Home /News /nation /

दुनिया भर में कश्मीर में सबसे ज्यादा बंद रही हैं इंटरनेट सेवाएं, लेकिन क्या इससे मिली है मदद?

दुनिया भर में कश्मीर में सबसे ज्यादा बंद रही हैं इंटरनेट सेवाएं, लेकिन क्या इससे मिली है मदद?

श्रीनगर में शटडाउन के दौरान पैरामिलिट्री फोर्स के जवान और छाता लेकर जाती हुई बुज़ुर्ग महिला

श्रीनगर में शटडाउन के दौरान पैरामिलिट्री फोर्स के जवान और छाता लेकर जाती हुई बुज़ुर्ग महिला

साल 2016 में कश्मीर में सबसे लंबा शटडाउन रहा जो कि 203 दिनों तक चला. 2012 से 2017 के बीच कुल 16,315 घंटे (680 दिनों) तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं, जिसकी वजह से तीन बिलियन डॉलर यानी दो हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हो चुका है.

अधिक पढ़ें ...
  • News18.com
  • Last Updated :
    आकाश हसन

    भारत में जिस तरह से डिजिटल रिवोल्यूशन की बात हो रही है उसको देखते हुए कश्मीर में होने वाले इंटरनेट शटडाउन की बात करना खासा मायने रखता है. स्टैनफोर्ड यूनीवर्सिटी में हुए एक स्टडी के अनुसार पिछले साल 2018 में भारत में कुल 134 और 2016-17 में 100 से ज्यादा इंटरनेट शटडाउन हुए. इन सभी में सबसे ज्यादा कश्मीर क्षेत्र में हुए.

    यह भी पढ़ें:  JDS विधायक ने कहा- जो मोदी के लिए वोट मांगने आए उसे मार दें 'थप्पड़'

    हालांकि, इस इंटरनेट शटडाउन का उद्देश्य अफवाहों व गलत सूचनाओं को फैलने से रोकना और कानून व्यवस्था को बनाए रखना था. लेकिन ये उद्देश्य शायद ही पूरा हो पाया. स्टडी में बताया गया कि विश्व में हुए कुल शटडाउन में से लगभग आधे अकेले भारत में हुए हैं. इनमें भी अधिकतर कश्मीर में हुए.

    स्टडी में ये भी पाया गया कि न तो ये शटडाउन राष्ट्रीय स्तर पर हुए और न ही किसी राज्य विशेष तक सीमित रहे. खास बात है कि शटडाउन और हिंसा में भी संबंध देखने को मिला. शटडाउन के समय हिंसक वारदातों में बढ़ोत्तरी देखी गई.

    यह भी पढ़ें: हिन्दू बच्चियों के अपरहण पर सुषमा ने मांगी रिपोर्ट, पाक ने इसे बताया आंतरिक मामला
    साल 2016 में कश्मीर में सबसे लंबा शटडाउन रहा जो कि 203 दिनों तक चला. इन विरोध प्रदर्शनों और शटडाउन की वजह से जनजीवन और आजीविका पर खासा फर्क पड़ा. स्टडी के अनुसार भारत में 2012 से 2017 के बीच कुल 16,315 घंटे (680 दिनों) तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं, जिसकी वजह से तीन बिलियन डॉलर यानी दो हज़ार करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हो चुका है.

    देश में हुए कुल ब्लैकआउट का 75 फीसदी राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, और जम्मू कश्मीर में हुआ. इसमें भी 47 फीसदी ब्लैकआउट अकेले जम्मू कश्मीर में हुए. भारत उन कुछ गिने चुने देशों में शामिल है जहां पर सरकार संचार के माध्यम पर रोक लगाती है. स्टडी में यह भी पाया गया है कि ब्लैकआउट की संख्या के साथ-साथ भारत में विरोध प्रदर्शनों की संख्या भी बढ़ रही है.

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

    Tags: Internet users, Jammu and kashmir, Jammu-Kashmir Issue, Stonepelters

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर