कर्नाटक में येडियुरप्पा कैबिनेट की शपथ के साथ BJP में विरोध की सुगबुगाहट

कर्नाटक (Karnataka) में हुए पहले कैबिनेट विस्तार में मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा (BS Yeddiyurappa) के कई वफादार शामिल नहीं हैं. ऐसे में इसके खिलाफ विरोध के सुर उठ सकते हैं.

D P Satish | News18Hindi
Updated: August 20, 2019, 3:07 PM IST
कर्नाटक में येडियुरप्पा कैबिनेट की शपथ के साथ BJP में विरोध की सुगबुगाहट
कर्नाटक (Karnataka) में हुए पहले कैबिनेट विस्तार में मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा (BS Yeddiyurappa) के कई वफादार शामिल नहीं हैं. ऐसे में इसके खिलाफ विरोध के सुर उठ सकते हैं.
D P Satish
D P Satish | News18Hindi
Updated: August 20, 2019, 3:07 PM IST
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा (Karnataka Chief Minister BS Yeddyurappa) ने सत्ता में आने के लगभग एक महीने बाद मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल में 17 मंत्रियों को शामिल किया. मंत्रिमंडल की सूची पर भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) आलाकमान की मुहर लगी है. हालांकि पहली सूची में येडियुरप्पा के कई वफादार शामिल नहीं हैं. ऐसे में इसके खिलाफ विरोध के सुर उठ सकते हैं.

कुछ बड़े नेताओं सहित कम से कम एक दर्जन से अधिक मंत्री पद के दावेदार विधायक राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह से दूर रहे. उनमें से कुछ ने मौका नहीं दिए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की है.

चित्रदुर्ग के वरिष्ठ बीजेपी विधायक जीएच थिप्पारेड्डी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनकी वरिष्ठता की अनदेखी की गई है. उन्होंने मीडियाकर्मियों से कहा कि सभी 'ऐसे' विधायक जल्द ही येडियुरप्पा और बीजेपी आलाकमान पर दबाव डालेंगे ताकि उन्हें भी मंत्री पद मिल सके. उनके नाराज़ समर्थकों ने अपने नेता की अनदेखी के लिए पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी करते हुए, चित्रदुर्ग में गाड़ी टायर में आग लगा दी.

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भावुक हो गए विधायक
छह बार के विधायक और दलित नेता अंगारा पत्रकारों से बातचीत में भावुक हो गए और कहा कि पार्टी की विचारधारा और सिद्धांतों में उनके विश्वास का नेतृत्व द्वारा सम्मान नहीं किया गया है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भी 'पार्टी विरोधी या असंतुष्ट गतिविधियों' में शामिल नहीं होंगे.

एक अन्य विधायक गुलिहट्टी शेखर, 'उनके और अन्य लोगों के साथ हुए अन्याय' पर मुखर दिखे. उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं द्वारा उनके जिले की उपेक्षा की गई है. एक और विधायक रामप्पा लमानी ने उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं करने के लिए येडियुरप्पा पर हमला किया है.
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यह बात दीगर है कि येडियुरप्पा के करीबी कुछ लोग जैसे उमेश कट्टी, मुरुगेश निरानी, ​​बालाचंद्र जरखिहोली, बसंगौड़ा पाटिल यतनल, केजी बोपैया, एसआर विश्वनाथ और अरविंद लिंबावली को मंत्री नहीं बनाया गया है.

जरखिहोली परिवार से किसी कोई भी मंत्री नहीं
15 सालों में पहली बार, जरखिहोली परिवार से किसी को भी मंत्री नहीं बनाया गया है, जबकि यह बात जगजाहिर है कि जरखिहोली के विद्रोह ने एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली जेडीएस-कांग्रेस सरकार गिराने में मदद की थी. लेकिन अपनी ही विधानसभा सीट हार चुके बेलगाम जिले के लक्ष्मण सावदी को उनकी जगह मंत्री बना दिया गया है.

उपमुख्यमंत्री पद की बांट जोह रहे बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अरविंद लिंबावली को भी बाहर रखा गया है. अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि उन्हें भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया जा सकता है. पुराने मैसूर क्षेत्र के महत्वपूर्ण जिलों - मैसूर, कोडागु, चामराजनगर, मंड्या, हसन, बेंगलुरु ग्रामीण और चिकबल्लापुरा को पहले दौर में कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला है.

16 मंत्रियों के पद अभी भी खाली
कर्नाटक मंत्रिमंडल की कुल ताकत 34 है और 16 मंत्रियों के पद अभी भी खाली हैं. इन असंतुष्ट विधायकों में से कुछ उम्मीद कर रहे हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार होने पर उन्हें मौका मिल सकता है लेकिन 17 अयोग्य ठहराए गए विधायकों के सपनों पर पानी पड़ सकता है. अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, येडियुरप्पा ने कुमारस्वामी सरकार को गिराने में उनकी मदद के लिए उनमें से 12 को मंत्री पद देने का वादा किया है.

चूंकि सभी विधायक स्पीकर केआर रमेश कुमार द्वारा अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट गए हैं, इसलिए येडियुरप्पा को तब तक इंतजार करना पड़ सकता है जब तक कि अदालत फैसला नहीं सुनाती.

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First published: August 20, 2019, 2:44 PM IST
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