घर वापसी: पिनराई विजयन बोले- नॉन स्टॉप ट्रेनें चलाए सरकार, बसों के जरिए कोरोना वायरस फैलने का खतरा

घर वापसी: पिनराई विजयन बोले- नॉन स्टॉप ट्रेनें चलाए सरकार, बसों के जरिए कोरोना वायरस फैलने का खतरा
विजयन ने कहा इतनी बड़ी तादाद में लोगों को बसों से इतना लंबा सफर नहीं करने दे सकते.

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Kerala CM Pinrayi Vijayan) ने कहा है कि फंसे हुए मजदूरों को बसों से उनके राज्यों में भेजना व्यवहारिक नहीं है. उन्होंने कहा है कि हमने केंद्र से स्पेशल नॉन स्टॉप ट्रेनों की मांग की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 30, 2020, 6:36 PM IST
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तिरुवनंतपुरम. देश के अलग-अलग राज्‍यों में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मद्देनजर जारी लॉकडाउन (Lockdown) के कारण फंसे लोगों को उनके घर भेजने के लिए गृह मंत्रालय (MHA) की ओर से जारी गाइडलाइंस के बाद कुछ राज्य केंद्र सरकार से इसके लिए ट्रेन चलाने की मांग कर रहे हैं. जिस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में गृह मंत्रालय ने साफ किया है कि फंसे हुए लोगों को बसों से ही अपने राज्यों में जाना होगा. इसे लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Kerala CM Pinrayi Vijayan) ने कहा है कि फंसे हुए मजदूरों को बसों से उनके राज्यों में भेजना व्यवहारिक नहीं है. उन्होंने कहा है कि हमने केंद्र से स्पेशल नॉन स्टॉप ट्रेनों की मांग की है.


विजयन ने कहा कि हमारे राज्य में 3.6 लाख प्रवासी मजदूर हैं. हम इतनी बड़ी तादाद में लोगों को बसों से इतना लंबा सफर नहीं करने दे सकते. इससे बीमारी फैलने का खतरा और बढ़ जाएगा.

वहीं इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस संबंध नें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. गहलोत ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ये मांग की थी कि प्रवासी मजदूरों को अपने राज्यों में छोड़ने के लिए केंद्र सरकार विशेष ट्रेनें चलाए.

गहलोत ने पत्र में लिखा कि अब तक राजस्थान के 6.5 लाख प्रवासी मजदूरों ने राजस्थान आने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है. उन्होंने कहा कि कहा कि देश में लाखों मजदूर फंसे हैं. अशोक गहलोत ने ट्वीट कर इस संदर्भ में जानकारी दी थी.





गहलोत ने लिखा था कि- 
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा श्रमिकों एवं प्रवासियों के अंतरराज्यीय आवागमन के संबंध में बुधवार को जारी किए गए आदेश का स्वागत किया है.

प्रवासियों को सकुशल उनके घर पहुंचाने के लिए राजस्थान सरकार ने एक व्यवस्थित एवं सुगम प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की है जिसमें बुधवार रात तक करीब 6 लाख 35 हजार श्रमिकों एवं प्रवासियों ने अपना पंजीयन कराया है. आने वाले समय में और भी श्रमिक अपना पंजीयन करा सकते हैं. ऐसे में कामगारों की इतनी बड़ी संख्या तथा लंबी दूरी को देखते हुए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाना कामगारों के सुरक्षित घर लौटने का व्यावहारिक समाधान होगा.

गहलोत ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इन लाखों प्रवासियों एवं श्रमिकों के सुरक्षित आवागमन के लिए भारत सरकार को बिना किसी देरी के विशेष ट्रेनों का संचालन प्रारंभ करना चाहिए।


तेलंगाना के मंत्री तालासानी श्रीनिवास यादव ने भी ट्रेन चलाने की मांग की है. उनका कहना है कि लोग इतनी गर्मी में तीन-चार दिन में बस का सफर किस तरह से करेंगे. ऐसे में ट्रेन यात्रा का ज्यादा सुगम माध्यम है.

गृह मंत्रालय ने जारी किए ये निर्देश
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने बुधवार को दिशानिर्देश जारी करके बताया था कि लॉकडाउन के कारण फंसे लोगों को आने जाने की सशर्त अनुमति दी जा रही है. निर्देश में कहा गया था कि ऐसे लोगों के लिए बसों की व्यवस्था करना राज्य की जिम्मेदारी होगी. गाइडलाइंस में यह भी कहा गया था कि बसों को पूरी तरह से सैनेटाइज किया जाए और सोशल डिस्‍टेंसिंग का पूरा खयाल रखा जाए.

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