बेटी ने परीक्षा में लाए 94% अंक, गाड़ी साफ करने वाले पिता को चिंता- अब कैसे दिलाएं स्मार्टफोन

बेटी ने परीक्षा में लाए 94% अंक, गाड़ी साफ करने वाले पिता को चिंता- अब कैसे दिलाएं स्मार्टफोन
कोरोना के कारण देशभर के अधिकांश स्कूलों और कॉलेजों में क्लासेस ऑनलाइन आयोजित की जा रही हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

परिवार के सामने आगे की पढ़ाई का खर्चा उठाना, ट्रेनिंग, कोचिंग की फीस का इंतजाम करना सबसे बड़ी चुनौती है. स्कूल से ऑनलाइन क्लासेस दी जा रही है, इसलिए बेटी को पढ़ने के लिए एक स्मार्टफोन की जरूरत है. परिवार के पास इतने पैसे नहीं हैं कि सबसे कम बजट का भी स्मार्टफोन खरीद सके. ऐसे में पिता ने रिश्तेदारों और दोस्तों से मदद की उम्मीद की है.

  • Share this:
बेंगलुरु. कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु में एक परिवार की तीन बेटियों ने प्री-यूनिवर्सिटी (Pre-University College Exams) की परीक्षा बहुत अच्छे नंबरों से पास की है. घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने और सीमित साधनों के बीच सबसे बड़ी बेटी ने 94 फीसदी मार्क्स लाए हैं. ऐसे में अब इनके पिता के सामने बेटियों को आगे पढ़ाने की समस्या आ गई है. चूंकि, कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के कारण स्कूल-कॉलेज बंद हैं और ऑनलाइन क्लासेस से ही पढ़ाई हो रही है. इसलिए परिवार को बेटियों के लिए एक स्मार्टफोन की जरूरत है, ताकि एक फोन से तीनों डिजिटल क्लासेस के जरिए आगे की पढ़ाई जारी रख सके.

अपनी तीन बेटियों के बारे में बात करते हुए पिता की आवाज में गर्व झलकता है. पिता बताते हैं- 'मैं नॉर्थ कर्नाटक में गाड़ियां साफ करने का काम करके हर महीने 6000 रुपये कमाता हूं, जिससे घर का खर्चा बहुत मुश्किल से हो पाता है. तीनों बेटियों पढ़ने में अच्छी हैं. अभी तक तीनों ने कहीं से कोई कोचिंग नहीं ली, घर पर ही पढ़ाई करके अच्छे नंबर लाए हैं.'

बड़ी बात: देशभर के 43 लाख स्टूडेंट्स को छोड़नी पड़ सकती है पढ़ाई, सामने आई ये वजह



परिवार का ध्यान अब सबसे बड़ी बेटी पर है, क्योंकि उसने प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज एग्जाम में 94 प्रतिशत मार्क्स हासिल किए हैं. पिता बताते हैं- 'बड़ी बेटी ने फिजिक्स, केमेट्री, मैथ्स और बायोलॉजी ली थी. वह इस सप्ताह के अंत में कर्नाटक में कॉलेज में एडमिशन के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट देगी. उसका सपना डॉक्टर बनने का है. इसके अलावा वह NEET की परीक्षा में भी बैठना चाहती है, जो कोरोना की वजह से फिलहाल स्थगित कर दी गई है.
लेकिन, परिवार के सामने आगे की पढ़ाई का खर्चा उठाना, ट्रेनिंग, कोचिंग की फीस का इंतजाम करना सबसे बड़ी चुनौती है. स्कूल से ऑनलाइन क्लासेस दी जा रही है, इसलिए बेटी को पढ़ने के लिए एक स्मार्टफोन की जरूरत है. परिवार के पास इतने पैसे नहीं हैं कि सबसे कम बजट का भी स्मार्टफोन खरीद सके. ऐसे में पिता ने रिश्तेदारों और दोस्तों से मदद की उम्मीद की है.

APJ Abdul Kalam: स्कूल के बाद अखबार बेचे, मिसाइल मैन से राष्ट्रपति तक...ऐसा रहा सफर

बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के कारण देश में अलग-अलग चरणों में 24 मार्च से लॉकडाउन लगाया गया. अब इसे अनलॉक के तहत चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है. हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से अभी भी स्कूल-कॉलेज बंद रखे गए हैं. देशभर के अधिकांश स्कूलों और कॉलेजों में क्लासेस ऑनलाइन आयोजित की जा रही हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading