कोविड-19 के खिलाफ कश्मीर वेंटिलेटर पर: उपकरणों की कमी, सरकारी नीतियों ने समस्या को किया बदतर

कोविड-19 के खिलाफ कश्मीर वेंटिलेटर पर: उपकरणों की कमी, सरकारी नीतियों ने समस्या को किया बदतर
जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है (सांकेतिक फोटो)

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में पिछले दो दिनों में 1400 से अधिक नए मामले (New Cases) सामने आए हैं और सप्ताह के कुछ दिनों में 10 से अधिक लोगों की मौत (Deaths) के साथ घातक घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है.

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(मुफ्ती इस्लाह)

श्रीनगर. Covid​​-19 के खिलाफ कश्मीर की प्रतिक्रिया का शब्दश: वेंटिलेटर (Ventilator) पर है. श्रीनगर प्रशासन (Srinagar administration) वायरस से पीड़ित रोगियों के लिए बेड न होने को लेकर अस्पतालों के बारे में चिंता जाहिर की जा चुकी है. चेस्ट डिजीज हॉस्पिटल (Chest Diseases Hospital) के एक प्रमुख चिकित्सक डॉ. नवीद नज़ीर शाह ने एक छोटा वीडियो ट्वीट (Tweet) किया था, जिसे श्रीनगर प्रशासन ने रीट्वीट किया था, इसमें कहा गया था, “पहले सौ COVID-19 रोगियों की मृत्यु 103 दिनों में और अगले 100 की केवल 15 दिनों में हुई. मामलों में उछाल है और हमारे पास सभी पॉजिटिव रोगियों (Positive Patients) को भर्ती करने के लिए पर्याप्त बेड नहीं हैं.”

शाह चेस्ट डिजीज हॉस्पिटल में विभाग प्रमुख हैं. यह एक प्रमुख संस्थान है जो महामारी (Pandemic) से लड़ने में सबसे आगे है. श्रीनगर के चार अन्य अस्पताल महामारी के क्लस्टर (Cluster) और व्यापक क्षेत्रों में बढ़ रहे मामलों से जूझ रहे हैं. शाह ने कश्मीर के ढहते स्वास्थ्य ढांचे (Health Infrastructure) के बारे में कहा, “अस्पताल (Hospital) भरे हुए हैं और अब लोगों के पास खुद की देखभाल करने और अधिक सावधानी दिखाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. लोगों को मास्क (Mask) पहनना चाहिए, शारीरिक दूरी (Social Distancing) को बनाए रखना चाहिए.”



कश्मीर में संक्रमणों की संख्या 15000 के आसपास पहुंची
पिछले दो दिनों में 1400 से अधिक नए मामले सामने आए हैं और सप्ताह के कुछ दिनों में 10 से अधिक लोगों की मौत के साथ घातक घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है.

260 में 240 मौतें अकेले घाटी में दर्ज की गई हैं, जिनमें से अधिकांश पिछले तीन हफ्तों में हुई हैं. संक्रमण की संख्या 15,000 के आसपास पहुंच रही है, जबकि 3000 मामले श्रीनगर में हैं. हालांकि 8,000 से अधिक लोग ठीक भी हुए हैं.

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प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भारी आलोचनाओं के घेरे में
हालांकि, यह वह सुविधाएं या अभाव है जो घाटी में स्वास्थ्य सेवाओं में कमी को उजागर कर रहा है. स्वास्थ्य विभाग के नीति निर्माता, जमीन पर प्रशासन और अस्पतालों में देखभाल करने वाले लोग खतरे की तैयारी में सक्षम नहीं होने के कारण भारी आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं.
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