महामारी विशेषज्ञ बोले- कोरोना का नया खतरनाक स्ट्रेन ना पनपा, तो दो से तीन साल प्रभावी रहेगी वैक्सीन

डॉक्टर रवि ने कहा कि इस बारे में आगे वैक्सीन की प्रभाविकता को लेकर रिसर्च किए जाने की जरूरत है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

Covid-19 vaccine: महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर वी. रवि ने कहा कि कर्नाटक में अब तक 933 सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में 26 फीसदी मामले B. 1.617.1 और B.1.617.2 स्ट्रेन के हैं.

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    नई दिल्ली. कर्नाटक के महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर वी. रवि ने कहा है कि कोरोना टीकाकरण (Covid Vaccination) के लिए इस्तेमाल की जा रहीं की प्रतिरोधक क्षमता कम से कम एक साल तक प्रभावी रह सकती है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक एक वेबिनार में बोलते हुए डॉ. रवि ने कहा कि उपलब्ध सबूतों को देखें तो टीका लगवाने व्यक्तियों को दो से तीन साल तक वैक्सीन से सुरक्षा मिलेगी, अगर आने वाले समय में कोरोना के और ज्यादा खतरनाक स्ट्रेन ना उभरें. 'कोविड की तीसरी लहरः टीकाकरण और सुरक्षा' पर महिला पत्रकार एसोसिएशन द्वारा आयोजित वेबीनार में डॉक्टर रवि ने कहा, "टीकाकरण कराने वाले व्यक्ति को दो से तीन साल तक सुरक्षा मिलेगी, अगर भविष्य में वायरस के और खतरनाक स्ट्रेन उभर कर नहीं आते हैं."

    रिपोर्ट में कर्नाटक के स्टेट कोविड टास्क फोर्स कमिटी के सदस्य डॉक्टर रवि के हवाले से कहा गया है कि कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन की पहचान की जरूरत है और इसके लिए कोविड पॉजिटिव स्वैब सैंपल को जेनेटिक सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि भारत में कोरोना की तीसरी लहर का आना तय है. पिछले साल बहुत सारे लोग कह रहे थे कि भारतीयों में व्याप्त 'इम्युनिटी' के चलते सेकेंड वेब नहीं आएगी, जबकि हकीकत में भारत में कोरोना की दूसरी लहर का सामना कर रहा था.

    आगे की प्रभाविकता पर रिसर्च किए जाने की जरूरत
    डॉक्टर रवि ने कहा कि इस बारे में आगे वैक्सीन की प्रभाविकता को लेकर रिसर्च किए जाने की जरूरत है, डॉक्टर रवि का मानना है कि नियमित तौर पर कोविड पॉजिटिव स्वैब सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए ही कोरोना के नए स्ट्रेन का पता लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि कर्नाटक में अब तक 933 सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में 26 फीसदी मामले B. 1.617.1 और B.1.617.2 स्ट्रेन के हैं.

    उन्होंने कहा कि हमें तीसरी लहर के लिए तैयार रहना होगा. यूरोपीय देशों में कोरोना की तीसरी लहर चल रही है और अमेरिका में कोरोना की चौथी लहर के शुरुआती चरण के संकेत मिल रहे हैं. बता दें कि देश में कोरोना की दूसरी लहर के बाद संक्रमण के मामलों में तेजी से गिरावट देखी जा रही है. शनिवार तक पिछले सात दिनों को औसत 2 लाख से कम 1,95,183 है, जोकि अपने चरम 3,91,263 का आधा है, हालांकि संक्रमण के मौत के आंकड़ों में ऐसा ट्रेंड नहीं दिख रहा है.