• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • कश्मीरियत का मतलब है भारत से जुड़ना, न कि भारत से अलग होना: अमित शाह

कश्मीरियत का मतलब है भारत से जुड़ना, न कि भारत से अलग होना: अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह ने यह बातें लोकसभा में कहीं

गृह मंत्री अमित शाह ने यह बातें लोकसभा में कहीं

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्षी दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जम्मू कश्मीर से संबंधित दोनों बिलों पर समर्थन देना चाहिए.

  • Share this:
भारत सरकार हर हाल में कश्मीर के लोगों की संस्कृति की रक्षा और उस को बरकरार करने के लिए प्रतिबद्ध है. कश्मीर का चतुर्मुखी विकास हो और वहां के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मौका मिले. यही नहीं कश्मीर की तरह जम्मू और लद्दाख के लोगों को भी बराबर विकास और रोजगार में भागीदारी का मौका मिले. यह बातें गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहीं.

गृह मंत्री अमित शाह ने यह बातें जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने और जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन 2019 से विधेयक को पेश करते वक्त कहीं. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जम्मू-कश्मीर से संबंधित दोनों बिलों पर समर्थन देना चाहिए. भारत सरकार के मिशन को सामने रखते हुए गृह मंत्री का सबसे ज्यादा जोर सीमावर्ती इलाकों पर रह रहे लोगों के लिए था. गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती गांवों को आरक्षण की सुविधा से जोड़ने का विधेयक प्रस्तुत किया. जिसे लोकसभा की मंजूरी मिल गई.

इससे पहले अपने वक्तव्य में शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी कि सरकार कश्मीर की जनता से जुड़ी है और वहां की जनता को सभी अधिकार देने के लिए प्रतिबद्ध है. उनका कहना था कि सुरक्षा की दृष्टि से जम्मू-कश्मीर राज्य के चुनाव लोकसभा के साथ नहीं कराए गए, किंतु चुनाव आयोग द्वारा जब भी अनुशंसा की जाएगी तत्काल चुनाव कराए जाएंगे.

जम्मू-कश्मीर सरकार में 3,000 से ज्यादा पद सृजित किए गए जिन पर भर्ती की जा रही है.
जम्मू-कश्मीर सरकार में 3,000 से ज्यादा पद सृजित किए गए जिन पर भर्ती की जा रही है.


'कश्मीर पंडितों के लिए किए कई प्रावधान'

जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद किए जा रहे विकास कार्यों का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर को 80 हजार करोड़ का विशेष पैकेज दिया है. जिसके अंतर्गत 63 बड़े प्रोजेक्ट, 16 सड़कें, 8 पावर प्रोजेक्ट सहित कई विकास परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है. उन्होंने विशेष रूप से लद्दाख में सरकार द्वारा किए जा रहे समुचित विकास के कार्यों का भी उल्लेख किया. गृह मंत्री के अभिभाषण में कश्मीरी पंडितों लिए भी विशेष पैकेज का प्रावधान किया गया है. उन्होँने सदन को यह भी बताया कि कश्मीरी पंडितों के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार में 3,000 से ज्यादा पद सृजित किए गए जिन पर भर्ती की जा रही है. इसके साथ-साथ कश्मीरी पंडितों को कई तरह की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है.

राज्यसभा में बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह
राज्यसभा में बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह


'हमने अनावश्यक लोगों की सुरक्षा हटाई'

सदन में बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि पहले भारत विरोधी बयान देने वालों को सुरक्षा प्रदान की जाती थी, किंतु भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद सभी लोगों की समीक्षा की गई और अनावश्यक रूप से सुरक्षा  प्राप्त कर रहे 919 लोगों की सुरक्षा हटाई गई. उन्होंने अपनी सरकार द्वारा जमात-ए-इस्लामी तथा जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट जैसे संगठनों पर प्रतिबंध लगाने का जिक्र भी किया. जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों पर लगाम पाना हमेशा भारत सरकार के लिए चुनौती भरा कार्य रहा है और इससे कैसे भारत सरकार आने वाले दिनों में निपटे कि इसका मसौदा बताते हुए गृह मंत्री का कहना था की सुरक्षा एजेंसियों के जम्मू कश्मीर में कार्यरत होने के कारण आपसी समन्वय बिठाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है जिसपर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

राष्ट्रपति शासन 6 महीने के लिए बढ़ाया

जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन को 6 महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है और जम्मू कश्मीर आरक्षण संशोधन 2019 बिल को लोकसभा से मंजूरी मिल गई है. कश्मीर से जुड़े इन दोनों मुद्दों को भारत सरकार ने संसद में तब पेश किया जब गृह मंत्री 2 दिन का कश्मीर दौरा करके लौटे. मतलब साफ है कि भारत सरकार संसद के साथ-साथ भारत की जनता को यह भरोसा दिलाना चाहती है कि वह पहले कश्मीर के लोगों की समस्या वहां पर जाकर समझना चाहती है और उसके बाद उसी के हिसाब से नीति तैयार की जा रही है. जिसका सिलसिलेवार तरीके से जिक्र गृह मंत्री ने अपने अभिभाषण में किया. हालांकि कांग्रेस और कुछ विपक्षी दलों ने इस बिल का विरोध किया, लेकिन सरकार ने फिलहाल अपने भाषण से यह जता दिया है कि कश्मीर में आतंक के साथ-साथ विकास के कार्य बराबर उसी गति से जारी रहेंगे.

ये भी पढ़ें-
कश्मीर: पैसे और वर्चस्व के लिए अब आपस में ही लड़ रहे हैं लश्कर और इस्लामिक स्टेट आतंकी

RAW, IB, NSG समेत देश की टॉप 8 एजेंसियों के बॉस में है ये बड़ा कनेक्शन 

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज