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तमिलनाडु चुनाव से पहले ही कांग्रेस में कलह, नई टीम के ऐलान पर कार्ति चिदंबरम ने साधा निशाना

234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस के पास 7 विधायक है, जबकि लोकसभा की 39 सीटों में उसके पास 8 सांसद हैं. फोटो - PTI
234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस के पास 7 विधायक है, जबकि लोकसभा की 39 सीटों में उसके पास 8 सांसद हैं. फोटो - PTI

Tamilnadu Congress: पी. चिदंबरम (P. Chidambaram) और बी. मानिकराम (B. Manickam) जैसे नेताओं के होते हुए भी तमिलनाडु में कांग्रेस की निर्भरता डीएमके पर बहुत ज्यादा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 2, 2021, 7:53 PM IST
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नई दिल्ली. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव अब कुछ ही महीने दूर है, लेकिन तमिलनाडु कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं लग रहा. पार्टी की ओर से राज्य के लिए नई टीम के ऐलान के तुरंत बाद ही शिवगंगा से सांसद और पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम (P. Chidambaram) के बेटे कार्ति चिदंबरम (Karti Chidambaram) ने ट्वीट कर नए विवाद को जन्म दे दिया है. न्यूज18 से बातचीत में उन्होंने कहा, "तमिलनाडु कांग्रेस (Tamilnadu Congress) को एक ठोस टीम की जरूरत है, ना कि विशालकाय कमिटियों की. इन बड़ी-बड़ी कमिटियों से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा. चुनाव 90 दिन दूर है और हमें एक ऐसी टीम की जरूरत है, जिसके पास निर्णय लेने की क्षमता और जवाबदेही हो."

कांग्रेस ने तमिलनाडु के लिए 32 उपाध्यक्ष, 57 जनरल सेक्रेटरी, 104 सेक्रेटरी और कोषाध्यक्ष की नियुक्ति की है. घोषणा के साथ ही कार्ति चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, "इन विशालकाय कमेटियों से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा. किसी के पास भी निर्णय लेने की क्षमता ना होने का मतलब है कि कोई जवाबदेही नहीं है." चिदंबरम के बेटे ने अपने ट्वीट में राहुल गांधी (Rahul Gandhi), प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल (KC Venugopal) को भी मेंशन किया.

234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस के पास 7 विधायक है, जबकि लोकसभा की 39 सीटों में उसके पास 8 सांसद हैं. उम्मीद जताई जा रही थी कि कांग्रेस विधानसभा की 25 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है, लेकिन पार्टी पदाधिकारियों की संख्या कांग्रेस को गठबंधन में चुनाव लड़ने के लिए मिलने वाली सीटों की संख्या से बहुत ज्यादा है.



तमिलनाडु ऐसा राज्य है, जहां से कांग्रेस पार्टी में शीर्ष पर बड़े चेहरे हैं. जैसे कि पी. चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम और बी. मानिकराम, लेकिन तमिलनाडु में पार्टी की निर्भरता अपने गठबंधन सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) पर बहुत ज्यादा है. बीते सालों में जयंती नटराजन और खुश्बू जैसे तमिल कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी ज्वॉइन कर ली है. ये ऐसे नेता हैं, जो बहुत ज्यादा वोट तो नहीं जुटा सकते, लेकिन आकर्षण के केंद्र में रहते हैं.
राज्य में पार्टी के मसलों के साथ राष्ट्रीय मुद्दों पर भी कार्ति चिदंबरम काफी मुखर रहते हैं. हालांकि कार्ति ने कांग्रेस के 23 असंतुष्ट नेताओं की ओर से लिखे गए पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया था, लेकिन उनके विचार बागी नेताओं से काफी मिलते हैं. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा, लेकिन दक्षिण के राज्यों में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया. ऐसे में आगामी तमिलनाडु और केरल विधानसभा चुनाव पर सबकी निगाहें हैं.

कांग्रेस के लिए मुश्किल ये है कि बीजेपी ने दक्षिण के राज्यों में अपनी पैठ बनाने के लिए आक्रामक अभियान छेड़ रखा है. हालांकि बीजेपी को दक्षिण में अपनी जगह बनाने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी, फिर भी पार्टी के ट्रैक रिकॉर्ड को देखें तो बीजेपी कांग्रेस को दक्षिण में भी पछाड़ सकती है.

कांग्रेस के सूत्रों ने कार्ति चिदंबरम के सवालों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी को बैलेंस बनाकर चलना होता है और नवनियुक्त पदाधिकारी पार्टी को अंततः मदद ही करेंगे.
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