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'मेरा रेप कर दिया जाएगा' : कठुआ रेप केस की वकील रहीं दीपिका सिंह राजावत को मिलती रहीं धमकियां

'मेरा रेप कर दिया जाएगा' : कठुआ रेप केस की वकील रहीं दीपिका सिंह राजावत को मिलती रहीं धमकियां

दीपिका सिंह रजावत की फाइल फोटो

दीपिका सिंह रजावत की फाइल फोटो

Kathua Case in Hindi: वकील दीपिका सिंह राजावत कोई अनजाना नाम नहीं हैं. जब भी वो ट्रायल कोर्ट जाती थीं तो पुलिस, वकील और याचिकाकर्ताओ की भीड़ उन्हें घूरती थी.

    जब भी कठुआ गैंगरेप मामले का जिक्र होगा तब-तब वकील दीपिका सिंह राजावत का नाम जरूर लिया जाएगा. हालांकि पीड़िता के परिवार ने पिछले साल नवंबर में उनसे केस से वापस ले लिया था. सोमवार को जब इस मामले में फैसला आया तब दीपिका ने ट्वीट कर इस बात की खुशी जाहिर की कि आरोपियों को अदालत ने दोषी करार दे दिया है.

    आठ वर्षीय पीड़िता का मामला उठाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा और पुरस्कार हासिल करने वाली राजावत फैसले के दिन सुबह-सुबह पठानकोट की विशेष अदालत में पहुंचे वकीलों में शामिल थीं. पीड़िता की तरफ से केस लड़ रहीं राजावत को केस छोड़ने के लिए धमकियां मिलीं थीं. उन्हें जान से मारने की धमकी भी मिल रही थी.

    रजावत ने कहा था- मेरा भी रेप किया जा सकता है
    उन्होंने बताया था, 'मैं नहीं जानती मैं कब तक जिंदा हूं. मेरा कभी भी रेप किया जा सकता है. भीड़ मुझे मार सकती है. मुझे नुकसान पहुंचा सकती है. वह कह रहे थे मुझे नहीं छोड़ेंगे. मैं सोमवार को सुप्रीम कोर्ट जा रही हूं. यह बताने की मेरी जान को खतरा है.'

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    NEWS18 से हुई विशेष बातचीत में राजावत ने बताया था कि जब वह यह मामला देख रही थीं तो उन्हें किन-किन विरोधों का सामना करना पड़ा. राजावत ने बताया था कि, 'जब भी घर से बाहर जाती हैं तो मेन गेट को दो तीन बार चेक करती हैं. दीपिका को अपनी जान का ही नहीं, बल्कि पति और बेटी की जान को भी खतरा है.

    कठुआ में 8 साल की बच्ची के रेप और हत्या के केस को अपने हाथ में लेने के बाद से दीपिका और उनके परिवार की जिंदगी में काफी बदलाव आया. चौबीस घंटे इसी तरह चौकन्ना रहना अब उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है.'

    रेप और हत्या की धमकी
    राजावत ने बताया था कि कैसे रोजाना उन्हें रेप और हत्या की सैंकड़ों धमकियां मिल रही हैं, तो उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई. इन धमकियों का असर इतना बुरा था  कि जब से दीपिका ने ये केस अपने हाथ में लिया है उनके दिमाग में ये बात घूमती रहती है कि वो लोग 'एक दिन उन्हें मार देंगे.' केस हाथ में लिए दस महीने के बाद दीपिका ने न्यूज18 से बात की थी. उन्होंने बताया था कि कैसे इस लड़ाई में वो अकेली खड़ी हैं.

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    राजावत को डर है उन्हें या उनके परिवार पर कभी भी हमला किया जा सकता है. उन्हें ये भी लगता है कि उनके परिवार की इज्जत को तार तार करने के लिए भी कुछ किया जा सकता है. उन्हें डर लगा रहता है कि कभी भी कोई आकर उनके घर में नारकोटिक रख दे और उन्हें फंसा दे. इसलिए भी वो अपने घर के तालों, दरवाजों को भी बंद करने के बाद बार बार चेक करती हैं.

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    राजावत कोई अनजाना नाम नहीं हैं. जब भी वो ट्रायल कोर्ट जाती थीं तो पुलिस, वकील और याचिकाकर्ताओ की भीड़ उन्हें घूरती थी. उन्हें सब भौंचक होकर देखते थे. साथ ही उनके पीछे फुसफुसाहट शुरु हो जाती थी. लोग कहते थे-  'न्यूजपेपर और टीवी में अब वो अक्सर दिखती हैं.' इसकी वजह से लोग उन्हें अब पहचानने भी लगे.

    साल 2018 का मामला
    साल 2018 की जनवरी में कठुआ में 8 लोगों द्वारा आठ साल की एक बच्ची का गैंगरेप और फिर उसकी नृशंस हत्या कर दी गई थी. इस मामले के सामने आने पर लोगों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया था. कुछ लोगों ने तो आरोपियों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया था. इसमें खुद रजावत के कुछ सहकर्मी भी शामिल थे. साथ ही वकीलों ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ऑफिस में केस दर्ज होने का भी विरोध किया. फिर जब सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच से मना कर दिया तो फिर इसे पठानकोट ट्रांसफर कर दिया गया था.

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    Tags: Jammu and kashmir, Kashmir news, Kathua Rape, Kathua rape case

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