केरल में टूटी 40 साल पुरानी परंपरा, दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे विजयन, वाम मोर्चा की बड़ी जीत

मुख्‍यमंत्री पिनारई विजयन ने की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस. (Pic- ANI)

मुख्‍यमंत्री पिनारई विजयन ने की प्रेस कॉन्‍फ्रेंस. (Pic- ANI)

Kerala Assembly Election Results 2021: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की ऐतिहासिक जीत को जनता को समर्पित किया.

  • Share this:
नई दिल्‍ली. केरल (Kerala Assembly Election Results 2021) में हुए‍ विधानसभा चुनाव के नतीजों में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) दोबारा सरकार बनाने की ओर है. केरल में ऐसा 40 साल बाद हो रहा है कि कोई पार्टी लगातार दूसरी बार विधानसभा चुनाव जीती है. इसके साथ ही चार दशकों बाद यह परिपाटी टूटती नजर आ रही है कि हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होगा. इस बार माकपा की अगुवाई वाला एलडीएफ सत्ता बचाने में कामयाब रहा है. बता दें कि एलडीएफ गठबंधन के दो प्रमुख घटक दल हैं- माकपा और भाकपा.

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने केरल चुनाव के नतीजों पर कहा, ‘मैं केरल के लोगों को अप्रत्याशित तरीके से भरोसा जताने के लिए आभार व्यक्त करता हूं. एलडीएफ की सरकार ने लोगों की चुनौतियों का समाधान निकाला और कोरोना महामारी को भी नियंत्रित किया. महामारी को नियंत्रित कर केरल ने दुनिया के सामने एक नजीर पेश की है.’

वहीं, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की ऐतिहासिक जीत को जनता को समर्पित किया और कहा कि यह साबित हो गया है कि राज्य में सांप्रदायिक राजनीति की कोई जगह नहीं है. कांग्रेस नीत यूडीएफ और भाजपा नीत राजग पर केरल सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए विजयन ने कहा कि लोगों ने वामदलों को निर्णायक जनादेश देकर दुष्प्रचार को खारिज कर दिया.

Youtube Video

विजयन ने कहा कि राज्य के सांप्रदायिक ताने-बाने को कायम रखने के लिए वाम शासन का बने रहना जरूरी है. विजयन ने कहा, 'चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने कई दावे किए. भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव के बाद सरकार बनाने की घोषणा की. उन्होंने ऐसे जताया कि केरल में भाजपा कई सीटें जीत रही है. लेकिन, ऐसा नहीं हुआ.’

बता दें कि पिछले 40 साल में पहली बार केरल में कोई निर्वाचित सरकार अपनी सत्ता बरकरार रखने जा रही है. इससे पहले वाम दल और कांग्रेस नीत यूडीएफ को ही बारी-बारी से जनता ने सत्ता की बागडोर सौंपी है. केरल में भाजपा का खाता भी नहीं खुला है.

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, मंत्रिमंडल के उनके सहयोगी एम एम मणि, के के शैलजा, ए सी मोईद्दीन, के रामचंद्रन, के कृष्णनकुट्टी, टी पी रामकृष्णन और के चंद्रशेखरण भी जीत गए हैं. भाई-भतीजावाद के आरोपों के बाद उच्च शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले के टी जलील तवानूर से जीतने में कामयाब रहे.





‘मेट्रोमैन’ के नाम से मशहूर ई श्रीधरन, पूर्व केंद्रीय मंत्री के जे अल्फोंस, कुम्मनम राजशेखरन, राज्यसभा सदस्य और अभिनेता सुरेश गोपी चुनाव हार गए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज