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कर्नाटकः कांग्रेस-JDS सरकार से दो विधायकों ने समर्थन वापस लिया

News18Hindi
Updated: January 15, 2019, 6:43 PM IST

कर्नाटक के विधायकों ने सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है. समर्थन वापस लेने वाले विधायकों के नाम एच नागेश और आर शंकर हैं.

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  • Last Updated: January 15, 2019, 6:43 PM IST
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कर्नाटक के दो निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है. समर्थन वापस लेने वाले विधायकों के नाम एच नागेश और आर शंकर हैं. एच नागेश मुलाबागिलू सीट से निर्दलीय विधायक हैं, वहीं आर शंकर रेनेबेन्नूर विधानसभा सीट से केपीजेपी के विधायक हैं. बता दें कि वह विधानसभा में केपीजेपी के एकमात्र विधायक हैं.

दोनों विधायकों ने कर्नाटक के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को चिट्ठी लिखी है. इसमें लिखा गया है कि वे जेडीएस और कांग्रेस की गठबंधन सरकार से अपना समर्थन तुरंत प्रभाव से वापस ले रहे हैं. दोनों ने इस संबंध में राज्यपाल से जरूरी कदम उठाने की गुजारिश की है.

इस मामले में कर्नाटक के डिप्टी सीएम जी परमेश्वर ने कहा, "हम लगातार कह रहे हैं कि बीजेपी हमारे विधायकों को पद और पैसे का लालच देने की कोशिश कर रही है. लेकिन हमारी सरकार को गिराने की उनकी सारे कोशिशें नाकाम होंगी."

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बता दें कि एक दिन पहले ही कर्नाटक बीजेपी के एक नेता ने दावा किया था कि सरकार के नाराज विधायक पार्टी के संपर्क में हैं और मकर संक्रांति के बाद कर्नाटक में नई सरकार बनेगी.



सरकार बनाने के लिए बीजेपी को साधने होंगे 14 विधायक
224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा में फिलहाल 104 विधायकों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन की सरकार है, जिनके पास क्रमशः 80 और 37 विधायक हैं. ऐसे में बीजेपी अगर सरकार बनाना चाहती है तो सदन में विधायकों की कुल संख्या 208 से कम होनी जरूरी है. ऐसे में बीजेपी की सरकार बनने के लिए सत्ताधारी जेडीएस और कांग्रेस के कम से कम 14 विधायकों का इस्तीफा जरूरी है.

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बीजेपी नेता ने किया था नई सरकार का दावा
कर्नाटक में बीजेपी के एक सीनियर विधायक ने कहा, 'हाई कमान को लगता है कि अगर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस-जेडीएस एक साथ चुनाव लड़ती हैं, तो बीजेपी के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी. कर्नाटक में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतना बेहद जरूरी है. यह तभी संभव है जब राज्य में हमारी अपनी सरकार होगी. एक बार सत्ता से बाहर होने के बाद जेडीएस अकेले चुनाव लड़ेगी या फिर सर्वाइवल के लिए वह एनडीए में भी शामिल हो सकती है. कांग्रेस का आत्मविश्वास टूट जाएगा. इसीलिए हमारे नेता एक आखिरी बार तख्तापलट की कोशिश कर रहे हैं.'

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हालांकि, कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष और पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा ने इन खबरों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विधायकों का बीजेपी के संपर्क में होने की खबरें सिर्फ अफवाह हैं और उनमें कोई सच्चाई नहीं है.

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कांग्रेस नेता ने लगाया हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप
कांग्रेस के ट्रबल शूटर माने जाने वाले डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा था कि राज्य की गठबंधन सरकार को गिराने के लिए बीजेपी ‘ऑपरेशन कमल’ चला रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के तीन विधायक मुंबई के एक होटल में भाजपा के कुछ नेताओं के साथ डेरा डाले हुए हैं. शिवकुमार ने कहा, 'राज्य में विधायकों की खरीद फरोख्त जारी है. हमारे तीन विधायक भाजपा के कुछ विधायकों और नेताओं के साथ मुंबई के एक होटल में हैं. वहां क्या कुछ हुआ है उन्हें कितनी रकम की पेशकश की गई है, उससे हम अवगत हैं.'

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First published: January 15, 2019, 3:00 PM IST
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