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कश्मीर में प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमले को रोकने के लिए केंद्र ने क्या किया? MoS नित्यानंद राय ने बताया

श्रीनगर में सुरक्षा के लिए तैनात सेना के जवान. (फाइल फोटो)

श्रीनगर में सुरक्षा के लिए तैनात सेना के जवान. (फाइल फोटो)

Kashmir Migrant Labourers Terrorist Attacks: एक लिखित जवाब में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि कश्मीर ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. कश्मीर घाटी में प्रवासी मजदूरों (Kashmir Valley Migrant Labourers) पर किसी भी आतंकवादी हमले को रोकने के लिए एक मजबूत सुरक्षा और खुफिया तंत्र लगाया गया है. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय (MoS Nityanand Rai) ने मंगलवार को लोकसभा में यह जानकारी दी. राय लोकसभा सांसद कोस्मे फ्रांसिस्को कैटानो सरडीन्हा के उस सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने पूछा था कि क्या सरकार का इरादा कश्मीर घाटी में प्रवासी मजदूरों पर और अधिक हिंसक हमलों को रोकने का है.

    एक लिखित जवाब में राय ने कहा कि कश्मीर में जहां भी प्रवासी मजदूर काम करते हैं या निवास करते हैं, उन सभी इलाकों में आतंकवादियों के खिलाफ दिन-रात गश्त और सक्रिय अभियान चलाया जा रहा है. इसके अलावा, उन्होंने कहा, “कश्मीर में प्रवासी मजदूरों पर किसी भी आतंकवादी हमले को विफल करने के लिए नाकों पर चौबीसों घंटे चेकिंग, सड़क खोलने वाले सुरक्षा दलों को रणनीतिक बिंदुओं पर पर्याप्त रूप से बढ़ाया जा रहा है.”

    क्या केंद्र का इरादा मजदूरों के उनके मूल स्थानों पर पलायन को रोकने का है?
    इस सवाल का जवाब देते हुए कि क्या केंद्र का इरादा कश्मीर से मजदूरों के उनके मूल स्थानों पर पलायन को रोकने का है? मंत्री ने कहा, “देश के विभिन्न हिस्सों से प्रवासी मजदूर आमतौर पर हर साल अप्रैल या मई के महीने में घाटी में आते हैं और सर्दियों के मौसम में घाटी में अपना मौसमी काम पूरा करने के बाद अपने मूल स्थानों पर लौट जाते हैं.”

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    केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा को बताया कि उन प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिनके सर्दी खत्म होने के बाद घाटी में लौटने की उम्मीद है.

    Tags: Jammu kashmir, Kashmir, Kashmir Valley, Lok sabha, Nityanand Rai

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