देवगौड़ा ने पहले कही कर्नाटक में मध्यावधि चुनाव की बात, फिर मारा यू-टर्न

कर्नाटक में हर कोई मध्यावधि चुनाव की बात करता है, लेकिन कोई भी विधायक चुनाव में नहीं जाना चाहता है. बीजेपी ने भी जेडीएस और कांग्रेस विधायकों को साधने की कोशिश बंद कर दी है.

News18Hindi
Updated: June 22, 2019, 5:58 AM IST
देवगौड़ा ने पहले कही कर्नाटक में मध्यावधि चुनाव की बात, फिर मारा यू-टर्न
कर्नाटक में हर कोई मध्यावधि चुनाव की बात करता है, लेकिन कोई भी विधायक चुनाव में नहीं जाना चाहता है. बीजेपी ने भी जेडीएस और कांग्रेस विधायकों को साधने की कोशिश बंद कर दी है.
News18Hindi
Updated: June 22, 2019, 5:58 AM IST
कर्नाटक में शुक्रवार को 5 घंटे के अंदर तीन विरोधाभासी बयान आए. दिन की शुरुआत में पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) के प्रमुख एचडी देवगौड़ा ने कहा कि कर्नाटक में कभी भी मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं.

राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के पिता एचडी देवगौड़ा के इस बयान के बाद सूबे में सियासी हलचल तेज हो गई. जेडीएस नेताओं ने कहा कि वे पार्टी अध्यक्ष के खिलाफ नहीं बोल सकते हैं. कांग्रेस नेता गठबंधन को बचाने की बात कर रहे थे. वहीं, बीजेपी नेता राज्य में मध्यावधि चुनाव होने पर जीतने वाली सीटों की गणना करने लगे.

फिर कहा - पार्टी को फिर खड़ा करने को कर रहा हूं कड़ी मेहनत 

चार घंटे बाद गौड़ा ने कहा, 'मैं पार्टी को पुनर्जीवित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं क्योंकि अगले साल स्थानीय निकाय चुनाव हैं. हमने जो आधार खो दिया है, उसका निर्माण करना चाहता हूं. रीजनल पार्टियों को राज्य के हित में जीवित रहना चाहिए.'

जेडीएस प्रमुख का यू-टर्न, कहा - यह गठबंधन सरकार जारी रहेगी 

एक घंटे बाद जेडीएस पार्टी की बैठक में गौड़ा ने कहा, "यह गठबंधन सरकार जारी रहेगी. मैं इससे किसी भी तरह से संबंधित नहीं हूं. मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगा, जिससे इस सरकार को नुकसान हो. लेकिन, मैं यह सब देख रहा हूं. इस गठबंधन सरकार की एक साल की उपलब्धियों को याद करने के लिए एक पुस्तिका निकाली गई थी, मौके पर केवल चार मंत्री थे.' मुख्यमंत्री कुमारस्वामी और उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता जी. परमेश्वर द्वारा गठबंधन सरकार की एक साल की उपलब्धियों को लेकर एक पुस्तिका जारी करने के एक दिन बाद एचडी देवगौड़ा की टिप्पणी आई है.

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा - एकदूसरे को कर रहे हैं ब्लैकमेल 
बीजेपी प्रवक्ता एस. प्रकाश ने कहा, 'वे गठबंधन के अंदर बेहतर शक्तियां हासिल करने के लिए एक-दूसरे को ब्लैकमेल कर रहे हैं.' वहीं, न्यूज18 से बात करते हुए बीजेपी प्रवक्ता विवेक रेड्डी ने कहा कि यह गठबंधन विकास या धर्मनिरपेक्षता के लिए नहीं बनाया गया है. यह केवल भ्रष्टाचार पर बनाया गया गठबंधन है.'

कांग्रेस नेता ने कहा - मई, 2018 में कुछ मजबूरियां थीं, लेकिन अब नहीं 

कांग्रेस के एक नेता ने न्यूज18 को बताया कि जेडीएस गठबंधन में छोटा साझेदार है. जेडीएस के पास 224 सदस्यीय विधानसभा में सिर्फ 37 सीटें हैं. बीजेपी के पास 105 विधायक हैं, लेकिन विधानसभा में बहुमत के लिए आवश्यक संख्या से कम हैं. कांग्रेस नेता ने कहा, 'उस समय (मई 2018 में, विधानसभा चुनाव के बाद) अन्य मजबूरियां थीं. बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने का विचार था. इसलिए हम बहुत सी चीजों के लिए सहमत हुए, लेकिन अब नहीं.'

