होम /न्यूज /राष्ट्र /'विपक्षी एकता' के एक और शो में नज़र नहीं आए KCR, लग रहे धोखा देने के आरोप

'विपक्षी एकता' के एक और शो में नज़र नहीं आए KCR, लग रहे धोखा देने के आरोप

File photo of Telangana CM K Chandrasekhar Rao. (PTI)

File photo of Telangana CM K Chandrasekhar Rao. (PTI)

केसीआर की अनुपस्थिति चौकाने वाली है, क्योंकि वह विपक्षी नेताओं में से पहले ऐसे नेता थे, जिन्होंने 2019 के चुनाव के लिए ...अधिक पढ़ें

    राष्ट्रीय राजधानी में विपक्षी एकता का एक और शो तब देखने को मिला, जब क्षेत्रीय राजनीति के धुरंधर चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपना समर्थन दिया, जो आईएएस अधिकारियों की हड़ताल के खिलाफ उप-राज्यपाल के ऑफिस में धरने पर बैठे हैं.

    हालांकि, दिल्ली में होने के बावजूद, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने इस शक्ति प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया. ऐसे में उनपर 'धोखा' देने के आरोप लग रहे हैं.

    केसीआर की गैर-मौजूदगी चौकाने वाली है, क्योंकि वह विपक्षी नेताओं में से पहले ऐसे नेता थे, जिन्होंने 2019 के चुनाव के लिए संघीय मोर्चे का विचार पेश किया था. साथ ही परिवर्तन के लिए विकल्प के तौर पर क्षेत्रीय पार्टियों के समूह का प्रस्ताव रखा था.


    बता दें कि इससे पहले केसीआर ने एचडी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा न लेने का फैसला करके विपक्षी एकता के बड़े कार्यक्रम को छोड़ दिया था.

    तेलंगाना तब भी अलग रहा 15वें वित्त आयोग के लिए नियम और शर्तों, राज्यों पर उसके परिणामों पर चर्चा करने के लिए विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों ने पड़ोसी राज्य आंध्र-प्रदेश में मुलाकात की.


    दिलचस्प बात यह है कि केसीआर ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तेलंगाना से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने 10 मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री से बात की, जिसपर उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया.

    वहीं, तेलंगाना कांग्रेस टीआरएस प्रमुख पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप लगा रही है.

    टीपीसीसी अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा, "केसीआर द्वारा प्रस्तावित संघीय मोर्चे का उद्देश्य बीजेपी को लाभान्वित करना था. केसीआर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं. वह मोदी के सामने अपना मुंह खोलने से डरते हैं. वह केवल अपनी असफलताओं से लोगों का ध्यान हटाने के लिए चाल चल रहे हैं.”

    केसीआर एक अनुभवी राजनेता है. जो हर राजनीतिक कदम सोच-समझकर उठाते हैं. उनके कदम पर राजनीतिक विश्लेषक प्रोफेसर के नागेश्वर ने कहा, "स्पष्ट रूप से  केसीआर मोदी सरकार के खिलाफ कोई ऐसा कदम नहीं उठाएंगे जिससे टकराव हो. अब चाहे वह एचडी कुमारस्वामी का शपथ ग्रहण समारोह हो या फिर 15वें वित्त आयोग को लेकर राज्यों की चिंताएं. केजरीवाल के मामले में, समर्थन देने वाली सभी पार्टियां गैर-बीजेपी और गैर-कांग्रेस थीं. खुद संघीय मोर्चे का विचार देकर इस गुट को अपना समर्थन न देने में उनका पाखंड दिखाई देता है.”


    उन्होंने आगे कहा, “तेलंगाना में बीजेपी का बड़ा आधार नहीं है. राज्य में कांग्रेस मुख्य विपक्षी पार्टी है. इसलिए बीजेपी के लिए सॉफ्ट कॉर्नर दिखाई देता है. अगले साल चुनाव आने वाला है. इसलिए स्पष्ट है कि केसीआर कांग्रेस के साथ किसी गठबंधन के हिस्से के तौर पर नहीं दिखना चाहती.”

    Tags: K Chandrashekhar Rao

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें