केरल विमान हादसा : DGCA के चीफ बोले- हादसा क्यों हुआ अभी नहीं कह सकते, लेकिन टचडाउन में देरी हुई

केरल विमान हादसा : DGCA के चीफ बोले- हादसा क्यों हुआ अभी नहीं कह सकते, लेकिन टचडाउन में देरी हुई
चालत दल के छह सदस्यों समेत 190 लोगों के साथ दुबई से आ रहा एअर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान शुक्रवार रात भारी बारिश के बीच कोझिकोड हवाई अड्डे पर उतरने के दौरान फिसल गया.

एअर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) का एक विमान शुक्रवार को केरल (Kerala) के कोझिकोड एयरपोर्ट (Kozhikode Airport) के रनवे पर फिसलने के बाद दो हिस्सों में टूट गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 10, 2020, 1:30 PM IST
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नई दिल्ली. केरल में एअर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) के हादसे को लेकर जांच चल रही है. इस बीच नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि इस हादसे की वजह टचडाउन में देरी हो सकती है. बता दें कि चालक दल के छह सदस्यों समेत 190 लोगों के साथ दुबई से आ रहा एअर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान शुक्रवार रात भारी बारिश के बीच कोझिकोड हवाई अड्डे पर उतरने के दौरान फिसल गया. इस हादसे में दोनों पायलट समेत 18 लोगों की मौत हो गई थी.

टचडाउन में देरी!
अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स से बातचीत करते हुए DGCA के प्रमुख अरुण कुमार ने कहा, 'हमें अभी ज्यादा पता नहीं है. हादसे को लेकर जांच चल रही है. जांच टीम को फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वायस रिकॉर्ड भी मिल गया है वो इसकी पड़ताल कर रहे हैं. एयर ट्रैफिक कंट्रोलर से क्या बतचीत हुई इसका भी आकलन किया जा रहा है. हम सभी बस इतना जानते हैं कि टचडाउन देर से हुआ.'

रनवे में कोई दिक्कत नहीं
कुमार ने ये भी कहा कि ये रनवे 9000 फीट का है. इस तरह की फ्लाइट के लिए ये एरिया काफी है. उन्होंने कहा, 'ये रनवे बड़े विमानों के लिए पर्याप्त था, इसलिए छोटे विमान रनवे की लंबाई को लेकर शिकायत नहीं कर सकते. इसलिए अगर आप किसी रनवे पर देर से टचडाउन करते हैं, तो वो जोखिम भरा है. मान लीजिए कि ये 12,000 फीट का रनवे है, और आप 8,000 फीट पर टचडाउन करते हैं, तो आपको दिक्कतें हो सकती हैं. हम सिर्फ ये कह सकते हैं कि ये एक देर से टचडाउन था. विमान फिसल गया और रनवे व सुरक्षा क्षेत्र से आगे निकल गया.'



फिसलन की जांच की गई थी
इससे पहले रविवार को डीजीसीए के महानिदेशक अरुण कुमार ने CNN-News18 से बातचीत में कहा था कि कालीकट हवाई अड्डा 11वां सबसे व्‍यस्‍त एयरपोर्ट है. ऐसा गलत कहा जा रहा है कि फिसलन की जांच नहीं की गई थी. अरुण कुमार ने कहा क‍ि लैंडिंग करते समय पायलट का खराब निर्णय दुर्घटना का कारण है. सुरक्षित लैंडिंग के लिए रनवे पर्याप्‍त लंबा है.
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