कर्नाटक ने नई IT नीति को दी हरी झंडी, रोजगार के 60 लाख नये अवसर होंगे पैदा

कर्नाटक ने नई IT नीति को दी हरी झंडी, रोजगार के 60 लाख नये अवसर होंगे पैदा
कर्नाटक का आईटी उद्योग सबसे बड़े रोजगार पैदा करने वाले उद्योगों में से एक के रूप में उभरा है

Karnataka New IT Policy: कर्नाटक सरकार की नीति से देश के ट्रिलियन-डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy) बनाने के लक्ष्य में आईटी उद्योग का योगदान लगभग 30 प्रतिशत हो सकेगा.

  • भाषा
  • Last Updated: September 3, 2020, 11:32 PM IST
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बेंगलुरू. कर्नाटक मंत्रिमंडल (Karnataka Cabinet) ने गुरुवार को वर्ष 2020-25 के लिये नयी आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) नीति (New Information Technology Policy) को मंजूरी दे दी, जिसका उद्देश्य राज्य में रोजगार के 60 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर पैदा करना है. इस नीति से देश के ट्रिलियन-डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था (Digital Economy) बनाने के लक्ष्य में आईटी उद्योग का योगदान लगभग 30 प्रतिशत हो सकेगा.

सरकार के अनुसार, नीति यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य नवाचार और प्रौद्योगिकी में अपने नेतृत्व की स्थिति को बरकरार रखे. यह नीति, समग्र आर्थिक विकास की दिशा में गति बनाए रखने में मदद करेगी. इस नीति में स्थानीय उद्योग को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए बुनियादी ढांचा बढ़ाने और बेंगलुरु से परे निवेश व विकास को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया गया है.

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देश के आईटी केंद्र का हब है कर्नाटक
कर्नाटक देश का आईटी केन्द्र (IT Hub) है और इसकी राजधानी बेंगलुरू (Bengluru), दुनिया का चौथा सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी क्लस्टर (Technology Cluster) है. यह वर्ष 1997 में ही आईटी नीति तैयार करने वाला देश का पहला राज्य भी है, जिसने उद्योगों के विकास को गति दिया.

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एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया कि कर्नाटक का आईटी उद्योग सबसे बड़े रोजगार पैदा करने वाले उद्योगों में से एक के रूप में उभरा है और 80 प्रतिशत वैश्विक आईटी कंपनियां यहां से अपना परिचालन करती हैं.
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