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कासगंज: दूसरे दिन भी हिंसा, 50 गिरफ्तार, जिले की सीमाएं सील और इंटरनेट बंद

कासगंज हिंसा (Photo: PTI)
कासगंज हिंसा (Photo: PTI)

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि निषेधाज्ञा लागू है. उन्होंने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि कर्फ्यू उठाया गया है या नहीं.

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उत्तर प्रदेश के कासगंज शहर में हिंसा दूसरे दिन भी जारी रही. उपद्रवियों ने तीन दुकानों, दो निजी बसों और एक कार को आग के हवाले कर दिया. गणतंत्र दिवस के मौके पर एक मोटरसाइकिल जुलूस पर पथराव के बाद कासगंज में हिंसा भड़क उठी थी.

हिंसा के कारण हुई क्षति के बारे में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि तीन दुकानों में तोड़फोड़ की गई है. उनके शटर के नीचे पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई. दो निजी बसों में भी पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई. एक खाली पड़े मकान को भी असामाजिक तत्वों ने आग के हवाले कर दिया. शाम को उपद्रवियों ने एक खाली खड़ी कार को भी आग लगा दी.

उन्होंने दावा किया कि आज कोई हिंसा नहीं हुई. हिंसक घटना केवल कल ही हुई थी. कल कुछ असामाजिक तत्वों ने एक मस्जिद के गेट को तोड़ने का प्रयास किया. लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके क्योंकि पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया.



इंटरनेट सेवाएं 28 जनवरी रात 10 बजे तक बंद
इस बीच जिलाधिकारी आर पी सिंह ने कहा कि हिंसा प्रभावित क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं 28 जनवरी रात दस बजे तक बंद कर दी गई हैं. ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहों को रोका जा सके. शहर में कल हिंसा फैलने के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था.

प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने कहा कि कल दो मामले दर्ज किए गए थे. दो मामलों में नौ गिरफ्तारियां की गईं. चालीस और लोगों को एहतियातन गिरफ्तार किया गया. आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक, अलीगढ़ के मंडलायुक्त, अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कल से ही मौके पर हैं. पुलिस महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी डी के ठाकुर को लखनऊ से मौके पर भेजा गया है. वह भी वहां मौजूद हैं.

पीएसी की पांच कंपनियां और रैपिड एक्शन फोर्स की एक कंपनी तैनात
कुमार ने बताया कि पीएसी की पांच कंपनियां और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की एक कंपनी कल ही कासगंज पहुंच गई है. जोन से अतिरिक्त सिविल पुलिस अधिकारी एवं अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गए हैं. आरएएफ की एक और कंपनी मौके पर भेज दी गई है. उन्होंने बताया कि कल की हिंसा में मारे गए लड़के का आज सुबह शांतिपूर्ण अंत्येष्टि के बाद कुछ उपद्रवियों ने शांति भंग करने का प्रयास किया लेकिन उनसे सख्ती से निपटा गया. शहर के बाहरी हिस्सों में आगजनी के छिटपुट प्रयास हुए. दोपहर डेढ बजे के बाद कहीं कोई आगजनी नहीं हुई. कड़ी निगरानी की जा रही है. जिला प्रशासन को निर्देश है कि वह कड़ाई से पेश आए और किसी को कानून हाथ में लेने की अनुमति ना दे. जिलाधिकारी ने धारा- 144 लागू कर दी है. स्थिति नियंत्रण में है.

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि निषेधाज्ञा लागू है. उन्होंने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि कर्फ्यू उठाया गया है या नहीं. वहीं अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) ने कहा कि कुल 50 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं. गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़ सकती है.


जिले की सीमाएं सील
उधर उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बयान में कहा, '26 जनवरी को प्रातः कस्बा कासगंज में कुछ लोग मोटरसाइकिलों पर हाथ में तिरंगा लेकर भारत माता की जय के नारे लगाते हुए भ्रमण कर रहे थे. जुलूस जैसे ही अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र बड्डूनगर के क्षेत्र में पहुंचा तो कुछ उपद्रवी तत्वों द्वारा पथराव व फायरिंग कर दी गई. जिससे दोनों पक्षों में विवाद उत्पन्न हो गया और अफरातफरी मच गई.'

बयान में कहा गया, 'इसी बीच फायरिंग के फलस्वरूप अभिषेक गुप्ता उर्फ चन्दन एवं नौशाद दो नवयुवक गोली लगने से घायल हो गए. घायल चन्दन को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई. नौशाद को गम्भीर अवस्था में अलीगढ़ इलाज के लिए भेजा गया.' रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और पीएसी के जवान लगातार चौकसी कर रहे हैं. जिले की सीमाएं सील कर दी गई हैं. ताकि शांति भंग करने का प्रयास करने वालों को शहर में प्रवेश से रोका जा सके.

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बता दें, विश्व हिन्दू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा निकाली जा रही मोटरसाइकिल रैली पर कल पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी थी. इसके बाद हुई आगजनी और फायरिंग में एक किशोर की मौत हो गई. जबकि दो अन्य घायल हो गए थे.

आनंद कुमार ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के अलावा हमारा प्रयास है कि समुदायों में परस्पर भाईचारा कायम रहे. उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है. पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है.

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके पीछे जिन लोगों का हाथ है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. वहीं उधर उत्तर प्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए सपा प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने कहा कि प्रदेश सरकार को असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. ताकि इससे अन्य ऐसे तत्वों को सबक मिल सके. राज्य सरकार को इस मुददे को गंभीरता से लेना चाहिए. दोषियों को कड़ा दंड दिया जाना चाहिए.

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इस घटनाक्रम पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वीरेंद्र मदान ने कहा कि राज्य सरकार को गंभीरता दिखाते हुए स्थिति पर जल्द नियंत्रण करना चाहिए. अलीगढ़ के मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि कल जिस लड़के की मौत हुई थी, उसकी अंत्येष्टि के बाद लौट रहे कुछ लोगों ने आगजनी और तोड़फोड़ की. इनमें से कुछ को धारा-144 का उल्लंघन करने के लिए गिरफ्तार किया गया है.
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