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Kerala Election 2021: केरल में CPM ने लागू किया टू-टर्म नियम, 5 मंत्रियों समेत 25 विधायकों का टिकट काटा

केरल के सीएम पिनाराई विजयन  (PTI Photo)

केरल के सीएम पिनाराई विजयन (PTI Photo)

केरल की सत्ताधारी सीपीएम (Communist Party of India Marxist- CPM) ने फैसला किया है कि लगातार दो बार विधायक रहे नेताओं को टिकट नहीं मिलेगा. जानकारों का मानना है कि इससे माकपा को 25 में 15 सीटों पर को नुकसान उठाना पड़ सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 9, 2021, 11:04 AM IST
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तिरुवनंतपुरम. केरल (Kerala) में सत्ताधारी गठबंन एलडीएफ (Left Democratic Front (Kerala) की अगुवाई करने वाले सीपीएम (Communist Party of India (Marxist)) ने फैसला किया है कि जो उसके विधायकों की टेंशन बढ़ा सकता है. सीपीएम (Congress) ने ऐसा फैसला पहली बार किया है. पार्टी ने फैसला किया है कि आगामी केरल विधानसभा चुनाव में (Kerala Assembly Election 2021) दो बार लगातार विधायक रह चुके लोगों को टिकट नहीं मिलेगा. इस नियम के चलते CPM के 25 विधायकों के टिकट कट जााएंगे. इतना ही नहीं माकपा के पोलित ब्यूरो के सेक्रेटेरियट ने लगातार दो बार विधानसभा विधायक रहे नेताओं को टिकट नहीं देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

CPIM के इस फैसले से जिन 25 लोगों के टिकट कटेंगे उसमें विधानसभा स्पीकर समेत 5 मंत्री शामिल हैं. इसके साथ ही 5 विधायक ऐसे हैं जो बीते 6 बार से जीत रहे थे, एक विधायक 5, तीन विधायक 4 और 3 और चार विधायक 3 बार से जीत रहे थे.

विजयन खुद पांच बार के विधायक लेकिन...
CPIM स्टेट कमेटी द्वारा लाए गए इस नियम के चलते कई पार्टी कार्यकर्ता नाराज हैं. मनपंसद नेताओं का टिकट कटने के चलते कमेटी के कुच नेता भी सहमत नहीं हैं. हालांकि CPIM नेता और सीएम पिनराई विजयन ने कहा कि अगले चुनाव से मैं भी इस नियम में आऊंगा, ऐसे में यह नियम सभी के लिए है.
सीएम अब तक पांच बार एमएलए रह चुके हैं लेकिन अब तक दो बार चुनाव नहीं जीत हैं, ऐसे में वह इस नियम से इस बार के लिए बच गये हैं. अगर वह आगामी विधानसभा में अपनी सीट से जीतने में सफल हो जाते हैं तो वह भी अगले चुनाव में टू टर्म पॉलिसी के तहत आ जाएंगे और साल 2026 के चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिल सकेगा.



25 में से 15 सीटों पर कांग्रेस को फायदा?
जिन नेताओं का टिकट काटा गया है उसमें पी जयराजन, एके बालन, टीएम थॉमस इसाक, जी सुधाकरन, सी रविंद्रनाथ और विधानसभा स्पीकर पी श्रीरामाकृष्णन शामिल है. राज्य सरकार में मंत्री रहीं केके शैलजा, तीन बार विधायक रह चुकी हैं, हालांकि उन्हें टिकट मिल रहा है क्योंकि वह दो बार लगातार नहीं जीती हैं. तीन बार विधायक रहीं जे मर्सिकुट्टी को भी टिकट इसी आधार पर टिकट दिया जा रहा है. खुद पांच बार विधायक रह चुके सीएम विजयन को भी टिकट मिलेगा. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि आखिर यह कैसा नियम है कि पांच बार विधायक रहे लोगों को टिकट मिल रहा है लेकिन 2 बार विधायक रहे नेता का टिकट काटा जा रहा है.

सीपीआईएम के इस फैसले पर केरल में न्यू इंडियन एक्सप्रेस के संपादक राजेश अब्राहम ने कहा कि यह दो टर्म का निमय आत्मघाती हो सकता है. कई दिग्गज नेताओं का नाम काटा जा रहा है. कई सीटें ऐसी थीं जहां से सीपीआईएम हर हाल में जीत दर्ज करती. लेकिन अब वहां कांग्रेस के नेताओं के जीतने के चांस ज्यादा बढ़ गये हैं.

अब्राहम का मानना है कि सीपीआईएम की राज्य इकाई और सरकार में अच्युतानंदन के समूह को किनारे लगाने की कोशिश में विजयन खुद यह नियम लेकर आए हैं.  उन्होंने दावा किया कि 25 में 25 सीटों पर सीपीआईएम को नुकसान उठाना पड़ सकता है.
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