आतंकी संगठनों में शामिल होने वाले कश्मीरी युवाओं की संख्या बढ़ी, इस साल 82 कश्मीरी बन चुके हैं आतंकी

जहां एक तरफ सुरक्षाबल आतंकियों का खात्मा कर रहे हैं, वहीं आतंकी गुटों में शामिल होने वाले कश्मीरी युवाओं की बढ़ती संख्या चिंता का सबब बनती जा रही है.

News18Hindi
Updated: July 12, 2018, 7:36 PM IST
आतंकी संगठनों में शामिल होने वाले कश्मीरी युवाओं की संख्या बढ़ी, इस साल 82 कश्मीरी बन चुके हैं आतंकी
सांकेतिक तस्वीर
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Updated: July 12, 2018, 7:36 PM IST
(संदीप बोल)

गुरुवार सुबह शोपियां में हुए ऑपरेशन में सुरक्षाबलों ने दो आतंकियों को मार गिराया. मारे गए दोनों आतंकी इसी साल आतंकी संगठन में शामिल हुए थे. इन दोनों के मारे जाने के साथ ही सुरक्षाबलों द्वारा इस साल मारे गए आतंकियों की संख्या 100 के पार हो गई है. इस साल सेना घाटी में अलग-अलग ऑपरेशन में 101 आतंकियों को मौत के घाट उतार चुकी है.

जहां एक तरफ सुरक्षाबल आतंकियों का खात्मा कर रहे हैं, वहीं आतंकी गुटों में शामिल होने वाले कश्मीरी युवाओं की बढ़ती संख्या चिंता का सबब बनती जा रही है. आंकड़ों पर गौर करें तो इस साल जून तक 82 कश्मीरी युवा आतंकी संगठनों में शामिल हुए, जो कि पिछले पूरे साल में 128 के आंकड़े से ज्यादा दूर नहीं हैं.

सूत्रों की मानें तो रमजान के महीने में युवाओं को बरगलाने के काम में तेजी आई थी. इसी का नतीजा रहा कि मई में 10-14 युवाओं ने आतंकी संगठनों को चुना तो जून में 20 से ज्यादा युवा आतंकी संगठनों में शामिल हुए.

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अगर पिछले साल के आंकड़े पर नजर डाली जाए तो साल 2017 में 128 , साल 2016 में 88 और साल 2015 में 66 युवा आतंकी संगठनों में शामिल हुए थे. इस साल सबसे ज्यादा पुलवामा और शोपियां के युवा आतंकी बने हैं. इन दोनों इलाकों से 20-20 युवाओं के आतंकी संगठनों में शामिल होने की खबर है.

सूत्रों के मुताबिक सबसे ज्यादा युवाओं ने हिजबुल मुजाहिदीन को जॉइन किया. हिजबुल में 40 युवाओं के शामिल होने की खबर है तो बताया जा रहा है कि जैश और लश्कर में 15-15 युवा शामिल हुए.

सुरक्षाबलों की सबसे बड़ी चिंता ये है कि लागातार नए आतंकी भर्ती हो रहे हैं. अप्रैल के महीने में 25 से ज्यादा,  मई में 10-12 तो जून में 20 से ज्यादा युवा आतंकी संगठनों में शामिल हुए. हांलाकि आतंकी बनने के बाद उनकी औसत आयु 3 से 6 महीने से ज्यादा नही होती. सूत्रों की मानें तो इस साल अब तक मारे गए 101 आतंकियों में से 26-27 पाकिस्तानी हैं तो बाकी 74 लोकल हैं.
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