Home /News /nation /

कठुआ गैंगरेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने जुवेनाइल बोर्ड में चल रही आरोपियों की सुनवाई पर रोक लगाई

कठुआ गैंगरेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने जुवेनाइल बोर्ड में चल रही आरोपियों की सुनवाई पर रोक लगाई

कठुआ सामूहिक बलात्कार एवं हत्याकांड : शीर्ष अदालत ने जेजेबी में नाबालिग पर सुनवाई पर रोक लगायी

कठुआ सामूहिक बलात्कार एवं हत्याकांड : शीर्ष अदालत ने जेजेबी में नाबालिग पर सुनवाई पर रोक लगायी

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सात मई, 2018 को इस मामले की सुनवाई कठुआ से पंजाब के पठानकोट में स्थानांतरित कर दी थी और रोजाना सुनवाई का आदेश दिया था.

    नई दिल्ली. उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने कठुआ में आठ साल की लड़की से सामूहिक बलात्कार एवं उसकी हत्या (Kathua Gangrape and Murder Case) में कथित रूप से शामिल एक नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड में सुनवाई पर शुक्रवार को रोक लगा दी. न्यायमूर्ति एन वी रमना, न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने सुनवाई स्थगित कर दी क्योंकि जम्मू कश्मीर प्रशासन ने दावा किया कि जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने उसे वर्ष 2018 में अपराध के समय किशोर ठहराने के निचली अदालत के आदेश को गलती से स्वीकार कर लिया.

    पीठ ने कहा, 'याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पी एस पाटवालिया की दलीलें तथा स्थगन के वास्ते दिये गये आवेदन में कही गयी बातों पर गौर करने के बाद हम आदेश देते हैं कि कठुआ में किशोर न्याय बोर्ड में ....(मामले में) आगे की सुनवाई स्थगित रहेगी.'

    जम्‍मू कश्‍मीर प्रशासन की ओर से यह बात कही गई
    जम्मू कश्मीर प्रशासन की ओर से पेश पाटवालिया ने कहा कि उच्च न्यायालय ने नगर निगम और स्कूल के रिकार्ड में दर्ज जन्मतिथि में विरोधाभासों पर गौर किये बगैर ही निचली अदालत के 27 मार्च, 2018 के आदेश को 11 अक्टूबर, 2019 को गलती से स्वीकार कर लिया.

    2018 में यह मामला कठुआ से पंजाब स्‍थानांतरित
    शीर्ष अदालत ने सात मई, 2018 को इस मामले की सुनवाई कठुआ से पंजाब के पठानकोट में स्थानांतरित कर दी थी और रोजाना सुनवाई का आदेश दिया था. उससे पहले कुछ वकीलों ने अपराध शाखा के अधिकारियों को कठुआ में इस मामले में आरोपपत्र दायर नहीं करने दिया था. विशेष अदालत ने पिछले साल दस जून को तीन व्यक्तियों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी.

    अभियोजन के अनुसार 10 जनवरी, 2018 को आठ साल की एक लड़की को अगवा किया गया था और उसे नशीली दवा देकर चार दिनों तक गांव के एक छोटे मंदिर में उससे बलात्कार किया गया था. बाद में उसकी हत्या कर दी गयी थी.

    ये भी पढ़ें: निर्भया की मां बोलीं- यह अन्याय है, देखती हूं कोर्ट दोषियों को कब तक समय देता है

    ये भी पढ़ें: शाहीन बाग प्रोटेस्ट के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में टली सुनवाई, 10 फरवरी को अगली सुनवाई

    Tags: Jammu kashmir, Kathua rape case, Supreme Court

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर