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कंगना रनौत को कर्नाटक हाईकोर्ट से झटका, निचली अदालत की कार्यवाही पर रोक लगाने से किया इनकार

कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें. (Pic- Twitter)

कंगना रनौत की बढ़ी मुश्किलें. (Pic- Twitter)

न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट (प्रथम श्रेणी) ने 9 अक्‍टूबर 2020 को पुलिस को किसान आंदोलन से संबंधित दो ट्वीट करने को लेकर कंगना रनौत (Kangana Ranaut) के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.

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नई दिल्‍ली. बॉलीवुड एक्‍ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) को मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) से किसान आंदोलन (Farmers Protest) से जुड़े एक ट्वीट के मामले में झटका लगा है. कर्नाटक हाईकोर्ट ने कंगना रनौत के खिलाफ तुमकुर की जिला अदालत द्वारा जारी कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट (प्रथम श्रेणी) ने 9 अक्‍टूबर 2020 को पुलिस को किसान आंदोलन से संबंधित दो ट्वीट करने को लेकर कंगना रनौत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.

Livelaw.in की रिपोर्ट के अनुसार कंगना रनौत ने इस आदेश के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. कंगना ने याचिका में मांग की थी कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए. कंगना रनौत के वकील रिजवान सिद्दीकी ने उनकी ओर से पेश होकर उनके खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की. इस पर हाईकोर्ट ने कहा, 'पहले आप आपत्ति का अनुपालन करें, उसके बाद ही हम आपके निवेदन पर विचार कर सकते हैं.'





जस्टिस एचपी संदेश ने कंगना रनौत को आपत्तियों के अनुपालन के लिए एक हफ्ते का समय दिया है और मामले को 18 मार्च को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है. इस सुनवाई के बाद कंगना रनौत ने ट्विटर पर कुछ ट्वीट भी किए.

कंगना ने ट्वीट में कहा, 'एक और दिन, एक और एफआईआर. कल जावेद चाचा ने महाराष्‍ट्र सरकार की मदद से मेरे खिलाफ वारंट जारी करवाया और अब कृषि बिलों को समर्थन देने के लिए एक और एफआईआर दर्ज की गई है. इसका मतलब जो लोग इस बिल के खिलाफ झूठ फैलाते हैं और किसानों की मौत के कारण दंगे करते हैं, उनको कुछ नहीं होता, धन्‍यवाद.'
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