बीजेपी नेता ने अडूर गोपालकृष्णन से कहा- नहीं बर्दाश्त हो रहे 'जय श्री राम' के नारे तो चांद पर या किसी और देश चले जाएं

फिल्मकार अडूर गोपालकृष्णन के अलावा अपर्णा सेन, गायिका शुभा मुद्गल और इतिहासकार रामचंद्र गुहा, समाजशास्त्री आशीष नंदी सहित 49 नामी शख्सियतों ने 23 जुलाई को यह पत्र लिखा है.

News18Hindi
Updated: July 26, 2019, 6:40 AM IST
बीजेपी नेता ने अडूर गोपालकृष्णन से कहा- नहीं बर्दाश्त हो रहे 'जय श्री राम' के नारे तो चांद पर या किसी और देश चले जाएं
बीजेपी नेता ने कहा, 'आज अगर गांधीजी जीवित होते तो, वे अडूर के घर के आगे बैठकर उपवास रखते.' (अडूर गोपालकृष्णन की फाइल फोटो)
News18Hindi
Updated: July 26, 2019, 6:40 AM IST
मशहूर फिल्मकार अडूर गोपालकृष्णन के धर्म के नाम पर हिंसा फैलाने के खिलाफ आवाज उठाने के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी की केरल इकाई ने गुरूवार को कहा कि अडूर अगर 'जय श्रीराम' के जयकारे को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं तो वे चांद या किसी दूसरे ग्रह पर जाने के लिए स्वतंत्र हैं.

बीजेपी प्रवक्ता बी गोपालकृष्णन की इस टिप्पणी पर विवाद खड़ा होने के बाद अडूर ने कहा कि उनकी पत्र के जरिये उठाई गई आवाज न तो सरकार के खिलाफ है और न ही उनके खिलाफ जो 'जय श्रीराम' का जयकारा लगाते हैं बल्कि ऐसी घटनाओं के खिलाफ हैं जिनमें किसी की पीट पीट कर हत्या कर दी जाती है और उसमें 'जयकारे को युद्धघोष' की तरह प्रयोग किया जाता है.

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और मलयालम फिल्म जगत के लोगों ने अडूर का समर्थन और बीजेपी नेता की टिप्पणी की निंदा की है.

यह भी पढ़ें   समुदाय विशेष की हिंसा को बढ़ावा दे रही है बीजेपी: येचुरी

BJP नेता ने कहा- 

अपनी फेसबुक पोस्ट में बीजेपी नेता ने कहा कि अडूर एक प्रतिष्ठित फिल्मकार हैं लेकिन वह देश की संस्कृति का 'अनादर' नहीं कर सकते.

उन्होंने कहा, 'अगर वे यह (जय श्रीराम) सुनने के इच्छुक नहीं हैं तो कृपया अपना नाम श्रीहरिकोटा में पंजीकृत करा लें और आप चंद्रमा पर जा सकते हैं.'
Loading...

बीजेपी नेता ने कहा, 'आज अगर गांधीजी जीवित होते तो, वे अडूर के घर के आगे बैठकर उपवास रखते.'

यह भी पढ़ें  अब बिहार के सासाराम में दो महिलाओं को क्रूरता से पीटा

नागरिकों ने लिखा पीएम को पत्र

गौरतलब है कि देश में धार्मिक पहचान के कारण घृणा अपराधों के बढ़ते मामलों पर चिंता प्रकट करते हुए प्रबुद्ध नागरिकों के एक समूह ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खुले पत्र में कहा है कि 'जय श्री राम' का उद्घोष भड़काऊ नारा बनता जा रहा है और इसके नाम पर पीट-पीट कर हत्या के कई मामले हो चुके हैं.

फिल्मकार अडूर गोपालकृष्णन के अलावा अपर्णा सेन, गायिका शुभा मुद्गल और इतिहासकार रामचंद्र गुहा, समाजशास्त्री आशीष नंदी सहित 49 नामी शख्सियतों ने 23 जुलाई को यह पत्र लिखा है.

यह भी पढ़ें  मॉब लिंचिंग पर PM को लेटर लिखने पर एक्टर को जान की धमकी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 26, 2019, 6:38 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...