देवगौड़ा शुरू से ही करते रहे हैं इस तरह का फ्लिप-फ्लॉप व्यवहार 

यह पहली बार नहीं है कि जेडीएस के अध्यक्ष और पार्टी के अन्य लोगों ने कांग्रेस के खिलाफ बात कही है. राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर संदीप शास्त्री कहते हैं कि देवगौड़ा शुरू से ही इस तरह का फ्लिप-फ्लॉप व्यवहार करते रहे हैं. उनका हर कदम एक स्तर पर कांग्रेस से निपटने और अपनी पार्टी के कैडर को खुश रखने का उनका तरीका है." पिछले चार हफ्तों में जेडीएस ने महसूस किया है कि कांग्रेस ने उनके मैदान में खेल खेला है. लोकसभा चुनावों में तुमकुर और मांड्या जैसे प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में हार के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है.

देवगौड़ा तुमकुर से लोकसभा चुनाव लड़ाने के कारण भी हैं नाराज

तुमकुर सीट से चुनाव लड़ने वाले गौड़ा ने लोगों को बार-बार याद दिलाया कि वह कभी भी वहां से चुनाव नहीं लड़ना चाहते थे. उन्होंने मैसूर को चुना था, लेकिन कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसकी अनुमति नहीं दी. एचडी देवगौड़ा ने कहा कि मैंने कांग्रेस को मल्लिकार्जुन खड़गे को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कहा, लेकिन वे चाहते थे कि कुमारस्वामी मुख्यमंत्री बनें. एक हद तक जेडीएस इस बात से भी चिंतित है कि पार्टी को सत्ता विरोधी भावना से सबसे ज्यादा चोट पहुंची है. गौड़ा ने शायद इसलिए ये सवाल उठाया है कि गठबंधन सरकार के एक साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस के मंत्रियों के गायब होने का सवाल उठाया है.

कार्यकर्ताओं से कहा - गठबंधन में सबको खुश रखना मुश्किल 

गौड़ा ने शुक्रवार दोपहर पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, 'गठबंधन में हर किसी को खुश करना मुश्किल है. गठबंधन को जारी रखने की जिम्मेदारी दोनों पक्षों पर है.' कुछ मोर्चों पर अपने पैर जमाने की कोशिश कर रही कांग्रेस भी जेडीएस से कम नहीं हुई है. गौड़ा लोगों को यह याद दिलाने में कभी विफल नहीं होते हैं कि उनकी पार्टी ने सिद्धारमैया को दो मंत्री बर्थ सरेंडर कर दिए. कांग्रेस के इशारे पर पिछले हफ्ते दो निर्दलीय विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था.

बीजेपी को गठबंधन के टूटने का है इंतजार 

प्रोफेसर संदीप शास्त्री कहते हैं कि जेडीएस के पास कांग्रेस के साथ अधिक सौदेबाजी की शक्ति नहीं हो सकती है. अब बीजेपी को बाहर रखने का कोई सवाल ही नहीं है क्योंकि वह केंद्र में सत्ता में आ गई है. अगर कांग्रेस को डंप करना पड़ता है, तो वह वास्तव में विपक्ष में बैठना पसंद कर सकती है. कर्नाटक में हर कोई मध्यावधि चुनाव की बात करता है, लेकिन कोई भी विधायक चुनाव में नहीं जाना चाहता है. पिछले साल से जेडीएस और कांग्रेस विधायकों को साधने की कोशिश कर रही बीजेपी ने भी अब पूरी तरह से इस कवायद को बंद कर दिया है. पार्टी गठबंधन टूटने का इंतजार कर रही है.

इसे भी पढ़ें :- 

कर्नाटक कांग्रेस में बगावत: सीनियर नेता ने कहा- तालमेल में कमी के कारण हारे लोकसभा चुनाव

लोकसभा चुनावों में बीजेपी की जीत से टूट जाएगी कर्नाटक में जेडीएस-कांग्रेस की सरकार!
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...