाहरी इलाका है, जबकि सीरा पड़ोस के टुमकुर जिले में है. यह चुनाव सभी तीनों बड़े दलों, सत्ताधारी बीजेपी, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और तीसरा जेडीएस के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई है.

राजनीतिक पंडितों के अनुसार, इन चुनावों में वास्तविक उम्मीदवार हैं बीएस येदियुरप्पा, राज्य कांग्रेस के अध्यक डीके शिवकुमार, और जेडीएस प्रमुख एचडी कुमारस्वामी. ये चुनाव इन तीनों के लिए मूंछ की लड़ाई है. दोनों ही सीट पुराने मैसूर क्षेत्र में हैं और वह भी वोक्कालिगा समुदाय का यह गढ़ माना जाता है. डीके शिवकुमार के लिए ये दोनों सीट जीतना बहुत जरूरी है. वे भी इसी जाति से आते हैं.

फिर, छह महीना पहले कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनने के बाद से उनके नेतृत्व में यह पहला चुनाव है. अगर वे यह चुनाव हारते हैं तो गुटबंदियों से परेशान कर्नाटक कांग्रेस में उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी. पार्टी राज्य में उनके नेतृत्व में अगले चुनावों में वापसी का ख़्वाब देख रही है.



कांग्रेस ने पहले ही सीरा से अपने पुराने और धाकड़ नेता टीबी जयचंद्र को इस चुनाव में टिकट देने की घोषणा कर रखी है जो पिछली बार बहुत ही कम वोटों से जेडीएस के उम्मीदवार से विधानसभा का चुनाव हार गए थे. अब यह वोक्कालिगा नेता जेडीएस से अपना हिसाब चुकाने के लिए इस चुनाव को जीतना चाहता है. उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में चुनाव अभियान शुरू कर दिया है.
पार्टी जयचंद्र की छवि और शिवकुमार की क्षमता के भरोसे इस चुनाव को जीतने के बारे में आश्वस्त है. जेडीएस इस समय दिशाहीन दिख रही है और वोक्कालिगा नेता शिवकुमार के उभरने से इस क्षेत्र में उसके वोक्कालिगा वोट में सेंध लगने की आशंका है और यह उसके राह की बाधा बन सकती है.
यद्यपि, पार्टी का सीरा में कोई आधार नहीं है, पर बीजेपी ने इस क्षेत्र में बड़ी लड़ाई लड़ने का मन बनाया है. येदियुरप्पा ने गोल्ला विकास निगम का गठन किया है और ऐसा उप-चुनावों को ध्यान में रखकर ही किया गया है. सीरा विधानसभा क्षेत्र में गोल्ला जाति की संख्या काफ़ी अधिक है.

आरआर नगर बेंगलुरु ग्रामीण लोकसभा सीट का हिस्सा है और यहां से शिवकुमार के छोटे भाई डीके सुरेश चुनाव जीतते रहे हैं. यह एकमात्र सीट है जो 2019 के लोकसभा चुनाव में कर्नाटक से कांग्रेस जीत पायी थी. शिवकुमार ने कहा है कि कांग्रेस आरआर नगर में ऐसे उम्मीदवार को उतार सकती है जो लोगों को अचंभे में डाल सकता है. बीजेपी ने अभी यहां से अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है और इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वह यहां से मुनिरत्ना को टिकट देगी. मुनिरत्ना बीएसवाई को पिछले साल मुख्यमंत्री बनाने के लिए भाजपा में शामिल हुए थे.

जेडीएस का भी इस क्षेत्र में आधार है और वह कांग्रेस के वोट में सेंध लगा सकती है जो कि अप्रत्यक्ष रूप से बीजेपी को फ़ायदा पहुंचाएगा. इस चुनाव में जीत या हार से कर्नाटक सरकार के स्थायित्व पर कोई असर नहीं पड़ेगा. लेकिन न तो बीजेपी और न ही कांग्रेस/जेडीएस इस लड़ाई को हारने का जोखिम मोल ले सकने की स्थिति में है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज