केरल: आबकारी अधिकारी रैंक सूची रद्द होने से परेशान युवक ने लगाई फांसी

केरल: आबकारी अधिकारी रैंक सूची रद्द होने से परेशान युवक ने लगाई फांसी
केरल:आबकारी अधिकारी रैंक सूची रद्द होने से परेशान युवक ने लगाई फांसी (सांकेतिक चित्र)

युवक, आबकारी अधिकारी रैंक सूची रद्द हो जाने से तनाव में था. इस सूची में उसने 77वीं रैंक हासिल की थी. पुलिस ने बताया कि अनु का शव रविवार सुबह उसके घर में फंदे से लटका पाया गया.

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तिरुवनंतपुरम. केरल (Kerala) की राजधानी तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) में रविवार को 28 वर्षीय एक युवक ने कथित तौर पर आत्महत्या (Suicide) कर ली. वह नौकरी नहीं मिल पाने से परेशान था. विपक्षी दलों, कांग्रेस और भाजपा ने राज्य की वाम मोर्चा सरकार को उसकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है.

युवक, आबकारी अधिकारी रैंक सूची रद्द हो जाने से तनाव में था. इस सूची में उसने 77वीं रैंक हासिल की थी. पुलिस ने बताया कि अनु का शव रविवार सुबह उसके घर में फंदे से लटका पाया गया. मौके से मिले सुसाइड नोट में कहा गया है कि वह नौकरी नहीं मिल पाने से परेशान था.

अनु के दोस्तों एवं रिश्तेदारों ने पत्रकारों से कहा कि हाल ही में राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) द्वारा आबकारी अधिकारी रैंक सूची रद्द किए जाने के बाद से वह परेशान था. एक रिश्तेदार ने कहा, 'सूची में अनु ने 77वीं रैंक हासिल की थी, लेकिन पीएससी ने सूची रद्द कर दी, जिससे वह अवसाद में चला गया था. वह किसी से बात नहीं कर रहा था और ना ही ठीक से भोजन कर रहा था. वह अंधेरे में अकेले बैठा रहता था.' वहीं, इस मामले को लेकर विपक्षी कांग्रेस और भाजपा ने सत्तारूढ़ वाम सरकार और पीएससी पर निशाना साधा.



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हालांकि, पीएससी के एक सदस्य ने कहा कि आयोग ने पहले ही सूची को 30 जून तक विस्तारित किया था, लेकिन उपलब्ध 66 रिक्तियों के भरने के बाद यह स्वत: ही रद्द हो गई. इस बीच, कांग्रेस की युवा इकाई ने युवक की मौत के मामले को लेकर सोमवार को पीएससी कार्यालय के सामने अनशन करने की घोषणा की.
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