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केरल के मुख्यमंत्री विजयन नहीं मानेंगे केंद्र की बात, बोले-जनगणना करवाएंगे, लेकिन NPR नहीं

भाषा
Updated: February 6, 2020, 8:26 PM IST
केरल के मुख्यमंत्री विजयन नहीं मानेंगे केंद्र की बात, बोले-जनगणना करवाएंगे, लेकिन NPR नहीं
सीएए के खिलाफ सबसे पहले केरल सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया था. फोटो.पीटीआई

केरल (Kerala) के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) ने गुरुवार को विधानसभा में यह आश्वासन दिया कि राज्य में जनगणना प्रक्रिया तो करवाई जाएगी, लेकिन राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी/एनपीआर (NPR) लागू नहीं की जाएगी.

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तिरुवनंतपुरम. केरल (Kerala) के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) ने गुरुवार को विधानसभा में यह आश्वासन दिया कि राज्य में जनगणना प्रक्रिया तो करवाई जाएगी, लेकिन राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी/एनपीआर (NPR) लागू नहीं की जाएगी. कांग्रेस नीत विपक्षी यूडीएफ (UDF)और सत्ता पक्ष के बीच एनपीआर को लेकर बहस के बाद विजयन ने कहा कि राज्य गणना प्रक्रिया आरंभ करने के निर्देश अधिकारियों को देने वाली केंद्र की अधिसूचना को रद्द नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा, ‘लेकिन हम इस पर रोक लगा सकते हैं. हमने NPR प्रक्रिया रोक दी है. विपक्ष के नेता इस पर जोर दे रहे हैं इसलिए सरकार इस पर विचार करेगी.’

विजयन (Pinarayi Vijayan)  ने सदन में कहा, ‘हमारा फैसला है कि जनगणना होगी हालांकि हम एनपीआर लागू नहीं करेंगे.’सरकार ने दिसंबर में एनपीआर से जुड़ी सभी गतिविधियों को रोकने का आदेश दिया था. विधानसभा अध्यक्ष पी. श्रीरामकृष्णन ने उस स्थगन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी थी, जिसमें एनपीआर से संबंधित चिंताओं का समाधान होने तक जनगणना संबंधी गतिविधियां अस्थायी रूप से रोकने की मांग की गई थी, जिसके चलते विपक्ष ने सदन में हंगामा मचाया. मुख्यमंत्री द्वारा सदन को आश्वस्त करने के बावजूद यूडीएफ के विधायक सदन से चले गए.

केंद्र के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गया है केरल
बता दें कि केरल (kerala) केंद्र सरकार (Central Government) के बनाए नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) जाने वाला पहला राज्य है. केरल ने संविधान के अनुच्छेद 131 (Article 131) का हवाला देकर सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है.

आर्टिकल 131 सुप्रीम कोर्ट को ये अधिकार देता है कि वो केंद्र और राज्यों के बीच के मामलों की सुनवाई करे और उस पर अपना फैसला दे. सुप्रीम कोर्ट में नागरिकता कानून को चुनौती देने वाली करीब 60 याचिकाएं दाखिल की गई हैं. लेकिन राज्य के तौर पर केरल ने सबसे पहले इसे कोर्ट में चुनौती दी है.

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First published: February 6, 2020, 8:26 PM IST
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