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कठुआ रेप केस: बच्ची के पिता बोले- हमने उसे गोद न लिया होता, तो आज वो ज़िंदा होती

कठुआ रेप केस: बच्ची के पिता बोले- हमने उसे गोद न लिया होता, तो आज वो ज़िंदा होती

कानून में यह चौंकाने वाला है कि किसी दोषी को नपुंसक बनाने वाला इंजेक्‍शन का खर्च भी उसे ही उठाना होगा. हालांकि दोषी को इंजेक्शन लगाना है अथवा नहीं लगाना इस पर अं‌तिम फैसला कोर्ट के हाथों में होगा. ऐसे में दोषी खुद को इंजेक्‍शन ना लगाने को लेकर कोर्ट में अपील भी दायर कर सकता है. लेकिन कानून के लागू हो जाने के बाद इसके क्रियान्यवन की भी तैयारी की जा रही है.

कानून में यह चौंकाने वाला है कि किसी दोषी को नपुंसक बनाने वाला इंजेक्‍शन का खर्च भी उसे ही उठाना होगा. हालांकि दोषी को इंजेक्शन लगाना है अथवा नहीं लगाना इस पर अं‌तिम फैसला कोर्ट के हाथों में होगा. ऐसे में दोषी खुद को इंजेक्‍शन ना लगाने को लेकर कोर्ट में अपील भी दायर कर सकता है. लेकिन कानून के लागू हो जाने के बाद इसके क्रियान्यवन की भी तैयारी की जा रही है.

Kathua Case in Hindi: बच्ची जम्मू-कश्मीर की सानसार पहाड़ी पर रहने वाले बकरवाल बंजारा समुदाय से थी. परिवार ने उसे गोद लिया था. उनके तीन बच्चे थे, जिनमें गैंगरेप का शिकार होने वाली बच्ची सबसे छोटी थी. दो बेटे हैं जो 11वीं और छठी क्लास में पढ़ते हैं.

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    जम्मू-कश्मीर के कठुआ में पिछले साल 8 साल की बच्ची के साथ हुए गैंगरेप और हत्या के सनसनीखेज मामले में कुछ देर में फैसला आने वाला है. पठानकोट स्पेशल कोर्ट इस केस में मुख्य आरोपी सहित कुल 8 आरोपियों की सजा पर अपना फैसला देगा. इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस की 15 पन्नों की चार्जशीट के आधार पर ग्राम प्रधान समेत 8 लोगों पर आरोप तय हुए हैं.

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    बच्ची जम्मू-कश्मीर की सानसार पहाड़ी पर रहने वाले बकरवाल बंजारा समुदाय से थी. परिवार ने उसे गोद लिया था. उनके तीन बच्चे थे, जिनमें गैंगरेप का शिकार होने वाली बच्ची सबसे छोटी थी. दो बेटे हैं जो 11वीं और छठी क्लास में पढ़ते हैं. बच्ची के पिता इस घटना को याद कर सिहर जाते हैं. वो रोते हुए कहते हैं, 'अगर हमनें उसे गोद (अडॉप्ट) ना किया होता, तो शायद आज वो जिंदा होती.'

    थोड़ा संभलने के बाद बच्ची के पिता आगे बताते हैं, 'वह हर समय मां के साथ रहती थी. हर काम में उनकी मदद करती थी. जब मैं बाहर जाता, तो वह भी साथ जाने की जिद करती.'


    उसे दायां-बायां नहीं मालूम था, हिंदू-मुस्लिम क्या जानेगी?
    आरोपियों को बारे में बच्ची के पिता कहते हैं, 'उन्हें बदला लेना ही था तो वे किसी और से लेते, एक निर्दोष बच्ची ने क्या बिगाड़ा था. उसे यह भी नहीं पता था कि मेरा दायां हाथ कौन है और बायां हाथ कौन-सा है, कभी उसने ये नहीं समझा कि हिंदू क्या होता है और मुसलमान क्या होता है.'

    मामले में 7 लोग गिरफ्तार
    बता दें कि कठुआ केस में पुलिस ने कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से एक को नाबालिग बताया गया. हालांकि, मेडिकल परीक्षण से यह भी सामने आया कि नाबालिग आरोपी 19 साल का है. पूरी वारदात के मुख्य आरोपी ने खुद ही सरेंडर कर दिया था.

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    ये हैं आरोपी
    जिन 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया था उनमें स्पेशल पुलिस ऑफिसर दीपक खजुरिया, पुलिस ऑफिसर सुरेंद्र कुमार, रसाना गांव का परवेश कुमार, असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज, पूर्व राजस्व अधिकारी का बेटा विशाल और उसका चचेरा भाई (जिसे नाबालिग बताया गया) शामिल था. इसके अलावा मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान सांजी राम भी पुलिस की गिरफ्त में है.

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    Tags: Jammu kashmir, Kathua rape case, Supreme Court

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