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केरल चुनाव: इस बार कमाल करने की उम्मीद में बीजेपी, हैरान कर सकते हैं राजधानी तिरुवनंतपुरम के नतीजे

पीएम मोदी की रैली के दौरान भीड़

पीएम मोदी की रैली के दौरान भीड़

Kerala Assembly Election: केरल विधानसभा चुनाव के लिए 6 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग होगी. भाजपा के घोषणापत्र में सबरीमला के लिए कानून और 'लव जिहाद' के खिलाफ कानून के साथ ही हर परिवार से कम से कम एक सदस्य को रोजगार और हाई स्कूल के छात्रों के लिये मुफ्त लैपटॉप समेत कई वादे किये गए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 3, 2021, 12:33 PM IST
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तिरुवनंतपुरम. केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम बीजेपी के लिए हमेशा एक ऐसा चुनावी मैदान रहा है जहां वो अपने विचारधारा को परखने की कोशिश करते हैं. यहां के त्रावणकोर शाही परिवार का झुकाव बीजेपी की तरफ रहा है. इसके अलावा पिछले कुछ सालों में बीजेपी ने यहां अपनी पैठ मजबूत की है. साल 2009 के लोकसभा चुनाव में ओ राजागोपाल ने CPM-LDF के मोर्चे और कांग्रेस-UDF गठबंधन को कड़ी टक्कर दी थी. राजगोपाल वोटों की गिनती के दौरान शुरुआती कई राउंड में शशि थरूर से आगे चल रहे थे. उन्हें तब भले जीत नहीं मिली थी, लेकिन 7 साल के बाद राजागोपाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए जीत का खाता खोलने में कामयाब रहे. उन्हें तिरुवनंतपुरम के निमोम से जीत मिली थी.

इस बार के चुनाव में जिले की 14 विधानसभा सीटों में से बीजेपी के उम्मीदवार कम से कम चार में जीत दर्ज करने का दम भर रहे हैं. जिन चार उम्मीदवारों से जीत की उम्मीद जताई जा रही है वो हैं- पूर्व राज्य प्रमुख कुम्मानम राजशेखरन (निमोम), राज्य महासचिव सोभा सुरेंद्रन (कजाककुट्टम), अभिनेता कृष्ण कुमार (तिरूवनंतपुरम-शहर) और वरिष्ठ नेता वीवी राजेश (वट्टीयोर्कवु). इसके अलावा जिले में बीजेपी के दो और उम्मीदवार- पी के कृष्णदास (कट्टकडा) और राज्य सचिव सी शिवंकुट्टी (अरुविककर) विरोधियों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं.

पिनराई विजयन Vs पीएम मोदी?
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए निमोम विधानसभा क्षेत्र के एक वोटर पी मनोज ने बताया कि इस बार का ये चुनावी मुकाबला पिनराई विजयन और पीएम मोदी के बीच है. मनोज एक ऊंची जाति के हिंदू वोटर हैं. उन्होंने कहा, 'इस ज़िले की सारी सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार LDF और UDF को कड़ी टक्कर देंगे. काझाकूट्टम और निमोन में इस बार टक्कर NDA और LDF के बीच है.' बता दें कि मनोज बीजेपी के साइलेंट वोटर रहे हैं. लेकिन इस बार वो खुल कर पार्टी के पक्ष में बात कर रहे हैं.
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क्या कहता है चुनावी रिकॉर्ड?
आंकड़ों पर नज़र डालें तो तिरुवनंतपुरम में बीजेपी को कभी भी 16 फीसदी से ज़्यादा वोट नहीं मिले है. हालांकि साल 2014 के लोकसभा और और 2016 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के कैंडिडेट दूसरे नंबर पर रहे थे. इस बार बीजेपी की निगाहें तिरुवनंतपुरम के ऊंची जाति 'नायर' पर टिकी हैं. हिंदू वोटरों में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी नायर की है. बीजेपी यहां सबरीमला मंदिर का भी मुद्दा उठा रही है.

पीएम मोदी की रैली
पीएम मोदी यहां रैली भी कर चुके हैं. उन्होंने तिरुवनंतपुरम में एक रैली में दोनों प्रतिद्वंद्वी मोर्चों पर निशाना साधते हुए कहा है कि यूडीएफ-एलडीएफ जुड़वां हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कथित सोना तस्करी मामले में राज्य के सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) पर निशाना साधा है और आरोप लगाया कि जिस प्रकार चांदी के चंद टुकड़ों के लिए जूडस ने ईसा मसीह को धोखा दिया, उसी प्रकार एलडीएफ ने सोने के चंद टुकड़ों के लिए केरल को धोखा दिया है.
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