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कर्नाटक: विधान परिषद के सभापति बसवराज होरात्ती का ऐलान, जल्‍द भाजपा में होंगे शामिल

कर्नाटक विधान परिषद के सभापति बसवराज होराती जल्‍द भाजपा में शामिल होंगे. (प्रतीकात्‍मक तस्वीर)

कर्नाटक विधान परिषद के सभापति बसवराज होराती जल्‍द भाजपा में शामिल होंगे. (प्रतीकात्‍मक तस्वीर)

कर्नाटक (Karnataka) विधान परिषद के सभापति बसवराज होराती ने मंगलवार को यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister ...अधिक पढ़ें

बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) विधान परिषद के सभापति बसवराज होराती ने मंगलवार को यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) से मुलाकात की और कहा कि वह जल्द ही भाजपा (BJP) में शामिल होंगे. होराती को आगामी विधान परिषद चुनावों में पश्चिम शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा की ओर से उम्मीदवार बनाये जाने की संभावना है. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार, मंत्री कोटा श्रीनिवास पुजारी भी इस दौरान उपस्थित थे. पुजारी, विधान परिषद में सदन के नेता भी हैं.

होराती ने कहा, ‘मैं विधान परिषद के सभापति के रूप में जल्द ही इस्तीफा दे दूंगा. उसके बाद, एक तारीख तय की जाएगी (भाजपा में शामिल होने के लिए) और मैं आगामी चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ूंगा. शाह ने पार्टी में शामिल होने के मेरे फैसले पर खुशी व्यक्त की और कहा कि मेरे जैसे लोगों के शामिल होने से पार्टी को फायदा होगा.’ पत्रकारों से बातचीत करते हुए वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनके तुरंत इस्तीफा देने में कुछ तकनीकी मुद्दे हैं, क्योंकि उप सभापति का पद खाली है, और इन मुद्दों के समाधान के बाद वह सभापति के पद से इस्तीफा दे देंगे और जल्द ही भाजपा में शामिल हो जायेंगे.

होराती 1980 से अब तक लगातार सात बार विधान पार्षद निर्वाचित हुये हैं. इसके साथ ही उन्होंने जद (एस) के साथ लंबे समय से चला आ रहा अपना नाता तोड़ लिया है. इधर, राज्‍य में हो रहे आंदोलनों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है.  EWS व OBC आरक्षण आंदोलन के कारण भाजपा को अगले चुनाव से पहले रणनीति बनानी होगी. यहां जाति की राजनीति एक बार फिर मुद्दा बन रही है. विभिन्न जातियां आरक्षण की अपनी लड़ाई को पुनर्जीवित करने के लिए फिर से लामबंद हो रही हैं. वर्तमान में, ईडब्ल्यूएस कोटा कर्नाटक में केंद्र सरकार की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित है और इसे राज्य सरकार की नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में भी विस्तारित करने की जोरदार मांग की जा रही है. यदि इसे कर्नाटक में लागू किया जाता है, तो इससे राज्य में पांच समुदायों ब्राह्मण, वैश्य, जैन, मुदलियार और नायर को लाभ होगा.

Tags: BJP, Home Minister Amit Shah, Karnataka

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