कोरोना की कम टेस्टिंग तीसरी लहर को आमंत्रित कर रही है! विशेषज्ञों ने चेताया

कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना, दिल्ली और उत्तराखंड राज्यों ने पिछले 14 दिनों में कोरोना टेस्टिंग की रफ्तार घटा दी है

कोविड-19 से जुड़ी जांच बढ़ाने की पैरवी करते हुए टीएसी के सदस्य एवं ‘पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ में महामारी विज्ञान के प्रोफेसर, डॉ. गिरिधर आर बाबू ने कहा कि जिन लोगों की जांच नहीं हुई वे संक्रमण को और फैला सकते हैं.

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    बेंगलुरु. कर्नाटक में रोजाना होने वाली कोविड-19 संबंधी जांच (Karnataka Covid-19 Testing) को 1.9 लाख से कम करके करीब 93000 कर राज्य वैश्विक महामारी की तीसरी लहर को आमंत्रित कर रहा है. राज्य की कोविड-19 तकनीकी सलाहकार समिति (टीएसी) के एक सदस्य ने इसको लेकर आगाह किया है. राज्य में सोमवार को 97,236 नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें से 38,603 लोग संक्रमित पाए गए. वहीं मंगलवार को 93,247 नमूनों की जांच में संक्रमण के 30,309 मामले सामने आए थे.

    यह 28 अप्रैल को 1.72 लाख और 24 अप्रैल को की गई 1.9 लाख जांचों से काफी कम है. कोविड-19 से जुड़ी जांच बढ़ाने की पैरवी करते हुए टीएसी के सदस्य एवं ‘पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ में महामारी विज्ञान के प्रोफेसर, डॉ. गिरिधर आर बाबू ने कहा कि जिन लोगों की जांच नहीं हुई वे संक्रमण को और फैला सकते हैं.

    तीसरी लहर से अधिक लोग होंगे संक्रमित
    बाबू ने कहा, ‘‘ इस तरह से हम तीसरी लहर को आमंत्रित कर रहे हैं और इससे यह तेजी से फैलेगा, जिससे अधिक लोग संक्रमित होंगे…..’’ उन्होंने कहा, ‘‘ अधिक जांच करना ही अभी इसका एकमात्र समाधान है.’’ जांच कम करना खर्चे कम करने का सरकार एक तरीका होने के सवाल पर बाबू ने कहा कि जिंदगी की कीमत की तुलना जांच किट की कीमत से नहीं की जा सकती.


    बेंगलुरु में कम टेस्टिंग पर जाहिर की चिंता
    उन्होंने बेंगलुरु में हर सप्ताह होने वाली जांच को छह लाख से कम करके दो लाख करने के फैसले पर भी चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा, ‘‘यह सही नहीं है. मेरे अनुसार, इससे कोई मदद नहीं मिलेगी.’’ आंकड़ों के अनुसार, राज्य में संक्रमण से 525 और लोगों की मौत के बाद इससे जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 22,838 हो गई. वहीं, राज्य में कोविड-19 के 30,309 नए मामले आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 22,72,374 हो गई.