केरल के CM ऑफिस को गोल्ड स्मगलिंग मामले के बारे में पता थाः ED

फाइल फोटोः केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन
फाइल फोटोः केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन

गोल्ड स्मगलिंग केस (Gold Smuggling Case) में बुधवार को ED की ओर कोच्चि की स्पेशल कोर्ट को दी गई जानकारी के बाद मुख्यमंत्री पिनरई विजयन (Pinarayi Vijayan) की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 12, 2020, 5:54 AM IST
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नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को कोच्चि की स्पेशल कोर्ट को बताया कि केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन (Pinarayi Vijayan) के प्राइवेट सेक्रेटरी एम शिवशंकर और मुख्यमंत्री कार्यालय के कुछ अधिकारियों को गोल्ड स्मगलिंग (Gold Smuggling Case) के बारे में पता था. ये पहली बार है जब केंद्रीय जांच एजेंसी ने केरल गोल्ड स्मगलिंग मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय का कनेक्शन जोड़ा है.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी ने कहा कि स्मगलिंग केस की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश ने पूछताछ में जांच एजेंसी को ये जानकारी दी है. पिछले हफ्ते ईडी ने मुख्यमंत्री के अतिरिक्त सचिव रवींद्रन को समन किया था, लेकिन कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के कारण वे पेश नहीं हुए. जांच में शामिल अधिकारियों के मुताबिक एम शिवशंकर और सुरेश के बयान के आधार पर रवींद्रन को समन किया गया था. उत्तरी केरल के कन्नूर से पार्टी नेता रवींद्रन को पिनरई विजयन का बेहद करीबी माना जाता है. रवींद्रन इससे पहले कई और मंत्रियों के साथ कर चुके हैं.

रिमांड स्टेटमेंट में ईडी ने कहा कि लाइफ मिशन और केएफओएन जैसे कई सरकारी ड्रीम प्रोजेक्ट में मिलनी वाली रिश्वत के बारे में एम शिवशंकर को पता था. इसके अलावा शिवशंकर ने इन प्रोजेक्ट से जुड़ी कई अहम जानकारियां भी कंपनियों को लीक की.



रिपोर्ट के मुताबिक, 'शिवशंकर ने कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्टस से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं स्वप्ना सुरेश को लीक की. इन प्रोजेक्ट्स में कुछ प्राइवेट पार्टीज के साथ निश्चित तौर पर रिश्वत का आदान प्रदान हुआ है. ये कोई संयोग नहीं है कि शिवशंकर को गोल्ड स्मगलिंग से जुड़े सभी आरोपियों के बारे में पता है.'
ईडी की ताजा रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए परेशानियां खड़ी कर सकती है, जिन्होंने शिवशंकर की गिरफ्तारी के बाद दूरी बना ली. ईडी ने कहा है कि 'मुख्यमंत्री की टीम में शामिल शिवशंकर और कुछ अधिकारियों को अवैध गतिविधियों के बारे में पूरी तरह पता था.'

बुधवार की सुनवाई के बाद कोर्ट ने एम शिवशंकर की कस्टडी एक और दिन के लिए बढ़ा दी है. 12 नवंबर को कोर्ट में एम शिवशंकर की जमानत याचिका पेश की जाएगी.

गोल्ड स्मगलिंग मामले की जांच के दौरान ईडी को कई अन्य प्रोजेक्ट्स में भी अनियमितताएं मिली हैं. 28 अक्टूबर को एम शिवशंकर की गिरफ्तारी के बाद केरल सरकार ने उनसे दूरी बना ली, लेकिन रवींद्रन केस में पार्टी के लिए पीछा छुड़ा पाना मुश्किल होगा. राज्य सरकार के अलावा पार्टी सचिव कोदियेरी बालाकृष्णन के बेटे बिनीश कोदियेरी की गिरफ्तारी से सीपीआई(एम) की मुश्किलें बढ़ गई है. बिनीश की गिरफ्तारी बेंगलुरु ड्रग केस में हुई है.

केरल में विपक्षी पार्टियों ने जहां मुख्यमंत्री का इस्तीफा का मांगा है, वहीं सीपीआई(एम) का कहना है कि ये राज्य सरकार को अस्थिर करने की चाल है.

विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथाला ने कहा, 'बिना किसी शक सुबहे के ये साबित हो गया है कि मुख्यमंत्री कार्यालय तस्करों और घोटालेबाजों का अड्डा बन गया है.' लेकिन, सत्ताधारी पार्टी के नेता ए विजयराघवन ने केंद्रीय जांच एजेंसी पर हमला बोलते हुए कहा कि केरल में विकास कार्यों को रोकने की ये राजनीतिक चाल है.

केरल में गोल्ड स्मगलिंग मामला 5 जुलाई को सुर्खियों में आया, जब डिप्लोमेटिक कंसाइनमेंट की तरह भेजा गया 30 किलो सोना पकड़ा गया. राष्ट्रीय जांच एजेंसी की अगुवाई में केंद्रीय जांच एजेंसियों की टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है और अभी तक कुल 34 लोगों की गिरफ्तारी हुई है.
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