आज़ाद भारत के इतिहास में दूसरी बार आधी रात को खुला सुप्रीम कोर्ट

इसके पहले साल 2015 में मुंबई ब्लास्ट केस 1993 के आरोपी याकूब मेमन को फांसी देने के लिए सुप्रीम कोर्ट को रात 3 बजे खोला गया था.

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Updated: May 17, 2018, 9:41 AM IST
आज़ाद भारत के इतिहास में दूसरी बार आधी रात को खुला सुप्रीम कोर्ट
केंद्र सरकार की ओर से अडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, बीजेपी की ओर से पूर्व अटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी और कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में पेश हुए.
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Updated: May 17, 2018, 9:41 AM IST
कर्नाटक चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला. इस वजह से राज्यपाल वजुभाई वाला ने चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें हासिल करने वाली बीजेपी पार्टी को सरकार बनाने का न्योता दे दिया. राज्यपाल के इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में उथल-पुथल मच गई क्योंकि पहले से ही कांग्रेस-जेडीएस मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुकी थी.

जैसा कि मामला बेहद गंभीर था इसलिए बात सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई रात के 1:45 बजे शुरू हुई. इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने की. इस बेंच में जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस सीकरी और जस्टिस बोबडे शामिल थे. मामले में केंद्र सरकार की ओर से अडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, बीजेपी की ओर से पूर्व अटर्नी जनरल मुकुल रोहतगी और कांग्रेस की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी कोर्ट में पेश हुए.

बहरहाल, मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने शपथ ग्रहण पर रोक लगने से इंकार कर दिया है. तय कार्यक्रम के मुताबिक गुरुवार को सुबह 9 बजे येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इस मामले की अगली सुनवाई अब शुक्रवार सुबह 10:30 बजे होगी. कोर्ट ने अगली सुनवाई में दोनों पक्षों को विधायकों की लिस्ट भी लाने को कहा है.

दूसरी बार रात को खुला सुप्रीम कोर्ट:

स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह दूसरा मौका है जब सुप्रीम कोर्ट रात को खुला, इसके पहले साल 2015 में मुंबई ब्लास्ट केस 1993 के आरोपी याकूब मेमन को फांसी देने के लिए सुप्रीम कोर्ट को रात 3 बजे खोला गया था. इस दौरान 90 मिनट तक सुनवाई चली थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने याकूब की फांसी की अपील नामंजूर कर दी थी. उसे सुबह 7 बजे के करीब पहले नागपुर सेंट्रल जेल में फांसी की सजा दे दी गई थी. वैसे राजनीतिक मामले को लेकर यह पहली बार हुआ है जब सुप्रीम कोर्ट ने आधी रात में कार्रवाई की.
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