लाइव टीवी

कोर्ट ने येडियुरप्‍पा सरकार से कहा-टीपू सुल्‍तान की जयंती पर लगे बैन पर सोचें, जो लोग मनाएं उन्हें सुरक्षा दें

News18Hindi
Updated: November 6, 2019, 6:28 PM IST
कोर्ट ने येडियुरप्‍पा सरकार से कहा-टीपू सुल्‍तान की जयंती पर लगे बैन पर सोचें, जो लोग मनाएं उन्हें सुरक्षा दें
बीजेपी विधायक एम अपाचू रंजन ने टीपू सुल्तान की जयंती मनाने का विरोध किया था.

इस साल कर्नाटक की बीजेपी सरकार (BJP) ने फैसला किया है कि वह टीपू सुल्‍तान (Tipu Sultan) की जयंती नहीं मनाएगी. इससे पहले कांग्रेस सरकार टीपू की जयंती मनाती थी. इस मामले पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, सरकार को टीपू सुल्‍तान की जयंती पर बैन लगाने के बारे में एक बार फिर से सोचना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 6, 2019, 6:28 PM IST
  • Share this:
बेंगलुरु. कर्नाटक सरकार (Karnataka Government) द्वारा टीपू सुल्‍तान (Tipu Sultan) की जयंती न मनाने का फैसला हाई कोर्ट पहुंच चुका है. हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने राज्‍य सरकार से कहा है कि वह अपने इस फैसले पर एक बार फिर से सोचे. बता दें कि इस साल कर्नाटक की बीजेपी सरकार (BJP) ने फैसला किया है कि वह टीपू सुल्‍तान (Tipu Sultan) की जयंती नहीं मनाएगी. इससे पहले कांग्रेस सरकार टीपू की जयंती मनाती थी. इस मामले पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, सरकार को टीपू सुल्‍तान की जयंती पर बैन लगाने के बारे में एक बार फिर से सोचना चाहिए. इस मामले में सरकार 3 जनवरी 2020 तक अपना जवाब दाखिल करे.

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश देते हुए कहा, जो लोग टीपू सुल्‍तान की जयंती राज्‍य में मना रहे हैं, सरकार को उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए. इस मामले में सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा, सरकार ने किसी भी व्‍यक्‍ति विशेष को 10 नवंबर को टीपू सुल्‍तान की जयंती मनाने से नहीं रोका है. लेकिन सरकार ने कहा कि वह पिछली सरकार की तरह टीपू की जयंती नहीं मनाएगी.

बीजेपी विधायक ने जताया था विरोध
बता दें कि बीजेपी विधायक एम अपाचू रंजन ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार को एक पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने 18वीं सदी में मैसूर पर राज करने वाले शासक टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) को कन्नड़ विरोधी बताया था. उन्होंने लिखा, इतिहास की किताबों में टीपू सुल्तान का महिमामंडन किया गया है. हमने किताबों में जो इतिहास पढ़ा है, वह पूरा नहीं है. ये पूरी तरह सत्य भी नहीं है. हमें सबसे पहले अब तक टीपू सुल्तान का जो महिमामंडन किया गया है, उसे रोकना होगा. टीपू सुल्तान कभी भी स्वतंत्रता के लिए नहीं लड़ा.

बीजेपी ने सत्‍ता में आते ही बदला फैसला
बीजेपी सरकार ने सत्ता में आने तीन दिन बाद ही  टीपू सुल्तान जयंती को न मनाने का फैसला किया था. इससे पहले की कांग्रेस सरकार टीपू सुल्तान की जयंती 10 नवंबर को मनाती थी, 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस फैसले पर बहुत बवाल मचा था. उत्तर कन्नड़ जिले में इस मुद्दे पर सांप्रदायिक हिंसा भी भड़क उठी थी. कांग्रेस जेडीएस सरकार बनने के बाद भी टीपू सुल्तान की जयंती मनाने का सिलसिला जारी रखा गया था, लेकिन जेडीएस ने खुद को इससे अलग रखा था. विधानसभा में इस सरकार के बहुमत खोन के बाद बीजेपी ने सत्ता पर काबिज होते ही पूर्व सरकार का ये फैसला बदल दिया था.

यह  भी पढ़ें...
Loading...

वकील VS दिल्ली पुलिस LIVE: हाईकोर्ट ने कहा वकीलों पर जबरदस्ती कार्रवाई नहीं, जारी रहेगा 2 पुलिसकर्मियों का निलंबन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 6, 2019, 5:48 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...