Unlock 1.0: दिल्‍ली के अस्‍पतालों में इन बाहरी मरीजों का भी होगा इलाज, केजरीवाल सरकार ने तय किए शर्त

Unlock 1.0: दिल्‍ली के अस्‍पतालों में इन बाहरी मरीजों का भी होगा इलाज, केजरीवाल सरकार ने तय किए शर्त
सीएम अरविंद केजरीवाल ने डॉक्टरों से की अपील (फाइल फोटो)

दिल्ली की सीमा में सड़क दुर्घटना (Road Accident) या एसिड अटैक में कोई व्यक्ति घायल होगा तो उसको पहले की ही तरह इलाज मिलेगा, फिर चाहे पीड़ि‍त कहीं का भी क्‍यों न हो.

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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सिर्फ यहीं के वासियों का ही इलाज हो सकेगा, किसी बाहरी को भर्ती नहीं किया जाएगा. रविवार को इसकी घोषणा के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने दिल्ली के अस्पतालों में इलाज को लेकर औपचारिक आदेश भी जारी कर दिया है. उन्होंने साफ किया है कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों (Hospital), प्राइवेट अस्पताल और नर्सिंग होम में केवल दिल्ली के निवासियों को ही एडमिट किया जाएगा. लेकिन, कुछ ऐसी बीमारियों के मरीजों (Patient) की लिस्ट बनाई गई है, जो किसी भी प्रदेश के हों उनका दिल्ली में इलाज किया जाएगा. साथ ही दिल्ली की सीमा में होने वाले रोड एक्सीडेंट (Road Accident) और एसिड अटैक पीड़ित कहीं के भी हों, उनका दिल्ली में ही इलाज हो सकेगा.

इस बीमारी का कहीं का भी हो मरीज, दिल्ली में मिलेगा इलाज
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली से बाहर के मरीजों को भी एक बड़ी राहत दी है. उन्होंने घोषणा करते हुए कहा है कि कुछ खास तरह के इलाज और ट्रीटमेंट को इस आदेश से छूट दी गई है. जैसे दिल्ली से बाहर का कोई मरीज ट्रांसप्लांटेशन, कैंसर, न्यूरो सर्जरी आदि का इलाज करा रहा है, तो इन मामलों में सबका इलाज किया जाएगा. यही नहीं दिल्ली की सीमा में किसी सड़क दुर्घटना या एसिड अटैक में कोई व्यक्ति घायल होगा, तो उसको पहले की ही तरह इलाज मिलेगा, फिर चाहे पीड़ि‍त कहीं का भी क्‍यों न हो.

सीएम केजरीवाल ने प्राइवेट अस्पतालों पर लगाए यह आरोप
दिल्ली के प्राइवेट अस्पताल कोरोना मरीजों को एडमिट करने, इलाज देने, टेस्टिंग करने और डिस्चार्ज करने में मनमानी कर रहे हैं. दिल्ली सरकार के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं. यही नहीं बिना लक्षण वाले और हल्के लक्षण वाले मरीजों को भी एडमिट किया जा रहा है, जो कि प्रोटोकॉल के खिलाफ है. जिसके बाद अब दिल्ली सरकार ने सभी प्राइवेट अस्पतालों में एक सीनियर नर्सिंग ऑफिसर तैनात करने का फैसला किया है. यह सीनियर नर्सिंग ऑफिसर दिल्ली सरकार के अस्पतालों या दिल्ली सरकार द्वारा चलाए जा रहे अस्पतालों की तरफ से प्राइवेट अस्पतालों में नियुक्त किए जाएंगे. कुल 68 प्राइवेट अस्पतालों में 24×7 सीनियर नर्सिंग ऑफिसर नियुक्त किए जाएंगे.



प्राइवेट अस्पतालों में अब ऐसे एडमिट किए जाएंगे कोरोना मरीज
प्राइवेट अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वो अपने रिसेप्शन या हेल्प डेस्क पर दिए गए परफॉर्मा में उन कोरोना मरीज़ की सारी जानकारी भरेंगे जो एडमिट होने आए हैं. उस जानकारी के आधार पर और प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए सीनियर नर्सिंग ऑफिसर यह तय करेंगे कि उस व्यक्ति को एडमिट किया जाना चाहिए या नहीं. तय परफॉर्मा को भरने के लिए प्राइवेट अस्पतालों को कहा गया है और जिसके आधार पर सीनियर नर्सिंग ऑफिसर कोरोना मरीज़ को प्राइवेट अस्पताल में एडमिट करने पर फ़ैसला लेंगे उसमें मरीज़ का कोरोना टेस्ट स्टेटस, लक्षण, गंभीर बीमारी, ऑक्सीजन मात्रा, सांस लेने की रफ़्तार आदि शामिल हैं

शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी को रोकने के लिए अब सभी प्राइवेट अस्पतालों में दिल्ली सरकार का एक मेडिकल प्रोफेशनल तैनात किया जाएगा

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