पीएम मोदी के खिलाफ कर्नाटक के मंत्री की अभद्र टिप्पणी पर भड़की भाजपा

कर्नाटक सरकार के मंत्री आर. रोशन बेग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कथित तौर पर अभद्र शब्दों का इस्तेमाल कर आज विवाद पैदा कर दिया. भाजपा ने बेग के बयान पर आक्रोश जाहिर करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है.

भाषा
Updated: October 13, 2017, 8:39 PM IST
पीएम मोदी के खिलाफ कर्नाटक के मंत्री की अभद्र टिप्पणी पर भड़की भाजपा
पीएम नरेंद्र मोदी (PTI image)
भाषा
Updated: October 13, 2017, 8:39 PM IST
कर्नाटक सरकार के मंत्री आर. रोशन बेग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कथित तौर पर अभद्र शब्दों का इस्तेमाल कर आज विवाद पैदा कर दिया. भाजपा ने बेग के बयान पर आक्रोश जाहिर करते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है.

बेग ने तीन दिन पहले पुलिकेशिनगर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की थी. इस इलाके में तमिलों की आबादी अच्छी-खासी है. बेग की टिप्पणी पर विवाद उस वक्त पैदा हुआ जब तमिल भाषा में उनकी ओर से दिए गए भाषण की वीडियो क्लीपिंग आज टीवी चैनलों द्वारा प्रसारित की गई.

कांग्रेस नेता ने अपने भाषण में कहा, ‘‘जब मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर सत्ता में आए तो उनके समर्थकों ने कहा कि वह हमारा बेटा है, लेकिन अब क्या हो गया? उन्होंने 1000 रुपए का नोट बंद कर दिया. 500 रुपए के नोट पर पाबंदी लगा दी. अब वही लोग उन्हें कोस रहे हैं.’’ अपना भाषण जारी रखते हुए उन्होंने एक अभद्र टिप्पणी की.

इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेसियों ने नहीं, बल्कि गुजरातियों और मारवाड़ियों ने भाजपा का समर्थन किया था और अब वही ये बात कह रहे हैं.’’ शहरी विकास मंत्री बेग की टिप्पणी पर भड़की भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की. भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे ने कहा कि बेग की टिप्पणी ‘‘कांग्रेस की संस्कृति’’ को दिखाती है.

शोभा ने कहा कि बेग को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए और मुख्यमंत्री एस सिद्धारमैया को उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करना चाहिए. भाजपा प्रवक्ता मधुसूदन ने कहा कि मोदी सिर्फ भाजपा के नहीं बल्कि पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘बेग को अपनी जुबान पर लगाम लगानी चाहिए. वरना हम उसी भाषा में पलटवार के लिए मजबूर हो जाएंगे जैसी भाषा वह समझते हैं.’’ पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल सेक्यूलर के अध्यक्ष एच डी देवगौड़ा ने बेग की टिप्पणी की आलोचना की.

उन्होंने कहा, ‘‘चाहे किसी की भावनाएं जैसी भी हों.....उसे सीमा नहीं पार करनी चाहिए. लोगों को मुद्दों पर बात करनी चाहिए और अपनी भाषा का ख्याल रखना चाहिए.’’
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर