• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • दिग्‍विजय को कर्नाटक हाईकोर्ट ने दिया झटका, विधायकों से मिलने वाली याचिका खारिज

दिग्‍विजय को कर्नाटक हाईकोर्ट ने दिया झटका, विधायकों से मिलने वाली याचिका खारिज

दिग्विजय का शिवराज से सवाल (फाइल फोटो)

दिग्विजय का शिवराज से सवाल (फाइल फोटो)

विधायकों से मिलने की कोशिश में आज सुबह बेंगलुरु (Bengaluru) के रिजॉर्ट के पास पहुंचे दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) को पुलिस ने हिरासत में लिया था. हालांकि थोड़े समय बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.

  • Share this:
    बेंगलुरु. कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka Highcourt) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) को झटका देते हुए बुधवार को विधायकों से मिलने के लिए दायर की गई याचिका खारिज कर दी. दिग्विजय सिंह ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी जिसमें उन्होंने पुलिस को ये निर्देश देने की अपील की थी कि वे मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बागी विधायकों से उन्हें मिलने दें. दिग्विजय सिंह ने कहा था कि मैंने तय किया है कि मैं व्रत रखूंगा और सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर कोई कदम उठाउंगा.

    वहीं दिग्विजय सिंह को कर्नाटक में हिरासत में लिए जाने के बाद भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता बीजेपी दफ्तर के सामने प्रदर्शन करने लगे जिसके बाद कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया था. बता दें दिग्विजय बागी विधायकों से मिलने की अनुमति नामंजूर होने के बाद धरने पर बैठ गए थे.

    विधायकों ने सिंह से मिलने से किया इनकार
    उधर बेंगलुरु के एक रिजॉर्ट में ठहरे मध्य प्रदेश कांग्रेस के बागी विधायकों का कहना है कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से नहीं मिलना चाहते, जो उनसे मिलने के लगातार प्रयास कर रहे हैं. विधायकों से मिलने की कोशिश में आज सुबह रिजॉर्ट के पास पहुंचे दिग्विजय सिंह को पुलिस ने हिरासत में लिया था. हालांकि थोड़े समय बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.

    मध्य प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री रहे सिंह ने प्रदर्शन करते हुए पुलिस पर उन्हें विधायकों से ना मिलने देने का आरोप लगाया. सिंह, कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख डी. के. शिवकुमार के साथ विधायकों से मिलने के लिए शीर्ष पुलिस अधिकारियों से मुलाकात भी की. उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा पर विधायकों से मिलने के उनके प्रयासों में बाधा डालने का आरोप भी लगाया.

    वीडियो जारी कर कही ये बात
    सुमावली से कांग्रेस के बागी विधायक अदल सिंह कसाना ने एक ‘वीडियो संदेश’ में कहा, ‘‘हम यहां अपनी मर्जी से आए हैं. हमें कुछ लोगों से पता चला है कि मध्य प्रदेश से दिग्विजय सिंह सहित कुछ नेता और विधायक हमसे मिलने यहां आए हैं. हम किसी से बात नहीं करना चाहते.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने पिछले एक साल में सबसे बात करने की बहुत कोशिश की, जब उन्होंने एक साल तक हमारी नहीं सुनी, तो अब वे एक दिन में हमारी क्या सुनेंगे? हम बस यह कहना चाहते हैं कि हम अपनी मर्जी से यहां आए हैं और अपनी मर्जी से ही वापस जाएंगे.’’

    अन्य बागी विधायक अदल गोविंद सिंह राजपूत ने भी कहा कि वे अपनी मर्जी से आए हैं और किसी से मिलना नहीं चाहते.

    ‘वीडियो संदेश’ में उन्होंने कहा, ‘‘हमें पता चला है कि दिग्विजय सिंह कुछ मंत्रियों और नेताओं के साथ आए हैं. बेवजह प्रवेश द्वार पर वे कह रहे हैं कि उन्हें हम से मिलना है. जबकि कोई विधायक उनसे मिलना नहीं चाहता. उन्हें यह सब नहीं करना चाहिए. सभी विधायकों ने अपना इस्तीफा दे दिया है.’’

    ऐसा कहा जा रहा है कि 22 बागी विधायक अभी यहां शहर में हैं.

    जिद पर अड़े रहे दिग्विजय
    वहीं दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह विधायकों से मिलना चाहते हैं, जो कि मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में ‘‘मतदाता’’ हैं और उनसे मुलाकात होने तक वह यहीं रहेंगे. पुलिस आयुक्त के साथ बैठक से पहले उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कोई शक नहीं है कि केन्द्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के दबाव के कारण उनसे (पुलिस आयुक्त) कोई मदद मिलेगी, वे विधायकों से मिलने नहीं देंगे क्योंकि अगर वे मुझसे मिलेंगे तो मेरे साथ आ जाएंगे.’’

    कुछ विधायकों के सिंह को संदेश (मैसेज) भेजने पर उनके यहां आने का दावा करते हुए शिवकुमार ने पूछा, ‘‘पुलिस हमें क्यों रोक रही है, उनके पास हमें रोकने का कोई अधिकार नहीं है, वह एक उम्मीदवार के अधिकार का हनन कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमारे उम्मीदवार (सिंह) उच्च अधिकारी (पुलिस आयुक्त) से अनुरोध करना चाहते हैं क्योंकि ये लोग (स्थानीय पुलिस) मुख्यमंत्री के इशारों पर काम कर रहे हैं, इसलिए वह उच्च अधिकारियों से अनुरोध कर रहे हैं. इसके बाद हम बाकी विकल्पों पर विचार करेंगे.’’

    शिवकुमार ने येडियुरप्पा पर लगाया आरोप
    शिवकुमार ने आरोप लगाया कि येडियुरप्पा ने सिंह के फोन का जवाब देने का शिष्टाचार भी नहीं दिखाया. उन्होंने कहा, ‘‘ (सिंह ने) उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध करने की कोशिश की लेकिन मुख्यमंत्री ने उनके फोन का जवाब तक नहीं दिया. वरिष्ठ नेताओं के फोन का जवाब देने का शिष्टाचार तक नहीं दिखाया.’’

    कांग्रेस को बड़ा झटका देते हुए उसके प्रतिष्ठित युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी छोड़ दी और इसके बाद मध्य प्रदेश से पार्टी के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया. इसके साथ 15 महीने पुरानी कमलनाथ सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है. सिंधिया 11 मार्च को भाजपा में शामिल हो गए थे.

    (भाषा के इनपुट के साथ)

    ये भी पढ़ें-
    एक रुपये में करवाएं थर्मल स्क्रीनिंग के जरिए बुखार की जांच, मिलेगी ये सुविधा

    कोरोना वायरस: ममता की सलाह- एक घंटे पहले दफ्तर से निकलें राज्य कर्मचारी

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज